US magazine report on pakistan proxy war: दुनिया की खामोशी पाकिस्तान के प्रॉक्सी वॉर को ऑक्सीजन दे रही है. जी हां अमेरिका की एक स्वतंत्र पत्रिका की हालिया रिपोर्ट ने कुछ ऐसे ही कड़वे सच दुनिया के सामने रखे हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के ध्यान ना देने के कारण ही पाकिस्तान दशकों से भारत के खिलाफ अपनी नापाक नीतियों को जारी रखने में सफल रहा है. संयुक्त राष्ट्र की निगरानी टीम को महज एक कागजी संस्था बताते हुए इस रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद की नई और खतरनाक साजिशों का पर्दाफाश किया गया है. आज हम इसके ऊपर पूरा डिटेल से बताएंगे 

भारत को सामने लाना होगा पाकिस्तान और आतंकी संगठनों के रिश्ते
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को पाकिस्तान और आतंकी संगठनों के रिश्ते दुनिया के सामने खुलकर बताने चाहिए, ताकि सच सबको साफ दिखाई दे, साथ ही भारत को अपनी आतंकवाद से लड़ने वाली व्यवस्था को और मजबूत बनाना होगा, ताकि भारत ऐसी चुनौतियों का सामना खुद अपने दम पर कर सके.

रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ सैन्य कार्रवाई ही काफी नहीं है. इसके साथ-साथ ऐसे कदम भी उठाने चाहिए, जिनसे पाकिस्तान पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़े. मतलब, दुनिया के सामने बार-बार यह मुद्दा उठाया जाए और पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग किया जाए, ताकि ऐसी गतिविधियां करना उसके लिए बहुत महंगा और मुश्किल हो जाए.

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कागजी काम के लिए है यूएन
रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र की एक निगरानी टीम का भी जिक्र किया गया है, जिसे कागजी संस्था जैसा बताया गया. कहा गया कि यह टीम सदस्य देशों से मिली जानकारी पर ही रिपोर्ट तैयार करती है और खुद से जांच नहीं करती है. इसके हालिया दस्तावेज में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम कुछ बड़े हमलों से जोड़ा गया है. इनमें पहलगाम में हुआ हमला, लाल किले के पास कार बम धमाका और महिलाओं की अलग इकाई बनाने की घोषणा शामिल बताई गई है.

हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र ने इन घटनाओं को सीधे तौर पर अपनी पुष्टि के साथ नहीं जोड़ा. उसने यह कहकर दूरी बना ली कि ये जानकारी किसी सदस्य देश की ओर से दी गई है. इसके बावजूद रिपोर्ट भारत के लिए कूटनीतिक रूप से फायदेमंद बताई गई है, क्योंकि उसके दावे ठोस सबूतों पर आधारित बताए गए हैं. दूसरी ओर पाकिस्तान का यह कहना कि जैश-ए-मोहम्मद अब सक्रिय नहीं है, कमजोर दलील बताया गया है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान के एक अधिकारी द्वारा मसूद अजहर की मौजूदगी से इनकार करना एक मजाक लगा, क्योंकि कुछ समय पहले ही वहां के विदेश मंत्री ने उसके पाकिस्तान में होने की बात मानी थी और उसकी सेहत का भी जिक्र किया था. अंत में रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि भारत को अब खुलकर सामने आना चाहिए और दुनिया के सामने पाकिस्तान की सच्चाई सामने रखनी चाहिए.

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