
DNA Analysis: आज डीएनए में सबसे पहले हम दमनकारी पाकिस्तान पर हुए सबसे बड़े हमले का विश्लेषण करेंगे. पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले बलोचिस्तान में विद्रोहियों ने एक साथ 14 जिलों पर हमला करके अपनी ताकत दिखाई. आजादी की लड़ाई लड़ रहे बलोच लड़ाकों ने सभी हमले एक साथ किए और कई इलाकों पर कब्जा कर लिया. इस हमले से डरी पाकिस्तानी सेना एक बार फिर अपनी पतलून छोड़कर भाग निकली.
आज आपको जानना चाहिए कि पाकिस्तान जिस इलाके को अपना बताता है, आखिरकार वहां पर पाकिस्तान की सेना और पुलिस का ये हाल क्यों हो रहा है . पाकिस्तान के किन अत्याचारों ने बलोचों की नफरत को इतना बढ़ा दिया है कि उनको मरना पसंद है, लेकिन पाकिस्तान के साथ रहना नहीं पसंद. पाकिस्तान के खिलाफ इस सबसे बड़े हमले में महिला बलोच फिदायीन भी शमिल हुईं. बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने आज अपनी GEN Z महिला फिदायीन हमलावरों की तस्वीरें जारी की है और उनकी पहचान भी बताई हैं. आज आपको भी जानना चहिए क्यों पढ़ी लिखी बलोच लड़कियां ए के फोर्टी सेवन उठाकर पाकिस्तान की आतंकी सेना के सामने डटकर खड़ी हैं. क्यों GEN Z बलोच लड़कियां खुद को धमाकों से उड़ा रही हैं.
पाकिस्तानी सैनिकों की मौत पर इस्लामिक देश बहा रहे आंसू
आज आपको बलोचों के हमले पर आंसू बहाने वाले लश्कर आतंकी की बात भी सुननी चाहिए. उसके चेहरे के भाव भी देखने चाहिए. कैसे बेगुनाहों को मारने वाले आतंकियों के आका की फौज पर हमला हुआ तो वो दर्द से भर गया. आज आपको बलोचिस्तान में चीन और अमेरिका के लिए खिंची रेडलाइन और इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी के दोहरे रवैये के बारे में भी जानना चाहिए. किस तरह पहलगाम पर हुआ आतंकी हमला ओआईसी को नजर नहीं आता बलोचों पर हो रहे अत्याचार उनको नहीं दिखते, लेकिन पाकिस्तान के सैनिकों की मौत पर इस्लामिक देश आंसू बहाने लगते हैं.
जब पतलून छोड़कर भाग खड़ी हुई पाकिस्तानी सेना
जहां पर हमले के बाद पाकिस्तानी सैनिकों की पूरी कंपनी भाग निकली, पाकिस्तान की कायर सेना के सैनिक इतने डरे हुए थे कि अपनी पतलून तक छोड़कर भाग गए अब बलोच लड़ाकों ने बड़ी बड़ी बातें कर रही पाकिस्तानी सेना की कायरता के वीडियो जारी करने शुरू किए हैं. जिस देश की सेना इतनी कायर हो उसकी पुलिस से क्या उम्मीद कर सकते हैं, पाकिस्तान की सेना अपनी पतलून छोड़कर भागी तो पाकिस्तान की पुलिस अपने हथियार छोड़कर भाग गई, यानी बलोच लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों के अटैक के बाद लड़ने की कोशिश ही नहीं की. इस वीडियो में आपको पुलिस थाने में आराम से बैखौफ घूमते हथियारबंद बलोच दिख रहे हैं. स्थानीय लोग उनके साथ नजर आ रहे हैं. एक गाड़ी में बलोच लड़ाके सारे हथियार भरकर ले गए. हथियारबंद बलोचों को देखकर पाकिस्तान की सेना और पुलिस भाग गई, लेकिन यही सैनिक निहत्थी बलोच महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं को उठाकर ले आते हैं, फिर उनको गायब कर दिया जाता है.
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— Zee News (@ZeeNews) February 2, 2026
फिर खुल गई पाकिस्तानी सेना की पोल
जो देश खुद को परमाणु शक्ति बताता है, जो देश कई मुस्लिम देशों के साथ सिक्योरिटी देने के लिए समझौते कर रहा है. उनके सैनिक अपने कब्जे वाले इलाके में कायरता के कीर्तिमान बना रहे हैं और अब बलोचों के हमले ने एक बार फिर से पाकिस्तान की आतंकी सेना की पोल खोल दी है. बलोचिस्तान की आजादी के लिए संघर्ष कर रही बलोच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन हेरोफ 2.0 शुरू किया है. इसे पाकिस्तान के खिलाफ बलोच लड़ाकों का सबसे बड़ा सशस्त्र आंदोलन कहा जा रहा है.
क्या है ऑपरेशन हेरोफ 2.0
हेरोफ शब्द का अर्थ काला तूफान होता है और इस ऑपरेशन में अब तक 85 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों और पुलिस कर्मियों को मारे जाने का दावा किया गया है. कुछ सूत्र इस आंकड़े को 200 से ज्यादा बता रहे हैं. बलोच लड़ाकों ने 17 सुरक्षाबलों और सरकारी कर्मचारियों को अगवा भी किया है. बलोचिस्तान की राजधानी क्वेटा समेत लगभग 10 से 14 जिलों पर एक साथ हुए हमले से पाकिस्तान की सेना के पैर उखड़ गए. इन शहरों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस चौकियां, सरकारी इमारतें और मिलिट्री पोस्ट BLA के निशाने पर रहे . कई पुलिस स्टेशनों और सरकारी संपत्तियों पर बीएलए ने कब्जा भी कर लिया है.
