
हितेश शर्मा/दुर्ग: कल्पना कीजिए कि आप ऐसी जगह पर हो जहां पूरी तरह कमल से घिरा सरोवर हो. उसके ठीक बगल से बने ओपन थियेटर में कालिदास के सुंदर नाटक ऋतुसंहार का दृशय दिख रहा हो. पक्षियों की चहचाहट बैंकग्राउंड के म्यूजिक की तरह हो तो यह बिल्कुल जन्नत सा दृश्य लगेगा. यह जन्नत अब हकीकत की सतह पर उतरने वाली है. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने की तैयारी चल रही है. जहां आपको यह सारी सुंदरताएं आने वाले कुछ समय में नजर आएंगी.
बायोडायवर्सिटी पार्क बनेगा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृह जिले दुर्ग में एक अद्भुत नजारा लोगों को देखने मिलेगा. भिलाई के तालपुरी में 250 एकड़ में फैले इस बायोडायवर्सिटी पार्क में वेटलैंड की वजह से अनेक प्रवासी पक्षियों का बसेरा भी होगा. हजारों पेड़ों की छांव के बीच पाथवे में घूमते हुए लोग अपने को बिल्कुल प्रकृति के नजदीक पाएंगे. पैराडाईज फ्लाई केचर, ग्रेहाॅर्नबिल और व्हिसलिंग डक्स जैसे पक्षियों की होगी.
शानदार वेटलैंड से होगी पक्षियों की बसावट
डीएफओ(DFO) धम्मशील गणवीर ने बताया कि पक्षियों की बसाहट के लिए और उनकी ब्रीडिंग के लिए पूरे सरोवर में फेंसिंग कराई जा रही है. पार्क में ओपन थियेटर और तालाबों में बोटिंग की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने एक तालाब को लोटस पॉन्ड के रूप में विकसित करने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि यह शानदार वेटलैंड है और स्वाभाविक तौर पर यह पक्षियों के लिए बेहतर बसावट बनेगा. भविष्य में यह पार्क पैराडाईज फ्लाई केचर, ग्रेहाॅर्नबिल और व्हिसलिंग डक्स जैसे पक्षियों का आशियाना बनेगा. उन्होंने बताया तालाब में जलकुंभी साफ करने का कार्य किया जा रहा है.
पार्क में मेमोरियल कॉर्नर बनेगा
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने बताया कि यह काफी बड़ा पार्क है. यहां दर्शकों को देखने के लिए काफी कुछ है. रास्ते में लैंडमार्क लगा दिए जाएंगे साथ ही सामने ही रोडमैप रख दिया जाएंगे तो लोगों को आसानी होगी. इस पार्क में मेमोरियल काॅर्नर की विशेष रूप से प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि लोगों ने यहां अपने प्रियजनों की स्मृति में पौधे लगाए हैं. भविष्य में भी यहां वे पौधे लगाएंगे. इस तरह से लोगों को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ने यह पहल बहुत प्रशंसनीय है.
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