
पवन सेंगर/लखनऊ: यूपी में पुलिस पावर कॉरिडोर में अब सरगर्मियां तेज होती दिख रही हैं. दरअसल, डीजीपी यूपी हितेश चन्द्र अवस्थी इस महीने के अंत में, यानी 30 जून को रिटायर होने वाले हैं. इसी बीच नए डीजीपी को लेकर विचार मंथन शुरू हो गया है. ऐसे में नए डीजीपी के दावेदारों के बारे में भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हितेश चंद्र अवस्थ के बाद डीजी रैंक के जिन अफसकों के पास एक साल या उससे ज्यादा का कार्यकाल बचा है, उनमें से काबिल 5 दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं. आइये जानते हैं कौन हैं ये…
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ये हैं नए डीजीपी के लिए टॉप-5 दावेदार
आरपी सिंह:
डीजी Economic Offence Wing (EOW) और Special Investigation Tea (SIT) का कार्यभार संभाल रहे 1987 बैच के अफसर आरपी सिंह डीजीपी की दौड़ में सबसे आगे हैं. दो साल के दौरान ईओडब्ल्यू और एसआईटी की कई अहम जांचों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करके चर्चा में आए आरपी सिंह इस कुर्सी के प्रबल दावेदारों में से एक हैं. पावर कॉर्पोरेशन, पीएफ घोटाला, बाइक बोट घोटाला, सहकारिता भर्ती घोटाला, मदरसों में फर्जीवाड़ा जैसी जांचों में इनकी तेज कार्रवाई चर्चा में रही है. आरपी सिंह का फरवरी 2023 में रिटायरमेंट है
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आरके विश्वकर्मा:
डीजी भर्ती बोर्ड आरके विश्वकर्मा का नाम भी इस दौड़ में शामिल है. 1988 बैच के आरके विश्वकर्मा मई 2023 में सेवानिवृत्त होंगे. तकनीकी मामलों में जानकार और तेज तर्रार अफसरों में इनकी गिनती होती है. 112 यूपी प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने में इनकी भी अहम भूमिका रही है.
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डॉ. देवेंद्र सिंह चौहान:
1988 बैच के अफसर डॉ. देवेंद्र सिंह चौहान भी दौड़ में हैं. वे वर्तमान में डीजी इंटेलिजेंस के पद पर तैनात हैं. इनका रिटायरमेंट मार्च 2023 में होना है. सरकार अगर वरिष्ठता को अनदेखा करती है, तो टॉप-5 दावेदारों में इनका भी नंबर है.
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आनंद कुमार:
दावेदारों में आखिरी नंबर पर नाम है डीजी जेल आनंद कुमार का. 1988 बैच के आईपीएस आनंद अप्रैल 2024 में रिटायर होंगे. कई मामलों के लिए बदनाम यूपी की जेलों को इन्होंने सुधारने में बड़े पैमाने पर काम किया है. वर्तमान सरकार में लंबे समय तक एडीजी कानून एवं व्यवस्था के पद पर रहते हुए कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने में इनकी अहम भूमिका रही.
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मुकुल गोयल:
1987 बैच के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बीएसएफ के एडीजी पद पर तैनात मुकुल गोयल भी इसमें शामिल हैं. साथ ही, बताया जा रहा है कि 1990 बैच तक के आईपीएस अफसरों का नाम भी भेजा जा सकता.
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