
Bettiah: इस समय देश कोरोना वायरस की दूसरी लहर से प्रभावित है और हर कोई कोरोना से जंग लड़ रहा है. वहीं, इस पूरे मुहिम में पश्चिम चंपारण जिले में स्थित नरकटियागंज अनुमंडल क्षेत्र स्थित धूम नगर के चांदपुर गांव ने जो कर दिखाया है वह दूसरे गांवों के लोगों के लिए एक प्रेरणा है.
चांदपुर के लोगों ने कोरोना को जिस तरह से हराया है उससे जिले व प्रदेश के अन्य गांव काफी कुछ सीख सकते हैं. इस गांव में करीब ढाई हजार लोग रहते हैं लेकिन इस गांव में आज तक एक भी व्यक्ति कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ है. इसकी वजह है कि इस गांव के लोगों ने अनुशासन और सावधानी से कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया.
पिछले साल जब देश में लॉकडाउन लगा था तब इस गांव के लोगों ने गांव के सभी रास्तों पर एंट्री गेट बना दिया था और बाहर से आने वाले लोगों की निगरानी शुरू कर दी थी. इस काम में प्रशासन ने भी इनकी मदद की लेकिन जो समझने वाली बात है वो ये कि इन लोगों ने कभी इस महामारी को हल्के में नहीं लिया.
ऐसा इसलिए क्योंकि अगर ये लोग गंभीरता नहीं दिखाते तो प्रशासन के लाख चाहने के बाद भी कोई फायदा नहीं होता. चांदपुर गांव के लोग कोरोना वायरस को लेकर सभी सावधानियां बरत रहे हैं और इसी का नतीजा है कि यहां कोरोना वायरस का नामोनिशान तक नहीं है.
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आप कह सकते हैं इस गांव के बाहर लोगों ने लक्ष्मण रेखा खींची हुई है, जिसका पालन ये सभी ढाई हजार लोग करते हैं.गांव वालों के इस अनुशासन और सावधानी को ना सिर्फ आस-पास के गांव के लोग बल्कि प्रशासन भी सलाम करता है. तभी तो नरकटियागंज प्रखंड के बीडीओ सतीश कुमार गांव वालों की तारीफ करते नहीं थकते हैं.
बीडीओ बताते हैं कि चांदपुर गांव के लोगों ने इस महामारी में सरकार के गाइडलाइंस के नियमों का बेहतरीन ढंग से ना सिर्फ पालन किया बल्कि दुसरे लोगो के लिए एक मिसाल पेश की है. बीडीओ ने बताया कि चांदपुर गांव के ग्रामीणों के प्रयास का ही नतीजा है कि यह कोरोना मुक्त है और आज तक इस गांव में एक भी संक्रमित मरीज नहीं हैं.
इन्होंने प्रखंड और जिला के सभी पंचायतों के लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग चांदपुर से सिख लें और कोरोना गाइडलाइन का पालन करें. साथ ही प्रत्येक पंचायत स्तर पर टिकाकरण किया जा रहा है जिसमें बढ़ चढ़कर भाग लें खुद भी वैक्सीन ले और अन्य लोगों को वैक्सीन के लिए जागरूक करें.
बहरहाल चांदपुर के लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं लेकिन सावधानी व अनुशासन का जो पाठ और को पढ़ाया है वह इनके व्यक्तित्व को चार चांद लगा रहा है. जो काम पढ़े लिखे लोग नहीं कर पा रहे हैं वह काम इन ग्रामीणों ने करके दिखा दिया है. अनुशासन व सावधानी से ना सिर्फ एक गांव बल्कि पूरे देश को कोरोना मुक्त बनाया जा सकता है.
(इनपुट- इमरान)
