

लखनऊ: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए लागू मौजूदा राष्ट्रव्यापी दिशा-निर्देशों को 30 जून तक जारी करने का आदेश दिया है. मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों से कहा है कि कोरोना संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाने के लिए प्रतिबंध अभी जरूरी है. केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला की तरफ से राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा गया है कि पिछले दिनों यह देखा गया है कि कोरोना के मामलों में कमी आई है. लेकिन अभी भी सख्त निगरानी की बेहद आवश्यकता है. क्योंकि एक्टिव केसों की संख्या अभी भी ज्यादा है.
राज्य सरकार करे जांच
गृह मंत्रालय ने ये भी साफ किया है कि जिन राज्यों के इलाकों में पॉजिटिविटी रेट 10 फीसद से ज्यादा है और हॉस्पिटल में 60 फीसद से ज्यादा बेड भरे हुए हैं, उन इलाकों को संवेदनशील घोषित किया जाए और राज्य सरकार का स्थानीय प्रशासन मामले क्यों बढ़ रहे हैं इसकी जांच करें और इनको कंट्रोल करने के प्रयास किया जाए.
ये है सरकार की नई गाइडलाइन
एक नए आदेश में, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू करने से दक्षिण और पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए मामलों में कमी आई है. उन्होंने कहा, ‘कोरोना के नए मामलों में गिरावट के बावजूद, फिलहाल इलाज करा रहे मरीजों की संख्या अब भी बहुत अधिक है. लिहाजा यह अहम है कि नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू रखा जाए.’
हालांकि गृह मंत्रालय ने महामारी के मद्देनजर जारी दिशा-निर्देशों में कहीं भी लॉकडाउन लागू करने के बारे में कुछ नहीं बताया है. बता दें कि गृह मंत्रालय ने अप्रैल में जारी आदेश में राज्यों से कहा था कि राष्ट्रीय निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए. साथ ही रोकथाम के उपायों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
राज्यों में चल रहे लॉकडाउन को बढ़ाने या घटाने या फिर उसमें कोई ढील दिए जाने कि पूरे अधिकार भी राज्यों को ही दिए गए हैं. अब यह राज्यों को तय करना है कि वह अपने राज्यों में चल रहे लॉकडाउन में कोई ढील देना चाहते है या नहीं.
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