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संस्‍कृति मंत्रालय

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संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत अकादमियों ने ‘हर घर तिरंगा’ और वंदे मातरम् के 150 वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया

प्रविष्टि तिथि: 15 AUG 2026 8:07PM by PIB Delhi

संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत अकादमियों ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत विभिन्न सांस्कृतिक और सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से देशभक्ति के उत्साह के साथ 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया। देशभर में आयोजित समारोहों में तिरंगा रैलियाँ और यात्राएँ, ध्वजारोहण समारोह, वंदे मातरम् का सामूहिक गायन, देशभक्ति से ओत-प्रोत नाट्य और संगीत प्रस्तुतियाँ, कला एवं चित्रकला कार्यशालाएँ, दीवार चित्रकारी, मिट्टी की कलाकृतियाँ बनाना, पारंपरिक शिल्प, प्रदर्शनियाँ और विद्यार्थियों पर केंद्रित गतिविधियाँ शामिल थीं। इन पहलों ने विद्यार्थियों, कलाकारों, सांस्कृतिक कर्मियों और नागरिकों को एक साथ जोड़ा, जिससे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और विविधता में एकता की भावना प्रदर्शित हुई। साथ ही, देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और सामूहिक सहभागिता की भावना को बढ़ावा मिला तथा 150 वर्षों के वंदे मातरम् का स्मरण किया गया।

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) और देशभर में इसके केंद्रों ने ‘हर घर तिरंगा’ और 80वें स्वतंत्रता दिवस की भावना का उत्सव मनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों और विद्यार्थियों को जोड़ा। एनएसडी ने अपने सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए समारोहों और वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के बारे में जागरूकता पैदा की। साथ ही, नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज के उचित प्रदर्शन के बारे में जागरूक करते हुए तिरंगे के साथ सेल्फी’ पहल में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। 250 से अधिक एनएसडी के सदस्यों ने पोर्टल पर अपनी सेल्फी अपलोड कीं। एनएसडी ने अपने परिसर में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन भी आयोजित किया और 14 अगस्त को मंडी हाउस क्षेत्र में लगभग 400 प्रतिभागियों की रैली निकाली। 15 अगस्त को एनएसडी दिल्ली परिसर में विद्यार्थियों के लिए देशभक्ति पर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अपने क्षेत्रीय केंद्रों में एनएसडी बेंगलुरु ने देशभक्ति पर बाइक रैली और तीन नाटकों का आयोजन किया। एनएसडी टीआईई केंद्र, त्रिपुरा ने ‘हर घर तिरंगा’ को बढ़ावा देने के लिए एक जुलूस निकाला, तिरंगा विषय पर दीवार चित्रकारी परियोजना के लिए ललित कला अकादमी के साथ सहयोग किया और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। एनएसडी वाराणसी केंद्र ने रंग संगीत और देशभक्ति प्रस्तुतियों के साथ रैली का आयोजन किया, जबकि एनएसडी सिक्किम केंद्र ने भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए। श्रीनगर में एनएसडी के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने 14 अगस्त को लाल मंडी में कश्मीरी कलाकारों के साथ वतन के रंग, कश्मीर के संग कार्यक्रम में भाग लिया। इसमें नाट्य, कश्मीरी लोक नृत्य, भांड पाथेर और लाल द्यद वाख प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और समापन जन गण मन के साथ हुआ।

साहित्य अकादमी ने तिरंगा यात्राओं, तिरंगा सेल्फी गतिविधियों, अपने परिसर को तिरंगे से रोशन करने और सजाने तथा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के माध्यम से देशव्यापी समारोहों में भाग लिया। इसने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भी मनाया, जिसमें लगभग 200 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभाजन से जुड़े कष्ट, विस्थापन और मानवीय कीमत को याद किया गया। साथ ही, युवाओं को देश के इतिहास के इस अध्याय से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया तथा शांति, सद्भाव, आपसी सम्मान और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को सुदृढ़ किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से अकादमी ने नागरिकों के राष्ट्र के साथ जुड़ाव को मजबूत करने में साहित्य और सांस्कृतिक सहभागिता की भूमिका को रेखांकित किया।

संगीत नाटक अकादमी ने छत्तीसगढ़ और बस्तर, महाराष्ट्र, गोवा तथा मध्य प्रदेश की लोक और पारंपरिक संगीत विरासत को प्रदर्शित करने वाला पाँच खंडों का विषयगत संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया। प्रस्तुति की शुरुआत मंगल धुन से हुई और इसमें महाराष्ट्र के सामुदायिक उत्सवों की लय, गोवा के कोंकण तट की उत्सव परंपराओं तथा मध्य प्रदेश की स्वदेशी संगीत परंपराओं को प्रस्तुत किया गया। इसका समापन चारों क्षेत्रों के संगीतकारों और वाद्ययंत्रों को एक साथ लाने वाली प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें विविधता में एकता” का संदेश दिया गया। अकादमी ने गणमान्य व्यक्तियों के स्वागत के लिए ताशा, तुतारी, ढोल और शंख की पारंपरिक संगीत प्रस्तुति की भी व्यवस्था की।

