World Reaction on US Attack on Venezuela: राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने शनिवार को वेनेजुएला पर भीषण हमला कर उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया है. अमेरिकी विदेश सचिव के अनुसार उनके खिलाफ अमेरिकी कोर्ट में क्रिमिनल ट्रायल किया जाएगा. अमेरिका की इस हरकत पर रूस, ईरान समेत कई देश भड़क उठे हैं. उन्होंने अमेरिकी हमले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे वेनेजुएला  की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन बताया. वहीं लोकतंत्र पर दूसरों को लेक्चर देने वाला यूरोपीय यूनियन मामले से किनारा करता नजर आ रहा है. 

वेनेजुएला पर अटैक से भड़क उठा रूस

रूस ने अमेरिका के इस हरकत पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की कार्रवाई को बहुत चिंताजनक और निंदनीय बताया. रूस ने कहा कि ऐसी कार्रवाइयों को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सभी बहाने बेकार हैं. विचारधारा की दुश्मनी ने बिजनेस जैसी प्रैक्टिकल सोच और भरोसे और पहले से तय रिश्ते बनाने की इच्छा पर जीत हासिल कर ली है.

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रूस ने जोर देकर कहा कि जिन सभी साझेदारों को एक-दूसरे से शिकायतें हैं, उन्हें बातचीत से हल निकालना चाहिए और आगे बढ़ने से रोकना चाहिए. बयान में आगे कहा गया, लैटिन अमेरिका को वही शांति वाला इलाका बना रहना चाहिए, जैसा उसने 2014 में खुद को बताया था. वेनेजुएला को बिना किसी नुकसान पहुंचाने वाले, मिलिट्री तो छोड़ ही दें, बाहरी दखल के अपनी किस्मत खुद तय करने का हक मिलना चाहिए.

रूस ने आगे कहा कि हम वेनेजुएला के लोगों के साथ अपनी एकजुटता और उनके बोलिवेरियन लीडरशिप के रास्ते के लिए अपने समर्थन को फिर से पक्का करते हैं, जिसका मकसद देश के राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा करना है. 

क्यूबा-ईरान ने भी यूएस को लगाई फटकार

वहीं न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने भी शनिवार को वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका के ‘क्रिमिनल अटैक’ की निंदा की और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से तुरंत जवाब देने की मांग की.

एक सोशल मीडिया पोस्ट में, राष्ट्रपति कैनेल ने कहा कि लैटिन अमेरिका पर बेरहमी से हमला किया जा रहा है. उन्होंने इसे वेनेजुएला के बहादुर लोगों और हमारे अमेरिका के खिलाफ स्टेट टेररिज्म कहा. क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने भी हमले की निंदा की. उन्होंने कहा काराकास और देश के दूसरे इलाकों में बमबारी और मिलिट्री एक्शन एक ऐसे देश के खिलाफ कायरतापूर्ण काम हैं, जिसने अमेरिका या किसी दूसरे देश पर हमला नहीं किया है.

ईरान के मंत्रालय ने भी वेनेजुएला पर अमेरिकी मिलिट्री हमले की कड़ी निंदा की. उसने इस हमले को आक्रामकता की कार्रवाई और यूनाइटेड नेशंस चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों का साफ उल्लंघन बताया. ईरान ने वेनेजुएला के अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, और खुद फैसला करने के अधिकार की रक्षा करने के अधिकार की फिर से पुष्टि की. साथ ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से देश पर अमेरिका के हमले को तुरंत रोककर अपनी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी पूरी करने का आग्रह किया.

अमेरिका में भी शुरू हुआ विरोध

ट्रंप प्रशासन के इस कदम का अमेरिका में भी विरोध हो रहा है. अमेरिकी नेता जिम मेकगवर्न ने ट्रंप के इस कदम की निंदा करते हुए लिखा, ‘कांग्रेस से इजाजत लिए बिना और ज्यादातर अमेरिकियों के सैन्य एक्शन के खिलाफ होने के बावजूद, ट्रंप ने वेनेजुएला पर एक गलत, गैर-कानूनी हमला किया है. वह कहते हैं कि हमारे पास अमेरिकियों के हेल्थकेयर के लिए काफी पैसे नहीं हैं. इसके बावजूद किस तरह हमारे पास जंग के लिए अनलिमिटेड फंड हैं?’

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ब्रिटेन के एक सांसद जेरेमी कॉर्बिन ने ट्रंप के एक्शन की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा, ‘अमेरिका ने वेनेजुएला पर बिना किसी उकसावे के और गैर-कानूनी हमला किया है. यह वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों पर कंट्रोल पाने की एक खुली कोशिश है. यह युद्ध जैसा काम है जिससे लाखों लोगों की जान खतरे में है. इसकी निंदा हर उस व्यक्ति को करनी चाहिए, जो संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून में विश्वास करता है.’

ब्रिटेन की सांसद जारा सुल्ताना ने कहा, ‘वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है और यह कोई इत्तेफाक नहीं है. यह अमेरिका का खुला साम्राज्यवाद है. काराकास पर एक गैर-कानूनी हमला जिसका मकसद एक आजाद सरकार को हटाना और उसके संसाधनों को लूटना है. स्टार्मर की लेबर सरकार को इसकी साफ तौर पर निंदा करनी चाहिए और वेनेजुएला के लोगों के साथ एकजुटता दिखानी चाहिए.’

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स्पेन की स्वास्थ्य मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘किसी देश की आजादी का उल्लंघन करने के लिए एकतरफा सैन्य हमला गलत है. फिर चाहे वह फिलिस्तीन हो, यूक्रेन या वेनेजुएला. हमें तुरंत अंतर्राष्ट्रीय कानून, नियमों, बातचीत और सहयोग पर आधारित दुनिया में लौटना होगा.’

ईयू ने सब कुछ देखकर भी बंद कर लिया मुंह!

यूरोपीय यूनियन के विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि और यूरोपियन कमीशन की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने कहा, ‘मैंने विदेश सचिव मार्को रुबियो और काराकस में हमारे राजदूत से बात की है. ईयू वेनेजुएला के हालात पर करीब से नजर रख रहा है. ईयू ने बार-बार कहा है कि मादुरो के पास लेजिटिमेसी नहीं है और उसने शांतिपूर्ण बदलाव का बचाव किया है. सभी हालात में, अंतर्राष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर के सिद्धांतों का सम्मान किया जाना चाहिए. हम संयम बरतने की अपील करते हैं. देश में ईयू के नागरिकों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.’

स्पेन की वीओएक्स पार्टी के अध्यक्ष सेंटिआगो अबसकल ने लिखा, ‘आज दुनिया थोड़ी ज्यादा आजाद है. हमें इसके लिए खुश होना चाहिए और वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली का सपोर्ट करना चाहिए. मैड्रिड फोरम के अपने साथियों के साथ हम इसके लिए काम करेंगे. इसके उलट, पेड्रो सांचेज (स्पेन के पीएम) बहुत परेशान होंगे. मादुरो का गिरना सांचिस्टा माफिया के लिए अबालोस और सेर्डान की गिरफ्तारी से भी बड़ा झटका है.’

(आईएएनएस)