Russia Ukraine War Latest News: अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद से रूस-यूक्रेन वॉर बंद करवाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन ट्रंप की कोशिशों के बीच मास्को में एक ऐसी शख्सियत पर जानलेवा हमला हुआ. जिससे इस युद्ध की आग और भड़क सकती है. 

चौंकाने वाली घटना में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेव को एक अज्ञात बंदूकधारी ने गोलियां से भून दिया. व्लादिमीर अलेक्सेव रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU के नंबर-2 अधिकारी हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सिस्टम में तीन तरह के लोग होते हैं. पहले, दिखने वाले जनरल. दूसरे, लड़ने वाले कमांडर और तीसरे परदे के पीछे रहकर युद्ध की चाल चलने वाले अफसर. अलेक्सेव, पुतिन की खुफिया सेना यानी अदृश्य रहकर काम करने वाले कमांडर थे.

अलेक्सेव पर ये हमला सुबह के वक्त किया है . वो अपनी गाड़ी से एक रिहायशी इमारत के पास पहुंचे. जहां पर पहले से एक अज्ञात हमलावर घात लगाकर बैठा था. जैसे ही अलेक्सेव गाड़ी से उतरे उन पर फायरिंग करके हमलावर मौके से फरार हो गया. फिलहाल पुतिन के सबसे करीबी खुफिया सैन्य अधिकारी की हालत गंभीर है . और उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है. रूस ने इसे अलेक्सेव की हत्या का प्रयास माना है और यूक्रेन को इसका जिम्मेदार बताया है. 

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यूक्रेन पर टूट पड़ा रूस का क्रोध

रूस के विदेश मंत्री का बयान साफ साफ इशारा कर रहा है. रूस इस हमले को यूक्रेन की साजिश मान रहा है. इसीलिए इस हमले को रूस यूक्रेन के बीच शांति के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है. पुतिन के करीबी जनरल पर हमले के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर किए हैं.

नाराज रूस ने आज यूक्रेन पर 400 से अधिक ड्रोन और 40 मिसाइलों से हमला किया. इस हमले का निशाना यूक्रेन के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर थे. इस वक्त यूक्रेन में तापमान शून्य से नीचे चल रहा है. रूस ने अब ठंड को भी हथियार बनाना शुरू कर दिया है. यूक्रेन पर ऐसे हमलों की संख्या और बढ़ सकती है. 

इस हमले को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए खतरे की घंटी क्यों माना जा रहा है. वर्ष 2016 में अमेरिका ने आरोप लगाया था रूस ने साइबर हमलों से चुनाव को प्रभावित किया. इसके पीछे रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU यानी अलेक्सेव का दिमाग माना गया था. रूस में कहा गया कि सुपर पावर पर अलेक्सेव ने गोली से नहीं बल्कि की बोर्ड से हमला बड़ा हमला किया था. 

पुतिन के बेहद भरोसेमंद हैं अलेक्सोव

वर्ष 2018 में ब्रिटेन के अंदर एक पूर्व रूसी जासूस को जहर से मारने की सफल कोशिश हुई. इसके जरिए अलेक्सेव ने संदेश दिया. रूस से गद्दारी करने वाला कहीं भी सुरक्षित नहीं है. 

आपको वर्ष 2023 की वो घटना भी याद होगी..जब पुतिन की प्राइवेट आर्मी कहे जाने वाले वैगनर ग्रुप ने विद्रोह कर दिया था. बड़ी संख्या में वैगनर लड़ाके मास्को की तरफ बढ़ रहे थे. तब पुतिन ने उनका सामना करने सेना को नहीं सिर्फ अलेक्सेव को भेजा था. जिन्होंने प्रिगोझिन को समझाकर मामला शांत करवाया.

इसके अलावा यूक्रेन के खिलाफ हवाई हमले और साइबर युद्ध यानी दुश्मन का मनोबल तोड़ने की रणनीति के पीछे भी अलेक्सेव का दिमाग काम करता है. इसीलिए पुतिन उन पर बहुत ज्यादा भरोसा करते थे.

क्या पुतिन की जान को बढ़ गया है खतरा? 

मास्को में अलेक्सेव पर हमले को क्यों चौंकाने वाला माना जा रहा है. ये पुतिन के लिए क्यों खतरे का अलार्म है . रूस में इतने ताकतवर व्यक्ति की सुरक्षा बहुत कड़ी होती है. उनका रास्ता, समय, मूवमेंट सब गुप्त रहता है . अगर कोई उन्हें निशाना बना पाया तो इसका मतलब साफ है कि रूस के अंदर जानकारी लीक हो रही है. दुश्मन व्लादिमीर पुतिन के सुरक्षा सिस्टम के अंदर घुस गया है. या फिर कोई अपना ही पुतिन से गद्दारी कर रहा है.

इतिहास गवाह है कि रूस में अंदरूनी टूट हमेशा बड़े संकट लाती है. खुद राष्ट्रपति पुतिन के पीछे भी कई विदेशी एजेंसियां पड़ी हुई हैं. यूक्रेन से पुतिन को भी खतरा है. हालांकि पुतिन की सुरक्षा का घेरा अलेक्सेव से कई गुना मजबूत है. लेकिन सुरक्षा के सिस्टम में इस दरार को रूस हल्के में नहीं ले रहा. इसीलिए माना जा रहा है कि अलेक्सेव पर हमले का बदला यूक्रेन के किसी हाई वैल्यू टारगेट को निशाना बनाकर लिया जा सकता है. जिससे रूस-यूक्रेन जंग और ज्यादा भड़क सकती है.