
Epstein Files Trafficking Network: एक रईस शख्स का स्कूल की बच्चियों का मसाज सर्विस के नाम पर दुष्कर्म करना, छोटे बच्चों की तस्करी कर उन्हें एक सीक्रेट आइलैंड पर ले जाकर उनके साथ बलात्कार और हत्या करना. एपस्टीन फाइल्स की ये सभी चीजें भले ही किसी पॉलिटिकल थ्रिलर जैसी लगती हों, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. एपस्टीन से जुड़ा यह मामला सबसे पहले साल 2005 में सामने आया था, जब एक 14 साल की लड़की के माता-पिता ने पुलिस से शिकायत की. 2 दशक बाद भी यह घोटाला अदालतों और सत्ता के गलियारों में गूंज रहा है. हर नए डॉक्यूमेंट्स में हुआ खुलासा परेशान करने वाला होता है. भले ही इस घोटाले में मौजूद मुख्य शख्स अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसके अपराधों का असर आज भी कायम है.
जेफरी एपस्टीन कौन था?
दुनिया के सबसे कुख्यात यौन तस्करी घोटालों में शामिल होने से पहले जेफरी एपस्टीन ने खुद की सेल्फ मेड बिलिनेयर यानी अरबपति की छवि बनाई. वह राष्ट्रपतियों, राजकुमारों, वॉल स्ट्रीट के दिग्गजों, टेक सेक्टर के दिग्गजों और नोबेल पुरस्कार विजेताओं के बीच आसानी से घुलमिल जाता था. उसके पास मैनहट्टन और पाम बीच में आलीशान हवेली, एक प्राइवेट कैरिबियन आईलैंड, विमानों का बेड़ा और वह सब कुछ था जो धन और शक्ति का प्रतीक है. 20 जनवरी साल 1953 को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में जन्में एपस्टीन ने अपनी कॉलेज डिग्री पूरी नहीं की फिर भी 21 की उम्र में वह मैनहट्टन के प्रतिष्ठित डाल्टन स्कूल में फिजिक्स-मैथ्स का टीचर बन गया था. यहां से उसके संपर्क वॉल स्ट्रीट तक पहुंचे, जहां उसने इन्वेस्टमेंट बैंक ‘बेयर स्टर्न्स’ में काम करना शुरू किया. इसके बाद उसने खुद की एक फाइनेंस मैनेजमेंट फर्म खोली, जो केवल अरबपतियों को ही सर्विस देती थी. एपस्टीन की इस अपार संपत्ति को लेकर हमेशा से संशय बना रहा है, हालांकि इस सफलता के दिखावे के पीछे वह कई सालों से यौन तस्करी का गिरोह चला रहा था, जिसमें उसकी ओर से नाबालिग लड़कियों का शोषण, कमजोर लड़कियों का यौन उत्पीड़न और उनकी तस्करी शामिल था. साल 1991 में एपस्टीन की मुलाकात घिसलिन मैक्सवेल से हुई, जो आगे चलकर उसके काले अपराध के नटवर्क का मुख्य हिस्सा बनीं.
ये भी पढ़ें- ‘मेरे पास टैरिफ लगाने के और भी तरीके हैं…,’ सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ट्रंप की चेतावनी, जजों के डिसिजन बताया शर्मनाक
कौन हैं घिसलीन मैक्सवैल?
घिसलीन मैक्सवैल एक ब्रिटिश सोशलाइट और मीडिया टाइकून रॉबर्ट मैक्सवेल की बेटी हैं. धनवान परिवार में जन्मीं मैक्सवैल पॉलिटिक्स, बिजनेस और एजुकेशन सेक्टर जैसे प्रभावशाली हस्तियों के साथ अपने संबंधों के लिए जानी जाती थीं. वह ग्लैमरस और बेफिक्र लाइफस्टाइल जीती थी, हालांकि एपस्टीन के साथ संबंध में आने से वह खतरनाक मनुष्य में तब्दील हो गई. मैक्सवैल ने 1990 के दशक से 2000 के दशक के शुरुआती सालों तक एपस्टीन के लिए नाबालिग लड़कियों की सप्लाई और उन्हें ट्रेनिंग देने में मदद की. गवाहों के मुताबिक मैक्सवैल किशोर लड़कियों के पास जाती थी, उनका विश्वास जीतती थी और दुर्व्यवहार को सामान्य बताती थी. जुलाई 2020 में मैक्सवेल को न्यू हैम्पशायर में गिरफ्तार किया गया और उन पर एपस्टीन की गतिविधियों से जुड़े यौन तस्करी और साजिश के आरोप लगाए गए. न्यूयॉर्क में एक हाई-प्रोफाइल मुकदमे के बाद दिसंबर साल 2021 में उन्हें यौन तस्करी से जुड़े कई आरोपों में दोषी ठहराया गया. जून 2022 में उन्हें संघीय जेल में 20 साल की सजा सुनाई गई थी. वह अभी भी जेल में बंद है.
