News in Brief

Jaisalmer : कोरोना की जंग में पोकरण क्षेत्र की फलसुंड ग्राम पंचायत के सरपंच ने शासन-प्रशासन के बिना किसी सहयोग के ग्रामीणों के लिए अनूठी पहल की है. पहली बार सरपंच ने प्रशासन से बिना सहयोग लिए कोरोना से बचाव के लिए गांव में सुरक्षा के उपाय किए हैं. जैसलमेर से करीब 150 किलोमीटर दूर बाड़मेर – जोधपुर जिला सीमा से सटी ग्राम पंचायत फलसुंड (Jaisalmer News) में विकास जितना होना था अब तक नहीं हुआ. गांव में इस बार निर्वाचित एक शिक्षित सरपंच रतनसिंह जोधा (Ratan Singh Jodha) ने ऐसी पहल शुरू की है, जिससे ग्रामीणों को अपने गांव के विकास की उम्मीद जगी है. कोरोना काल (Coronavirus) में सरपंच द्वारा कोरोना रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयास की हर कोई तारीफ कर रहा है.

यह भी पढ़ें- Corona की दूसर लहर में किस उम्र के लोग हुए सबसे ज्यादा प्रभावित! पढ़ें पूरी Report

फलसूंड़ ग्राम पंचायत से निर्वाचित सरपंच रतनसिंह जोधा ने कोरोना वायरस के इस संकट के समय में खुद से पहल करते हुए ग्रामीणों के सहयोग से गांव में बाहरी लोगों का आवागमन बंद कराया. इसके बाद खुद के खर्चे से गांव के हर घर में घूम-घूमकर कपड़े का मास्क प्रदान किया. इस गांव में बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक के लिए जो घर के बाहर निकलते हैं मास्क उपलब्ध कराया व मास्क लगाने को लेकर प्रेरित किया गया. यही नहीं गांव के लोगों को हाथ धोने के लिए साबुन व सैनेटाइजर भी दे रहे हैं. 

इतना ही नहीं संकट की इस घड़ी में सरपंच जोधा ने पूरी पंचायत को सोडियम हएप्रोक्लोराएड से छिड़काव भी करवाया. फलसुंड प्रथामिक स्वास्थ्य केंद्र में अपने स्तर पर कोरोना संक्रमित (Latest Corona Update) मरीजो के लिए ऑक्सीजन की भी व्यवस्था की सांसे न टूटे किसी की भी इसके लिए लगातार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर लोगो को हर संभव मदद कर रहे. वहीं, 108 एम्बुलेंस में भी ऑक्सीजन सिलेंड़र भरवाते है ताकि मरीज परेशान न हो. अपने वाहन पर लाऊड स्पीकर लगा गांव के लोगो को जागरूक भी कर रहे हैं. गांव का ये मुखिया संकट के समय लोगो के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं है. गांव में लोग इसी उम्मीद से सरपंच चुनते हैं कि उनका मुखिया विपरीत समय में उनके साथ इसी तरह खड़ा रहे निश्चित रूप से फलसुंड ग्राम पंचायत का यह मुखिया ग्रामीणों के साथ इस संकट की घड़ी में खड़ा है.

जिस फलसुंड गांव में लोगों को सेनिटाइजर की जानकारी तक नहीं थी न कभी इस गांव के लोगों ने इसका नाम सुना था. ऐसे गांव में सरपंच ने अपनी ओर से सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जा रहा है. सरपंच ने ग्रामीणों को हर वक्त मास्क लगाए रखने की जानकारी भी दी है. अपने गांव में वे सुबह से निकल जाते हैं और कोरोना को लेकर लोगों को जागरूक करते हैं. कोरोना पॉजिटीव का मनोबल बढ़ाकर मोटिवेट कर रहे हैं. वहीं, डोर टू डोर सरपंच मय टीमें मेडिकल किट भी वितरित कर रही है. पुलिस थाना, अस्पताल सहित तमाम कार्यालयों में भी सोडियम हएप्रोक्लोराएड से छिड़काव किया गया.

रिपोर्ट : शंकर दान

यह भी पढ़ें- CM Gehlot का बड़ा बयान, सभी के लिए हो Vaccine का इंतजाम, नहीं तो हालात होंगे बदतर