ललित कला अकादमी ने अपने मुख्यालय और क्षेत्रीय केंद्रों में दृश्य कला गतिविधियों, रैलियों, कार्यशालाओं और जनभागीदारी कार्यक्रमों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस मनाया। नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में अकादमी ने साहित्य अकादमी और संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से 13 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम और रवींद्र भवन में ध्वजारोहण आयोजित किया। कार्यक्रम के बाद तिरंगा रैली निकाली गई, जिसमें स्कूली बच्चों, कार्यरत कलाकारों, कला प्रेमियों और स्थानीय निवासियों सहित 1,500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

इसके क्षेत्रीय केंद्रों ने भी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया। अगरतला में नजरुल कला क्षेत्र में विद्यार्थियों की रैली और दीवार चित्रकारी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें विद्यार्थियों और वरिष्ठ कलाकारों ने भाग लिया। शिमला में 13 अगस्त को तिरंगा रैली का आयोजन पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, जाखू हिल्स और जवाहरलाल नेहरू फाइन आर्ट्स कॉलेज, शिमला के विद्यार्थियों के साथ किया गया। इसके साथ ही गैटी थिएटर स्थित ललित कला अकादमी आर्ट गैलरी में चित्रकला कार्यशाला भी आयोजित की गई।

अहमदाबाद स्थित क्षेत्रीय केंद्र ने 15 अगस्त को तिरंगा रैली और मिट्टी से कलाकृति निर्माण कार्यशाला का आयोजन विकसित भारत 2047 – मिट्टी से भारत” विषय के तहत किया, जिसमें लगभग 15 स्कूली बच्चों ने भाग लिया। कोलकाता में क्षेत्रीय केंद्र ने हर घर तिरंगा कार्यक्रम, कला कार्यशाला और बैठकर चित्र बनाने की गतिविधि आयोजित की, जिसमें 1,000 से अधिक स्कूली विद्यार्थियों और 300 कार्यरत कलाकारों, कॉलेज विद्यार्थियों तथा कला प्रेमियों ने भाग लिया। इसके बाद 1,500 से अधिक प्रतिभागियों वाली तिरंगा रैली निकाली गई। 15 अगस्त को दोनों परिसरों में ध्वजारोहण समारोह भी आयोजित किए गए और भवनों को तिरंगे की रोशनी से सजाया गया।

लखनऊ क्षेत्रीय केंद्र ने 12 अगस्त को बाल चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया, जिसके बाद 13 अगस्त को तिरंगा रैली निकाली गई, जिसमें लगभग 1,500 लोगों ने भाग लिया। इसके साथ ही देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। 15 अगस्त को केंद्र में ध्वजारोहण समारोह भी आयोजित किया गया। चेन्नई क्षेत्रीय केंद्र ने ध्वजारोहण समारोह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया, जिसमें कर्मचारी, कलाकार और कला प्रेमी शामिल हुए।

कलाक्षेत्र फाउंडेशन ने अपनी चारों इकाइयों में शैक्षिक, कलात्मक और सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से हर घर तिरंगा अभियान 2026 मनाया। अभियान के तहत विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के संकल्प, तिरंगे की रोशनी से सजावट, ध्वज वितरण, तिरंगा-आधारित सजावट और सामूहिक गायन में भाग लिया। विद्यार्थियों ने तिरंगे की थीम पर रंगोली, अपशिष्ट सामग्री से कला निर्माण, मिट्टी से आकृति निर्माण, सब्जी तराशी और सलाद बनाने जैसी गतिविधियों के साथ-साथ स्वच्छ भारत और विकसित भारत पर प्रस्तुतियाँ भी दीं।

फाउंडेशन ने तिरंगा बुनाई, प्राकृतिक रंगाई, कलमकारी कार्य और ध्वज तथा तिरंगा-आधारित हस्तशिल्प तैयार करने सहित पारंपरिक शिल्प गतिविधियाँ भी आयोजित कीं। समारोहों में अनसुने नायकों, वीरांगनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों पर कठपुतली शो, राष्ट्रीय नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों की थीम पर फैंसी-ड्रेस प्रतियोगिता तथा रैलियाँ और सार्वजनिक प्रदर्शनियाँ आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, कलाकारों, शिल्पकारों और आम जनता ने भाग लिया। अभियान का 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ समापन हुआ

अकादमियों के सामूहिक प्रयासों से देशभर के सांस्कृतिक स्थलों में हर घर तिरंगा की भावना को पहुँचाया गया। रंगमंच और संगीत से लेकर चित्रकला, साहित्य, पारंपरिक शिल्प और सामुदायिक सहभागिता तक, इन कार्यक्रमों ने नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं को देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक विरासत के मूल्यों से जुड़ने के लिए विविध मंच प्रदान किए। समारोहों के दौरान 150 वर्षों के वंदे मातरम् का भी स्मरण किया गया और भारत की सांस्कृतिक पहचान में योगदान देने वाली विभिन्न कलात्मक परंपराओं को प्रदर्शित किया गया। इन देशव्यापी पहलों के माध्यम से अकादमियों ने विविधता में एकता और राष्ट्र के प्रति साझा प्रतिबद्धता के संदेश को दोहराया।

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पीके/केसी/एके

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