ये भी पढ़ें- ईरान पर जल्द बम बरसा सकता है अमेरिका? ट्रंप ने किया मिलिट्री स्ट्राइक का इशारा; कहा- अगले 10 दिनों में…
शोषण के लिए एपस्टीन की ‘पिरामड योजना’
यौन शोषण के लिए एपस्टीन एक प्लैंड सिस्टम चलाता था, जिसे ‘पिरामड योजना’ के समान बताया गया है. वह पाम बीच, मैनहट्टन और न्यू मैक्सिको में स्थित अपने आलीशान आवासों और अपने प्राइवेट कैरेबियन आइलैंड से नाबालिग लड़कियों की भर्ती कर उनके साथ बलात्कार करता था. इन युवतियों को शुरू में मसाज सर्विस के बदले पैसे देने का प्रस्ताव दिया गया था, जो बाद में यौन शोषण में बदल जाती थीं. कुछ पीड़ितों को अन्य लड़कियों को भर्ती करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया, जिससे नेटवर्क और फैला. एपस्टीन ने लोगों की व्यक्तिगत कमजोरियों का पता लगाया और उनका फायदा उठाया. एक पीड़िता ने बताया कि उसकी मां की मौत के बाद एपस्टीन ने उसे इस हद तक पतन की ओर धकेल दिया कि उसने खुद को पीड़ा से मुक्त करने के लिए बंदूक तक खरीद ली थी. कई पीड़ितों ने बताया कि उनका विश्वास जीतने और उन्हें कंट्रोल करने के लिए एपस्टीन मार्गदर्शन करने, फाइनेंशियल हेल्प या शिक्षा में मदद करने के वादे करता था.
एपस्टीन पर लिया गए एक्शन
जेफरी एपस्टीन के खिलाफ साल 2005 में जांच शुरू हुई थी, जब फ्लोरिडा के पाम बीच में 14 साल की एक लड़की के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी का एपस्टीन के घर में यौन उत्पीड़न किया गया था. जांच बढ़ने के साथ-साथ एपस्टीन के दर्जनों नाबालिग लड़कियों के साथ इस तरह के काले अपराध का पर्दा खुलने लगा. 2008 में मियामी के एक अमेरिकी अटॉर्नी अलेक्जेंडर अकोस्टा ने एक समझौता किया, जिसके तहत जेफरी एपस्टीन को नाबालिग से वेश्यावृत्ति के लिए उकसाने के आरोपों में दोषी ठहराया गया. इसमें एपस्टीन को 18 महीने की जेल की सजा सुनाई गई, जिसमें उसने केवल 13 महीने ही सजा काटी. बाद में इसको लेकर काफी विवाद हुआ क्योंकि कई लोगों का मानना था कि कि एपस्टीन के लिए यह बेहद कम सजा थी. साल 2009 में रिहाई के बाद एपस्टीन अपने पुराने अपराध में वापस लौट गया. साल 2019 में उसके खिलाफ वापस यौन तस्करी के आरोप दर्ज किए गए, जिसमें कहा गया कि उसने साल 2002-2005 के बीच दर्जनों नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण और तस्करी की. साल 2019 में एपस्टीन अपनी सेल में मृत पाया गया. भले ही उसकी मौत को आत्महत्या कहा गया, लेकिन शव का परीक्षण करने वाले फोरेंसिक पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर माइकल बैडेन का मानना है कि एपस्टीन की मौत फांसी से नहीं बल्कि गला घोंटने से हुई थी.
क्या है एपस्टीन फाइल्स?
‘एपस्टीन फाइल्स’ जेफरी एपस्टीन और घिसलिन मैक्सवैल के यौन तस्करी मामलों से जुड़े लाखों पन्नों के अदालती रिकॉर्ड इन्वेस्टिगेशन डॉक्यूमेंट्स हैं, जिसमें पीड़ितों और गवाहों के बयान, फ्लाइट लॉग, कॉन्टैक्ट बुक्स, फाइनेंशियल रिकॉर्ड और न्यूयॉर्क, फ्लोरिडा, न्यू मैक्सिको समेत US वर्जिन आइलैंड्स में एपस्टीन की संपत्तियों से जब्त किए गए सबूत शामिल हैं. साल 2024 में पहले सीलबंद अदालती दस्तावेजों के सामने आने के बाद इसमें जनता की दिलचस्पी बढ़ गई. नवंबर 2025 में कांग्रेस ने एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट पास किया, जिसके तहत जस्टिस डिपाटर्मेंट को मामले से जुड़े बाकी सभी अनक्लासीफाइड रिकॉर्ड को जारी करने का आदेश दिया गया. जनवरी 2026 तक इससे जुड़े लगभग 35 लाख पन्ने पब्लिक किए जा चुके हैं. एपस्टीन फाइल्स में ब्रिटेन के राजा चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर, डोनाल्ड ट्रंप, एलन मस्क, बिल क्लिंटन, दीपक चोपड़ा, बिल गेट्स, थोरब्योर्न जगलैंड, सर्गी ब्रिन और मिरोस्लाव लाजैक जैसे दुनिया के कई बड़े चर्चित हस्तियों के नाम शामिल हैं.

