
Darbhanga: बिहार के सबसे बड़े अस्पताल डीएमसीएच (DMCH) के मेडिसिन विभाग का आईसीयू (ICU) में कुछ अलग नजारा देखने को मिला है. इस नजारा को देखकर खुद अंदाज लगाया जा सकते है कि सरकार आईसीयू के नाम पर यहां के गरीब मरीज के साथ कैसा भद्दा मजाक कर रही है.
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हालांकि आईसीयू के अंदर लाइट, एसी, उपचार से संबंधित सभी उपकरण भी लगे हुए है. लेकिन उचित देखभाल के अभाव में सभी ने बार- बारी से अपना दम तोड़ दिया है. वहीं, आईसीयू के कमरे में बनी खिड़कियां में लगे कांच भी टूट हुए है. इससे तेज हवा के साथ बारिश का पानी सीधे कमरे में आता है.
दरअसल यास (YAAS) चक्रवाती तूफान आने के बाद औषधी विभाग के आईसीयू का हाल और बुरा हो गया है. छत से रिसते पानी, बड़ी बड़ी खिड़कियों के टूटे कांच से आती सीधी हवा ने गंभीर मरीजों की परेशानियों को काफी बढ़ा दिया है.
बदहाली का आलम यह है कि चूहों ने आईसीयू में लगे AC को अपना आशियाना बना लिया है तथा परिजन अपने मरीजों को सर्द हवा एवं पानी से बचाने के लिए पर्दा का ओहर लगाकर जुगाड़ में लगे रहते है. इस तरह के हालात से ड्यूटी में लगे डॉक्टर, नर्स से लेकर सफाई कर्मी तक परेशान रहते है.
वहीं, मरीज के परिजनों ने बताया कि ‘रात भर पानी रिसता रहता है. मरीज भीग जाते है, खिड़की टूटी है हवा का झोखा पानी आ रहा है ,गंदगी से उल्टी होने लग जाती है. यहां की स्थिति बहुत खराब है.’
इधर, अस्पताल अधीक्षक डॉ मणिभूषण शर्मा ने बदहाल आईसीयू की बदहाली को मानते हुए कहा कि ‘कंस्ट्रक्शन के मामले में औषधी विभाग के आईसीयू थोड़ा कमजोर है. लेकिन वहां की चिकित्सीय व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त है. आईसीयू की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हम लोग हमेशा अलर्ट रहते हैं.’
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वहीं उन्होंने कहा कि ‘यहां की चिकित्सीय व्यवस्था दुरुस्त रहने के कारण हम लोग पेशेंट को बचाते भी हैं.’ वही उन्होंने कहा कि ‘भवन के टूटे कांच व अन्य चीजों की जल्द ही मरमत कराई जाएगी.’
(इनपुट-मुकेश कुमार)
