
Patna: बिहार में करीब 1.25 लाख प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति पर लगी रोक के खिलाफ दायर याचिका पर पटना हाई कोर्ट ने आंशिक सुनवाई की है. इस मामले पर विस्तृत सुनवाई 31 मई को की जाएगी.
31 मई को होगी सुनवाई
ये मामला मुख्य न्यायाधीश संजय करोल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था. खंडपीठ ने आंशिक सुनवाई के बाद इस मामले को 31 मई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है.
शिक्षा मंत्री ने किया था अनुरोध
महाधिवक्ता ललित किशोर ने शिक्षा मंत्री के अनुरोध पर 26 मई को इस मामले की सुनवाई जल्द करने का अनुरोध मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ से किया था. मुख्य न्यायाधीश के निर्देश के बाद ही यह मामला सुनवाई के लिये उनकी खंडपीठ में सूचीबद्ध था.
पिछली सुनवाई पर महाधिवक्ता ने चीफ जस्टिस से कहा था कि राज्य सरकार ने हलफनामा दायर कर अंडरटेकिंग दिया है कि विकलांग उम्मीदवारों को 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा. इसी मुद्दे को लेकर ब्लाइंड एसोसिएशन ने याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि बहाली में विकलांगों के लिए निर्धारित 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देना सुनिश्चित कराया जाए.
आरक्षित पदों को सरकार ने नोटिफाई नहीं किया
ब्लाइंड टीचर्स एसोसिएशन की तरफ से याचिका में कोर्ट में कहा है कि दिव्यांगों को मिले 4 फीसदी आरक्षित पदों को राज्य सरकार की तरफ से नोटिफाई नहीं किया गया है. ऐसे में आरक्षित सीटें को नोटिफाई किया जाएगा, ताकि उन्हें भी आवेदन करने का मौका मिल सके.
मार्च में ही होनी थी सुनवाई
हाईकोर्ट ने इसी मुद्दे को लेकर नियुक्ति पर रोक लगा दी है. कोर्ट द्वारा लगाए गए रोक के कारण पूरी बहाली प्रक्रिया स्थगित है. उनका कहना था कि याचिकाकर्ता की मांग को सरकार ने मांग को मान लिया है, इसलिए पूरी बहाली को रोके रखने का कोई औचित्य नहीं रह गया है.
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कोर्ट को बताया गया था कि बीते मार्च में ही मामले की सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन कोरोना के कारण सुनवाई नहीं हो सकी और शिक्षकों की बहाली नहीं हो सकी.
