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Ranchi: कोरोना काल में पूरी तरह से बाजार बंद होने व कई तरह के टैक्स में भारी कमी आने के बाद राज्यों की आर्थिक स्थिति का खास्ता हाल हो गया है. ऐसे में जीएसटी काउंसिल की बैठक में झारखंड ने केंद्र से अपने पिछले साल का बकाया मांगा है.

झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने बताया कि केंद्र के पास झारखंड का पिछले साल 2020-21 का बकाया 1516 करोड़ है, वो राशि झारखंड को दे दिया जाए. उन्होंने बैठक में कहा कि झारखण्ड छोटा और गरीब राज्य है.

साथ ही वित्त मंत्री ने कम्पनसेशन की समय सीमा को अगले 5 साल के लिए बढ़ाए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इसे जून 2022 में खत्म न किया जाए. राज्य में पांच साल में स्टेबिलिटी नहीं आयी है, उतार चढ़ाव होता रहा है, हमारा कलेक्शन ज़ीरो पर चला गया है.

झारखंड के वित्त मंत्री ने जीएसटी काउंसिल में झारखंड के हिस्से के बकाये जीएसटी की मांग की तो बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने कहा कि इन्हें तो राजनीति करना है भ्रम फैलाना है कि केंद्र जीएसटी का पैसा नहीं दे रहा है , इसलिए काम नहीं हो रहा है.

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भाजपा विधायक ने कहा कि केंद्र पर आरोप लगाना और खुद कुछ नहीं करना ये कांग्रेस की प्रवृत्ति रही है. ये टूल किट का हिस्सा है. साथ ही जीएसटी काउंसिल से पहले अलग बैठक पर भी बीजेपी विधायक ने निशाना साधते हुए कहा कि 2019 से ही कांग्रेस के लोग और विपक्षी बौखला गए हैं और इतने आतुर हो गए हैं कि इन्हें लगता है कितना जल्दी केंद्र से मोदी जी हट जाएं.

सीपी सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को कोरोना काल मे जीएसटी की वसूली ही कम हुई है, ऐसा तो है नहीं कि केंद्र को राशि मिल गयी और केंद्र राज्यों का हिस्सा रखे हुए है. ऐसा नहीं है.