

Jaipur: लॉकडाउन (Lockdown) में अक्षय तृतीया (Akshay Tritiya) के अवसर पर हजारों जोड़े कल 11 मेहमानों की मौजूदगी में परिणय सूत्र में बंधे. कोरोना की खुशियों के अबूझ सावे पर इस बार भी वक्र दृष्टि पड़ गई.
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धूम धड़ाके से होने वाली शादियों का रंग फीका रहा. ना बैंड बाजा, ना घोड़ी ना शहनाई और ना ही मेहमानों की भीड़, सिर्फ और सिर्फ 11 मेहमान की मौजूदगी में वर-वधु ने घरों पर ही 7 फेरे लिए.
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कोरोन की खुशियों पर वक्र दृष्टि, बदला शादियों का स्वरूप
घर मे शादी और धूम धमाका ना हो, ऐसा हो नहीं सकता लेकिन कोरोना ने दो साल से इन खुशियों को छीन लिया है. ना तो शादी में सड़कों पर बाराती थिरकते हुए नजर आ रहे हैं, ना ही शहनाई की आवाज सुनाई दे रही है. बढ़ते कोरोना के संक्रमण ने समारोह लॉक कर दिए हैं और शादियां डाउन हो गई हैं. जयपुर (Jaipur) जिले में जिला प्रशासन की ओर से करीब कोरोना गाइडलाइन की पालन करते हुए 900 शादियों की परमिशन दी गई. यह शादियां पूरे प्रोटोकॉल के साथ तो हुईं लेकिन शादियों में दिखने वाली रंगत को कोरोना ने फीका कर दिया.
कोरोना संक्रमण संकट से हर वर्ग और हर सेक्टर हांफ गया
दूल्हा पांच बारातियों को लेकर दुल्हन के घर पहुंचा और दिन में 7 फेरे लिए शाम को दुल्हन विदा होकर ससुराल भी पहुंच गई. कोरोना संक्रमण संकट से हर वर्ग और हर सेक्टर हांफ गया है. ऐसी पहली बार है, जब शादी विवाह का सबसे बड़ा शुभ मुहूर्त अक्षय तृतीया पर शहनई खामोश रही. सप्ताह भर पहले से सराफा बाजार दिवाली जैसा लगता था, लेकिन सबकुछ खामोश हो चुका है. सब कैंसिल हो चुका है.
घरों में ही 11 लोगों की मौजूदगी में लिए वर-वधू ने 7 फेरे
राज्य सरकार की ओर से जारी शादी समारोह को लेकर गाइडलाइन में मैरिज गार्डन, सामुदायिक केंद्र, होटल, रिसॉर्ट में शादियों पर पूरी तरह रोक होने के कारण लोगों ने घरों पर ही वर वधु के साथ फेरे करवाएं. शादी वाले परिवारों में जीमण का कार्यक्रम भी नहीं हो पाया. दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में वह तस्वीरें भी देखने को मिली, जो शायद शादी समारोह में आमतौर पर नहीं देखने को मिलती. अधिकतर ग्रामीण परिवेश से जुड़े लोग गांव में जब शादी करते हैं तो खेतों में शामियान लगाया जाता है. खेतों में शादियां तो हुई लेकिन 11 लोगों की मौजदूगी में. न खेतों में इस बार शामियान लगा न ही जीमण के लिए पंगत बैठी. दूल्हा 5 लोगों की बारात लेकर गांव पहुंचा तो उसे खुले आसमान के नीचे ही खेतों ने ही 11 लोगों की मौजूदगी में फेरे लेने पड़े.
1 माह पहले शुरू हो जाती थी तैयारी
शादी वाले घर में 1 महीने पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं. मेहमानों की फेहरिस्त बनना शुरू हो जाता है बैंड बाजे सहित हलवाई और मैरिज गार्डन बुक हो जाते हैं. लेकिन कोरोना की इन खुशियों पर वक्र दृष्टि पड़ने के कारण शादियों का मजा किरकिरा हो गया है. शादी वाले परिवार राज्य सरकार की गाइडलाइन के बाद न तो अपने ही घर के पूरे सदस्यों को शादी में शामिल कर पा रहे हैं. न ही अन्य दूसरे रिश्तेदारों को आदि में बुला पा रहे हैं.
कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम और उनकी टीमों ने रखी निगरानी
अक्षय तृतीया पर जयपुर जिला प्रशासन की ओर से शादी की अनुमति के बाद शादी वाले परिवारों में निरीक्षण के लिए एसडीएम और उनकी टीम में दिनभर घूमती रही. साथ में ग्रामीण क्षेत्र में तैनत टीम भी वॉच करती रही. यह टीमें शादी वाले परिवारों के घरों पर जाकर शादी समारोह के फोटो और वीडियो पोर्टल पर अपलोड करते रहे.
बारातियों का सैनिटाइज और मास्क देकर स्वागत
कोरोन संक्रमण के चलते अक्षय तृतीया पर घरों पर हुई शादियों में एक ओर तस्वीर देखने को मिली, वह थी जब दूल्हा बारातियों को लेकर दुल्हन के घर पहुंचा तो सबसे पहले सेनेटाइज किया गया और मास्क देकर उनका स्वागत किया गया.
शादियों को लेकर सरकार की पाबंदियां
-सरकार के पोर्टल पर शादी-समारोह की सूचना नहीं देने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना
-सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क नहीं लगाने पर 1 लाख रुपए का जुर्माना
-बारात में बस, ऑटो, टेम्पो, ट्रेक्टर, जीप का इस्तेमाल करने पर पाबंदी
-शादी-रिसेप्शन के सामूहिक भोज पर पाबंदी, 1 लाख का जुर्मान
-मेरिज गार्डन, होटल, सामुदायिक भवन के इस्तेमाल या इजाजत देने पर 1 लाख का जुर्माना
-डीजे बजाने, हलवाई बुलाने, टेंट लगवाने पर पाबंदी
– 11 मेहमान से ज्यादा बुलाने पर 1 लाख का जुर्माना

