

Jaipur: राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (State Commission for Protection of Child Rights) ने जालौर में पानी नहीं मिलने से हुई बालिका की मौत के मामले को गंभीरता से लिया है. आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने जिला कलेक्टर को मामले की त्वरित जांच करने और रेगिस्तानी इलाके में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
गौरतलब है कि जालोर जिले के रानीवाड़ा थाना क्षेत्र के रोड़ा गांव की बालिका ने पानी नहीं मिलने के कारण दम तोड़ दिया. वहीं, उसकी नानी अस्पताल में भर्ती है. दरअसल, एक वृद्धा अपनी 5 साल की नातिन (दोहिती) के साथ पैदल ही अपने रिश्तेदार के घर मिलने के लिए निकली थी. सूनसान कच्चे रास्ते में पानी नहीं मिलने से 5 साल की मासूम की तड़प-तड़प कर मौत हो गई.
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वृद्धा भी तेज गर्मी में बेहाल होकर बेहोश हो गई, जिसका उपचार रानीवाड़ा अस्पताल में चल रहा है. इस दिल दहला देने वाली घटना को आयोग द्वारा गंभीरता से लेते हुए प्रकरण की त्वरित जांच व कार्रवाई करवाने हेतु जिला कलेक्टर जालौर को निर्देश दिए हैं.
आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने जिला कलेक्टर जालौर को लिखे पत्र में मृतक बालिका के परिजनों को उचित मुआवजा या सहायता राशि और योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं. वहीं, अस्पताल में भर्ती वृद्धा को पूर्ण स्वास्थ्य लाभ हेतु उचित उपचार प्रदान करने के लिए लिखा है.
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इसके साथ ही आयोग अध्यक्ष बेनीवाल ने जिला कलेक्टर को जिले में सभी शहरी, ग्रामीण, रेगिस्तानी क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति ना हो.

