

Jaipur: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और खाद्य पदार्थों की दरों में लगातार हो रही वृद्धि के विरोध में रविवार को प्रदेश कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर शुरू किए गए स्पीक अप कैंपेन में प्रदेश कांग्रेस को अपने ही पदाधिकारियों, विधायकों और मंत्रियों का साथ नहीं मिल पाया.
सरकार के एक दर्जन मंत्रियों ने भी स्पीक अप कैंपेन अभियान से दूरी बनाए रखी. उन्होंने महंगाई के विरोध में कोई पोस्ट सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं किया. वहीं, सत्ता के साथ ही संगठन के पदाधिकारियों का साथ भी प्रदेश कांग्रेस को नहीं मिल पाया.
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने महंगाई को लेकर मोदी सरकार को घेरा तो पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) का ऑफिशियल ट्विटर हैंडल शांत रहा. महंगाई के विरोध में पायलट के टि्वटर पर कोई पोस्ट नहीं लिखी गई है, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की ओर से केंद्र सरकार पर बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर जोरदार हमला किया गया.
प्रदेश कांग्रेस में 39 सदस्य कार्यकारिणी है. लेकिन केवल महज 14 ही पदाधिकारियों ने महंगाई के विरोध में सोशल मीडिया पर अपने वीडियो संदेश पोस्ट किए. इसके अलावा कांग्रेस के 15 विधायकों ने भी वीडियो संदेश के जरिए महंगाई का विरोध जताया.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल के मुताबिक, पीसीसी के 14 पदाधिकारियों ने ही वीडियो संदेश पोस्ट किए हैं तो वहीं पीसीसी के ऑफिशल टि्वटर हैंडल पर आठ मंत्रियों ने अपने वीडियो संदेश पोस्ट किए हैं. इसके अलावा अन्य मंत्रियों ने कोई वीडियो ने तो पीसीसी के टि्वटर हैंडल पर पोस्ट किया है और ना ही अपने व्यक्तिगत टि्वटर हैंडल पर वीडियो संदेश पोस्ट किया है.
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महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की ओर से से शुरू किए गए अभियान में मंत्री, विधायकों और कार्यकर्ताओं की उदासीनता की चर्चाएं हैं. कांग्रेस गलियारों में चर्चा इस बात की है कि जिस मुस्तैदी के साथ अभियान को शुरू किया जाना चाहिए था वह नहीं हो पाया. चूंकि विधायकों, मंत्रियों और पीसीसी पदाधिकारियों ने ही अभियान में दिलचस्पी नहीं दिखाई.

