
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय

केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने टोक्यो में सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आयोजित भारत-जापान उद्योग गोलमेज बैठक की अध्यक्षता की
श्री पीयूष गोयल ने जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक की; दोनों मंत्री सीईपीए की समीक्षा में तेजी लाने पर सहमत हुए
प्रविष्टि तिथि: 25 AUG 2026 8:11PM by PIB Delhi
केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज टोक्यो में जापान और भारत के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आयोजित एक गोलमेज बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने भारत और जापान के बीच आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग को मजबूत करने में इन उभरते हुए क्षेत्रों (सनराइज सेक्टर) के बढ़ते महत्व पर जोर दिया।
श्री गोयल ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि सेमीकंडक्टर एवं एआई सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में उभर रहे हैं तथा ये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची द्वारा वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान परिकल्पित आर्थिक सुरक्षा साझेदारी के अहम स्तंभ हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम में शामिल उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि इन रणनीतिक क्षेत्रों में भारत और जापान के बीच सहयोग को गहरा एवं व्यापक बनाने में भारत सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा।
केन्द्रीय मंत्री ने भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से बढ़ते अवसरों को रेखांकित किया। अनुमान है कि 2032 तक देश में सेमीकंडक्टर की मांग 150 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगी। उन्होंने सेमीकंडक्टर से संबंधित सरकार की व्यापक रणनीति के बारे में बताया। इस व्यापक रणनीति में चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर मशीनरी एवं सामग्री, फैब्रिकेशन, एटीएमपी/ओएसएटी, अनुसंधान एवं विकास, और प्रतिभा विकास शामिल हैं। उन्होंने बड़े पैमाने पर निवेश को बढ़ावा देने और देश में एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने हेतु ‘सेमीकॉन इंडिया 1.0’ के तहत 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर और ‘सेमीकॉन इंडिया 2.0’ के तहत अतिरिक्त 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सरकारी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
श्री गोयल ने भारत के कुशल और प्रतिभाशाली पेशेवरों के विशाल समूह को जापान की उन्नत तकनीक व इंजीनियरिंग संबंधी क्षमताओं और औद्योगिक विशेषज्ञता के साथ जोड़ने की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के तालमेल से दोनों देशों के बीच निवेश, नवाचार, मैन्यूफैक्चरिंग और प्रौद्योगिकी संबंधी साझेदारी के नए अवसर सृजित हो सकते हैं।
इस गोलमेज बैठक में जापान की लगभग 21 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें टोक्यो इलेक्ट्रॉन, डाइफुकु, प्रेफर्ड नेटवर्क्स, अबेजा, मिनेबेआमित्सुमी, तनाका प्रेशियस मेटल्स टेक्नोलॉजीज, फुजीफिल्म होल्डिंग्स, टोरे इंडस्ट्रीज, निप्पॉन एक्सप्रेस होल्डिंग्स, मिजुहो फाइनेंशियल ग्रुप, क्योसेरा कॉरपोरेशन, फुजी इलेक्ट्रिक, टोक, एयर वॉटर इंक., रोहम, टोमोएगावा कॉरपोरेशन, एमयूएफजी बैंक लिमिटेड, एनईसी कॉरपोरेशन, यामाया इलेक्ट्रॉनिक्स, एएनए ट्रेडिंग और जेट्रो शामिल थे। इस गोलमेज बैठक में भारत के विभिन्न व्यापार मंडलों और व्यापार प्रतिनिधिमंडलों ने भी हिस्सा लिया।
हिस्सा लेने वाली जापानी कंपनियों ने भारत के सेमीकंडक्टर और एआई के क्षेत्रों में बढ़ रहे अवसरों के प्रति विश्वास जताया और ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘डेवलप इन इंडिया’ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इन कंपनियों ने संबंधित क्षेत्रों में अपने कामकाज, क्षमताओं और परियोजनाओं के कार्यान्वयन के बारे में भी केन्द्रीय मंत्री को जानकारी दी।
जापान के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के सुझावों और चिंताओं का जवाब देते हुए, श्री गोयल ने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार उठाए गए मुद्दों पर सक्रियता से काम करेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत इन रणनीतिक क्षेत्रों में भारत-जापान साझेदारी की बड़ी संभावनाओं से पूरी तरह अवगत है। साथ ही, वह तेजी से सार्थक नतीजे पाने हेतु टोक्यो में भारतीय दूतावास और नई दिल्ली में संबंधित मंत्रालयों व विभागों के जरिए उद्योग जगत के साथ सक्रिय रूप से जुड़ेगा।
इससे पहले, श्री गोयल ने 25 अगस्त 2026 को टोक्यो में जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री, महामहिम श्री अकाजावा रयोसेई के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
बैठक के दौरान, दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश सहित द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग की समीक्षा की। साथ ही, उन्होंने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) की समीक्षा में तेजी लाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की, ताकि इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप और उभरते आर्थिक अवसरों के प्रति अधिक अनुकूल बनाया जा सके।
दोनों मंत्रियों ने नए एवं उभरते क्षेत्रों, अगली पीढ़ी के उद्योगों, मैन्यूफैक्चरिंग, तकनीक और नवाचार के मामले में आपसी सहयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन के निजी निवेश के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में हो रही निरंतर प्रगति पर गौर किया, जिससे भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी और अधिक मजबूत हुई है।

Delighted to meet Mr. Akazawa Ryosei, Minister of Economy, Trade and Industry of Japan.
We discussed ways to further strengthen India-Japan trade, investment and industrial cooperation, building on the momentum of Prime Minister Sanae Takaichi’s visit to India for the 16th… pic.twitter.com/j6hpInWuHz
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) August 25, 2026
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पीके/केसी/आर
(रिलीज़ आईडी: 2303409) आगंतुक पटल : 10

