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मेरठ: 23 अप्रैल 1997 को मेरठ में जुड़वा भाइयों ने जन्म लिया और ग्रेगरी रेमंड राफेल का घर खुशियों से भर दिया. बड़े होते-होते दोनों भाइयों जोफ्रेड वर्गीज ग्रेगरी और राल्फ्रेड जॉर्ज ग्रेगरी ने अपनी शरारतों और हरकतों से पूरे घर का मन लगा रहता था. लेकिन किस्मत को ये उस परिवार की खुशियां शायद मंजूर नहीं थीं. जन्म के ठीक 24 साल बाद 24 अप्रैल 2021 को घर के दोनों लाडले कोरोना संक्रमित हो गए और 13-14 मई को दोनों ने दम तोड़ दिया.

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दोनों भाइयों को अलग करना असंभव था
जुड़वा बेटों के पिता ने बताया कि 23 अप्रैल को दोनों ने अपना 24वां बर्थडे मनाया. पिता का कहना था कि दोनों ने साथ जन्म लिया और साथ ही हर काम किया. उन दोनों को अलग नहीं किया जा सकता था. वे एक साथ सोत, खाते, खेलते-कूदते थे. दोनों भाइयों ने इंजीनियरिंग भी साथ ही की और दुनिया भी दोनों ने साथ ही छोड़ दी. 

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पिता को आभास था या तो दोनों घर आएंगे या कोई नहीं
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुड़वा भाइयों की नौकरी भी हैदराबाद में साथ ही लगी थी. पिता ने बताया कि बर्थडे मनाने के एक दिन बाद ही दोनों की तबीयत साथ खराब हो गई. जांच में पता चला कि उन्हें कोरोना है. पिता का कहना था कि वे इतने डर गए थे कि भगवान न करे किसी एक को भी कुछ हो गया तो दूसरे बेटे को क्या जवाब देंगे. वहीं, बचपन से दोनों भाइयों को पाल-पोस कर बड़ा करने वाले पिता को यह आभास भी था कि वह कभी एक दूसरे से अलग नहीं रहे हैं. इसलिए या तो दोनों सही सलामत घर वापस आ जाएंगे, या दोनों ही कभी घर नहीं आएंगे.

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एक की मौत पर मां ने कह दिया था-दूसरा भी नहीं बचेगा
पिता राफेल ने मीडिया को बताया कि जब पहले बेटे जोफ्रेड की मौत हुई तो उनका मां ने बस यही बोला कि राल्फ्रेड भी नहीं बचेगा. हुआ भी यही. कुछ घंटों बाद ही दूसरे भाई ने भी दम तोड़ दिया. 

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माता-पिता को देना चाहते थे अच्छा जीवन
जोफ्रेड और राल्फ्रेड के माता-पिता का कहना है कि उनके दोनों बेटे एक बेहतर भविष्य के लिए तैयारी कर रहे थे. उन्हें पता था कि बहुत मेहनत कर मां-बाप ने उन्हें पाला पोसा है. इसलिए वह हमें एक आरामदायक जिंदगी देना चाहते थे. दोनों ने हैदराबाद जाकर प्लान किया था कि वह वहां से कोरिया जाएंगे और फिर जर्मनी जाकर एक अच्छी नौकरी करेंगे.

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राल्फ्रेड ठीक हो रहा था, लेकिन भाई की खबर सुनकर…
बताया जा रहा है कि राल्फ्रेड ने आखिरी फोन कर अपनी मां को बताया था कि वह ठीक हो रहा है और जल्द घर आएगा. इसके बाद उसने अपने भाई का हाल-चाल पूछा. मां में इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह जोफ्रेड के मरने की खबर राल्फ्रेड को दे पाएं. इसलिए उन्होंने कहा कि उसे दिल्ली के अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है. लेकिन राल्फ्रेड को न जाने क्या आभास हुआ और उसने मां से कहा कि तुम झूठ बोल रही हो और फोन काट दिया और कुछ घंटों बाद राल्फ्रेड ने भी दम तोड़ दिया.

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