News in Brief

Jhunjhunu : राजस्थान के झुंझुनूं (Jhunjhunu News) के पिलानी स्थित बिरला सार्वजनिक अस्पताल को सोमवार को राष्ट्रीय फुले ब्रिगेड ने 50 आक्सीजन के सिलेंडर भेंट किए हैं. सोमवार को अस्पताल के सामुदायिक स्वास्थ्य कल्याण निदेशक डॉ. मधुसुदन मनीष मालानी को ब्रिगेड के भगवतीप्रसाद सैनी तथा प्रकाश सैनी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने ये भरे हुए आक्सीजन सिलेंडर (oxygen cylinders) भेंट किए और आश्वस्त किया कि उन्हें खाली सिलेंडर वापिस दे दिए जाएंगे तो वे वापिस इन्हें भरवाकर ला देंगे. ताकि बिरला सार्वजनिक अस्पताल में भर्ती मरीजों को आक्सीजन की कमी ना रहे. 

ये भी पढ़ें-रघु शर्मा से बेनीवाल ने मांगा इस्तीफा, कहा-मंत्री के रूप में आप विफल साबित हुए

इस मौके पर मौजूद अस्पताल (Hospital) के प्रबंधक जीआर सैनी ने बताया कि इन 30 आक्सीजन सिलेंडर के आने के बाद अब अस्पताल को दो दिनों तक और सिलेंडरों की आवश्यकता नहीं होगी. इसलिए उन्होंने प्रशासन से मिलने वाले सिलेंडरों को भी लेने से मना कर दिया है. क्योंकि अस्पताल निदेशक डॉ. मधुसुदन मालानी नहीं चाहते कि आक्सीजन का अस्पताल में बेवजह स्टाक किया जाए. डॉ. सैनी ने बताया कि प्रशासन द्वारा अस्पताल को औसतन हर दिन के 13 सिलेंडर दिए जाते है. जिसकी पहली खेप सोमवार सुबह 7 सिलेंडर की उनकी पास पहुंच गई. इसके बाद राष्ट्रीय फुले ब्रिगेड द्वारा भी उन्हें 30 सिलेंडर उपलब्ध करवा दिए गए. जिसके बाद उन्होंने प्रशासन को लिखित में मना कर दिया है और कहा कि दो—तीन दिन बाद जब उन्हें जरूरत होगी. तब वे सिलेंडर मंगवा लेंगे. तब तक उनके हिस्से के सिलेंडर किसी अन्य को दिए जाए. ताकि और मरीजों की जान भी बच सके.

नौ कंसंट्रेटर मशीनें भी मिलेगी जल्द
जीआर सैनी ने बताया कि डॉ. मधुसुदन मालानी के आह्वान के बाद दो भामाशाहों ने बिरला सार्वजनिक अस्पताल में नौ आक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें देने की हामी भरी है. जल्द ही वो मशीनें मिलने के बाद आक्सीजन सिलेंडरों की डिमांड और कमी होगी. वहीं वे और भी अधिक मरीजों का इलाज सरकारी दरों पर अच्छे से कर सकेंगे.

आयुष्मान और चिरंजीवी योजना के 80 फीसदी मरीज
जीआर सैनी ने बताया कि बिरला सार्वजनिक अस्पताल का पहला ध्येय सेवा ही है. इसी दिशा में कोरोना के इस काल में वे एक सार्वजनिक अस्पताल की तरह ही सेवा भावना के साथ काम कर रहे है. उन्होंने बताया कि संभवतया वे जिले के एकमात्र अस्पताल है. जो आयुष्मान और चिरंजीवी योजना के तहत मरीजों का इलाज फ्री कर रहे है. उनके पास भर्ती 80 फीसदी मरीज इन्हीं योजना के लाभार्थी है. साथ ही उनका उद्देश्य है कि यदि संसाधन और बढ़ते है तो लोगों को या तो सरकारी दरों पर या फिर योजना के अंतर्गत इलाज मिले.

डॉ. मालानी हर दिन ले रहे है फीडबैक
जीआर सैनी ने बताया कि अस्पताल के ट्रस्टी मुंबई प्रवासी मनीष मालानी जहां हर दिन फोन पर डॉ. मधुसुदन मालानी से अस्पताल का फीडबैक ले रहे है. वहीं, डॉ. मधुसुदन मालानी भी हर दिन स्टाफ सदस्यों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं पर चर्चा कर अधिक से अधिक लोगों का इलाज करने पर फोकस देने की बात कह रहे है. ताकि बिरला सार्वजनिक अस्पताल, जो दशकों से लोगों के स्वास्थ्य की सेवा करता आ रहा है. वो इस महामारी में भी पूरी ईमानदारी के साथ पूरी हो.

रिपोर्ट : संदीप केडिया

ये भी पढ़ें-CM गहलोत के मन में पाप था, इसलिए वेंटिलेटर्स को काम में नहीं लिया: अरुण सिंह