

Patna: पटना उच्च न्यायालय द्वारा कोरोना महामारी पर सरकारी व्यवस्था की मॉनिटरिंग संबंधी एक याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई. इस दौरान शिवानी कौशिक व अन्य की याचिका मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना जांच संबंधी विस्तृत रिपोर्ट दाखिल किया. इसमें कहा गया कि पिछले 15 दिनों में लगभग 19 लाख कोरोना टेस्ट किए गए.
दरअसल, पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को जिलेवार जांच संबंधी डेटा बताने के लिए कहा था. साथ ही राज्य के सभी जिलों में कोरोना जांच की क्या स्थिति है, इस पर रिपोर्ट भी मांगा था.
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में बताया गया कि राज्य में 13 मई से 27 मई तक कुल 15 दिनों में करीब 19 लाख (18,95,871) कोरोना टेस्ट किए गए.
सरकार ने कहा कि कोरोना के दूसरी लहर के दौरान (2nd wave of Corona) प्रतिदिन 1,26,391 टेस्ट हुए. यह अन्य 5 राज्यों की तुलना में तीसरे स्थान पर है.साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोर्ट से कहा कि दूसरी लहर के दौरान कोविड 19 इंडिया डॉट ओआरजी पोर्टल के मुताबिक, सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 2,94,469 और महाराष्ट्र में 2,65,677 कोरोना टेस्ट हुए हैं. इसके अलावा पश्चिम बंगाल में प्रतिदिन 67,345, मध्य प्रदेश में 71,882 और राजस्थान में 54,904 टेस्ट हुए.
इसके बाद सरकार ने जिलेवार डेटा पेश करते हुए कहा कि बक्सर जिले में 1 मई से 27 मई तक 69,981 कोरोना टेस्ट हुए. इसमें लगभग दो हजार लोग (2097) कोरोना पॉजिटिव पाए गए. औसत की बात करें तो बक्सर जिले में कुल जांच में से करीब 2.97 प्रतिशत मरीज मिले.
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हर जिले में कोरोना जांच कराने के लिए मोबाइल टीम गठित की गई है. इससे आरटी पीसीआर टेस्ट को और भी सक्रिय तरीके से बढ़ाया जा सकेगा.
इसके बाद आगे की प्लानिंग बताने के दौरान कोर्ट को बताया गया कि बक्सर जिले में एक भी आरटी पीसीआर लैब नहीं है. एक मोबाइल आरटी पीसीआर लैब को बक्सर जिले में स्थापित करने के लिए सरकार काम कर रही है.