पाकिस्तान की सेना से झड़प में बलोच लिबरेशन आर्मी के फिदायीन दस्ते भी शामिल थे और इन फिदायीन दस्तों में शामिल दो महिला फिदायीनों की तस्वीरें सबसे ज्यादा चर्चा मे हैं. ये वो बलोच बेटियां हैं जिनकी उम्र अभी 25 साल से भी कम है यानी वो GEN Z हैं. इन बलोच लड़कियों ने पाकिस्तान के जुल्मों से मुकाबला करते हुए अपनी जान दे दी. बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी की फिदायीन मजीद ब्रिगेड का हिस्सा बनी इन दोनों लड़कियों की चर्चा आज दुनिया भर में हो रही है. आज आपको भी बलोचिस्तान की आजादी के लिए जान देने वाली इन दोनों फिदायीन हमलावरों के बारे में सब कुछ जानना चाहिए.
सबसे ज्यादा चर्चा हाथ में ए के फोर्टी सेवन लेकर पाकिस्तानी सैनिकों पर गोली चलाती लड़की की हो रही है. बलोच लिबरेशन आर्मी की इस महिला फिदायीन का नाम हवा बलोच है. बीएलए की फिदायीन मजीद ब्रिगेड में उसको द्रोशम का का कोड नेम दिया गया. इस वीडियो में आपको हवा बलोच मुस्कुराते हुए पाकिस्तानी सैनिकों पर एके फोर्टी सेवन से गोलियां चलाती दिख रही है. साधारण कद काठी की हवा बलोच ने एक आम लड़की की तरह सलवार सूट पहना है सिर पर एक कैप लगाई है और जंग के वक्त भी बहुत शांत है.
बलोच विद्रोहियों का ऑपरेशन हेरोफ
बलोच विद्रोहियों ने ऑपरेशन हेरोफ के दौरान ग्वादर पर भी हमला किया. इस हमले को अंजाम देने वाली टीम में हवा बलोच भी शामिल थी. हवा बलोच पाकिस्तानी सैनिकों पर गोलियां चलाने के बाद मुस्कुराती दिखी. सोचिए इस लड़की को मालूम है वो एक फिदायीन हमले में शामिल है, थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो जाएगी. लेकिन फिर भी वो मुस्कुरा रही है. पाकिस्तान के सैनिकों को चैलेंज दे रही है. ये वीडियो हवा बलोच की मौत से 12 घंटे पहले रिकॉर्ड किया गया था. ग्वादर में फिदायीन अटैक के दौरान वो कई घंटों तक पाकिस्तानी सैनिकों से लड़ती रही. अब उसकी मौत के बाद बीएलए ने हवा बलोच का वीडियो जारी किया है.
हवा बलोच पाकिस्तानी सैनिकों को चैलेंज दे रही है, वो कह रही है आओ तुम्हें दिखाती हूं बलोच बेटियों में कितना दम है. उसने दूर से लड़ने वाले पाकिस्तानी सैनिकों को कायर बताया और मौत से पहले तक वो मुस्कुराती रही. हवा बलोच के इस वीडियो ने बलोचिस्तान में क्रांति की आग लगा दी है. इस वीडियो को देखकर जो प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं उसने पाकिस्तान के हुक्मरानों और सेना की नींद उड़ा दी है उन्हें लगने लगा है, अब बलोचिस्तान पर कब्जा बरकरार रखना इतना आसान नहीं है. आज आपको भी पाकिस्तान से हवा बलोच की नफरत की वजह जाननी चाहिए.
हवा बलोच के पिता नबी बख्श बलोच BLA के फाइटर थे, नबी बख्श 2021 में पाकिस्तानी सेना के हमले में मारे गए. पिता की मौत के बाद सैनिकों ने हवा बलोच के परिवार को प्रताड़ित किया. हवा बलोच जो एक लेखिका थी . उसे भी हिरासत में लेकर अत्याचार हुए और इस उत्पीड़न के खिलाफ कोई जवाबदेही और मुकदमा भी दर्ज नहीं हुआ. इसके बाद हवा बलोच ने पिता का बदला लेने के लिए कलम छोड़कर बंदूक उठा ली और BLA की फिदायीन यूनिट मजीद ब्रिगेड में शामिल हो गई.
अपने आखिरी वीडियो में हवा बलोच ने दूसरी महिलाओं से हथियार उठाने की अपील की है. जिससे पाकिस्तान की सरकार डरी हुई है. हवा बलोच के साथ एक और फिदायीन हमलावर असीफा मेंगल की तस्वीर भी बीएलए ने जारी की है. असीफा ने ऑपरेशन के दौरान बलोचिस्तान के नुश्की में ISI हेडक्वार्टर पर हमला किया. असीफा मेंगल ने एक विस्फोटक भरी गाड़ी से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया. असीफा की उम्र सिर्फ 24 साल थी. उसका जन्म 2 अक्टूबर, 2002 को हुआ था और वह अपने 21वें जन्मदिन पर BLA की मजीद ब्रिगेड में शामिल हुई थी. मेंगल ने जनवरी 2024 में ‘फिदायीन’ बनने का फैसला किया था.
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