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Bhilwara: भीलवाड़ा के शाहपुरा विधानसभा के फूलियाकलां तहसील क्षेत्र के अरवड के प्रसिद्ध बांध में कई सालों से किसान खरबूजे व सब्जियों सहित अन्य धान की खेती करते हैं. किसान परिवार सहित वहां तंबू लगाकर रहते हैं. लेकिन इस बार बांध के किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हैं, वजह है हाल ही में इस क्षेत्र से होकर गुजरा ताऊते तूफान (Tauktae Cyclone).

ताऊते तूफान के कारण तेज आंधी के साथ 3 दिन तक चली बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. तूफान ने उनकी कमर तोड़ दी है. बांध में खेती करने वाले किसान कैलाश कीर व रामधन कीर ने बताया कि हम कर्ज लेकर ठेके पर खेती लेते हैं. 

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उन्होंने कहा कि इस बार बारिश और हवाओं ने उनका लाखों रुपए का नुकसान तो किया है. ऐसे में उनके सामने अब अपना कर्ज चुकाना भी मुश्किल है. उन्होंने बताया कि अरवड बांध में वर्तमान में 100 बीघा से अधिक भूमि पर खरबूजे व सब्जियां बोई हुई हैं. तूफान के समय बेमौसम बारिश होने से खरबूजे पानी में डूब गए, जिससे आधे खरबूजे सड़ गए और गलकर खराब हो गए. वहीं, कुछ खरबूजों के अंदर पानी चले जाने से फीके पड़ गए हैं.

किसानों ने कहा कि हालात यह है कि खेतों में लाखों खरबूजे ऐसे ही सड़े गले पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं. बांध क्षेत्र ने वर्तमान में 100 बीघा से अधिक जमीन पर 50 से 60 परिवार इस खरबूजे की खेती कर रहे हैं. ताऊते तूफान के कारण क्षेत्र के किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है.

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(इनपुट-दिलशाद खान)