
रेल मंत्रालय

श्री वी. सोमन्ना ने “कर्नाटक भारत गौरव ट्रेन: एक हजार तीर्थों की यात्रा” नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया
यह पुस्तक भारतीय रेलवे की सबसे प्रभावशाली सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन पहलों में से एक समर्पित समृद्ध दृश्य और कथात्मक श्रद्धांजलि है : श्री वी सोमन्ना
प्रविष्टि तिथि: 25 FEB 2026 5:17PM by PIB Delhi
केंद्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने 23 फरवरी 2026 को रेल भवन में “कर्नाटक भारत गौरव ट्रेन: एक हजार तीर्थों की यात्रा” नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।

श्री सोमन्ना ने कहा कि यह पुस्तक भारतीय रेलवे की सबसे प्रभावशाली सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन पहलों में से एक समृद्ध दृश्य और कथात्मक श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि पुस्तक उस अग्रणी मॉडल के पीछे की भावना, दृष्टिकोण और सामूहिक प्रयास को खूबसूरती से दर्शाती है जो आस्था, संस्कृति, विरासत और आधुनिक रेल अवसंरचना को सहजता से एकीकृत करता है। इस उल्लेखनीय पहल की परिकल्पना और संचालन डॉ. अनुप दयानंद, आईआरटीएस (सेवानिवृत्त) द्वारा किया गया था।
श्री सोमन्ना ने कहा कि यह ऐतिहासिक है कि भारत गौरव योजना के तहत कर्नाटक के 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किफायती लागत पर काशी और अन्य पवित्र स्थलों की यात्रा करने के अपने जीवन भर के सपने को पूरा किया है।
ಭಾರತೀಯ ರೈಲ್ವೆಯ ಸಾಂಸ್ಕೃತಿಕ ಮತ್ತು ಆಧ್ಯಾತ್ಮಿಕ ಪ್ರವಾಸೋದ್ಯದ ಉಪಕ್ರಮವನ್ನು ನಮ್ಮೆದುರು ಸವಿಸ್ತಾರವಾಗಿ ತೆರೆದಿಡುವ “Karnataka Bharat Gaurav Train Journey of a Thousand Shrines” ಎಂಬ ಕಾಫಿ ಟೇಬಲ್ ಪುಸ್ತಕವನ್ನು ಬಿಡುಗಡೆ ಮಾಡಲಾಯಿತು.
ಇದು ಕೇವಲ ಒಂದು ರೈಲು ಸೇವೆಯ ದಾಖಲೆಯಷ್ಟೇ ಅಲ್ಲ, ಬದಲಿಗೆ ನಂಬಿಕೆ, ಸಂಸ್ಕೃತಿ,… pic.twitter.com/y8n8kc5Ar5
— V. Somanna (@VSOMANNA_BJP) February 23, 2026
यह पुस्तक ट्रेन को “भारत की चलती-फिरती गैलरी” के रूप में जीवंत रूप से प्रस्तुत करती है, जिसमें इसके सुविचारित डिब्बों, ट्रेन में उपलब्ध सुविधाओं, सुनियोजित आध्यात्मिक यात्राओं और यात्रियों के संपूर्ण अनुभव का विस्तृत वर्णन किया गया है। इसमें इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया है कि कैसे आराम, सुगमता और वहनीयता को प्राथमिकता दी गई, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और पहली बार तीर्थयात्रा करने वाले यात्रियों के लिए नीतिगत समर्थन और राज्य सब्सिडी के माध्यम से। मूल रूप से, यह पुस्तक भारत गौरव नीति के तहत कर्नाटक भारत गौरव ट्रेन की परिकल्पना, विकास और सफल कार्यान्वयन का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है।
कर्नाटक भारत गौरव ट्रेन
कर्नाटक भारत गौरव ट्रेन भारतीय रेलवे की भारत गौरव नीति के अंतर्गत एक प्रमुख तीर्थयात्रा पर्यटन पहल का प्रतिनिधित्व करती है। यह रेलवे को केवल परिवहन साधन से बदलकर पर्यटन, संस्कृति और आध्यात्मिक जुड़ाव को बढ़ावा देने वाले एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में स्थापित करती है। यह पहल “देखो अपना देश” और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अनुरूप है, जो साझा आध्यात्मिक अनुभवों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देती है।
काशी दर्शन, ज्योतिर्लिंग दर्शन, शक्ति पीठ यात्रा, दक्षिणा यात्रा, द्वारका यात्रा और पुरी जगन्नाथ यात्रा जैसी थीम आधारित यात्राओं के माध्यम से, यह ट्रेन कर्नाटक के तीर्थयात्रियों को भारत भर के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों से जोड़ती है। सर्व-समावेशी पैकेजों में रेल यात्रा, शाकाहारी भोजन, आवास, स्थानीय परिवहन, टूर गाइड और दर्शनीय स्थल शामिल हैं, जो एक सहज और गरिमापूर्ण अनुभव सुनिश्चित करते हैं।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 46 यात्राएं सफलतापूर्वक संचालित की गई हैं जिनमें 28,786 तीर्थयात्रियों ने यात्रा की है, जिससे भारतीय रेलवे को लगभग 25.57 करोड़ रुपये की आय हुई है और साथ ही समावेशी तीर्थयात्रा पर्यटन के व्यापक उद्देश्य को आगे बढ़ाया गया है।
***
पीके/केसी/एचएन/एमपी
(रिलीज़ आईडी: 2232789) आगंतुक पटल : 11
