

Jaipur: ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या गुरुवार को नवसंवत्सर और नए साल का पहला सूर्यग्रहण रहेगा. ज्योतिषविदों के मुताबिक, ग्रहण के भारत में महज दो जगहों पर अदृश्य होने से सूतक नहीं रहेगा. यह कंकणाकृति सूर्यग्रहण होगा, इस दिन वट सावित्री व्रत (बड़ पूजन अमावस्या) और शनि जयंती भी रहेगी.
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ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा (Damodar Prasad Sharma) ने बताया कि इस दिन रोहिणी नक्षत्र और धृतियोग रहेगा. वृषभ राशि में चार ग्रह सूर्य, चंद्र, बुध और राहु का योग रहेगा. 148 साल बाद शनि जयंती पर सूर्यग्रहण के साथ बड़ पूजन अमावस्या का संयोग रहेगा. इससे पहले 26 मई 1873 को वक्रीय शनि के साथ यह संयोग बना था.
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अमावस्या आज दोपहर 1.59 बजे से शुरू होकर कल शाम 4.23 बजे तक रहेगी. केवल अरुणाचल प्रदेश और लददाख में सूर्यग्रहण चंद मिनट खंडग्रास के रूप में दिखेगा. राजस्थान में ग्रहण नहीं दिखाई देने से सूतक काल मान्य नहीं होगा. सेवा पूजा पर कोई असर नहीं रहेगा.
शनिदेव की आराधना का मिलेगा विशेष फल
शर्मा ने बताया कि धनु, मकर और कुंभ साढ़े साती, मिथुन, तुला राशि के जातकों के ढैय्या होने से शनिदेव की आराधना का विशेष मिलेगा. वर्तमान समय में शनि उल्टी चाल चलने से शनिदेव की आराधना सकारात्मक परिणाम देने वाली होगी. शनि मंदिरों में तेलाभिषेक सहित अन्य कार्यक्रम होंगे. लोग तीर्थ स्नान के बजाय घरों से ही गंगाजल डालकर स्नान करेंगे.
भारत में कब से कब तक रहेगा ग्रहण का समय
भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 1 बजकर 42 बजे से शुरू होकर शाम 6.41 बजे तक रहेगा. लद्दाख में लगभग 9 से 35 मिनट तक और अरुणाचल प्रदेश में 11 से 14 मिनट का ग्रहण रहेगा. उत्तरी अमेरिका का उत्तरी पूर्वी भाग, उत्तरी कनाड़ा, उत्तरी यूरोप और एशिया, रूस, यूरोप, रूस, मंगोलिया, कजाकिस्तान, ग्रीनलैंड और उत्तरी अटलांटिक महासागर क्षेत्र में खंडग्रास और कंकण रूप में दिखाई देगा.
सूर्यग्रहण और वट सावित्री व्रत एक दिन
ज्योतिषाचार्य पं. पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि विदेशों में ग्रहण दिखेगा. ग्रहण वृषभ राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगने से वृषभ राशि वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. सूतककाल मान्य नहीं रहेगा. इस दिन व्रत सावित्री व्रत भी रहेगा, महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखकर बरगद के पेड़ की पूजा और परिक्रमा करके वट सावित्री व्रत की कथा सुनेगी. पं. राजेंद्र शर्मा ने बताया कि सूर्यग्रहण और वट सावित्री व्रत एक दिन है. सूर्यग्रहण महज अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में चंद मिनट के लिए रहेगा, सूतक नहीं रहेगा. विवाहित स्त्रियां वट सावित्री व्रत की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ कर सकती है.

