
Donald Trumps speech: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में हाउस रिपब्लिकन सदस्यों के सामने दिए गए एक लंबे भाषण में कई चौंकाने वाला बयान दिया है. यह भाषण मूल रूप से आने वाले मिडटर्म चुनावों की तैयारी के लिए था, लेकिन इसमें ट्रंप ने अपनी सरकार की उपलब्धियों, अमेरिका की ताकत और कई वैश्विक नेताओं पर खुलकर बात की है. करीब डेढ़ घंटे के इस भाषण में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का जिक्र किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय लेवल पर चर्चा तेज हो गई है.
मादुरो करते थे ट्रंप की नकल
ट्रंप ने सबसे पहले वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर निशाना साधा, उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी को अमेरिकी सेना की शानदार कार्रवाई बताया और कहा कि यह फैसला सही था. ट्रंप ने आरोप लगाया कि मादुरो हिंसक नेता रहे हैं और उनके शासन में लाखों लोगों की जान गई है. उन्होंने यह भी कहा कि मादुरो उनकी नकल करते थे और मंच पर अजीब हरकतें करते थे. ट्रंप ने इस सैन्य अभियान को पूरी तरह जायज ठहराने की कोशिश की है.
इसके बाद ट्रंप ने अमेरिका की सैन्य ताकत और हथियारों की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के हथियार दुनिया में सबसे बेहतरीन हैं, लेकिन उन्हें बनाने में समय ज्यादा लगता है. इसी दौरान उन्होंने भारत का जिक्र किया और कहा कि भारत ने अमेरिका से अपाचे हेलिकॉप्टर खरीदे थे, लेकिन उन्हें मिलने में कई साल लग गए, ट्रंप ने बताया कि इसी मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे मिलने आए थे. उन्होंने कहा कि मोदी से उनके अच्छे संबंध हैं, हालांकि टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद भी रहे हैं.
दवाओं की कीमतें नहीं बढ़ाई, तो बढ़ेगा टैरिफ
ट्रंप ने अपने भाषण में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का मजाक उड़ाते हुए दवाओं की कीमतों का मुद्दा उठाया. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में दवाएं बहुत महंगी हैं और यूरोप में सस्ती, क्योंकि अमेरिका बाकी देशों को फायदा पहुंचा रहा है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मैक्रों और अन्य देशों को धमकी दी थी कि अगर दवाओं की कीमतें नहीं बढ़ाई गईं तो भारी टैरिफ लगाए जाएंगे. उनके अनुसार, इस दबाव के बाद फ्रांस जैसे देशों ने कीमतें बढ़ाने पर सहमति दी है.
कुल मिलाकर, ट्रंप का यह भाषण काफी विवादित रहा है. उनके बयानों ने दुनिया भर की राजनीति में हलचल मचा दी है. जहां मादुरो के मामले में कानूनी प्रक्रिया चल रही है, वहीं भारत और फ्रांस के नेताओं की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. ट्रंप के ये दावे और टिप्पणियां आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय रिश्तों पर क्या असर डालेंगी, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है.
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