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Jaipur: प्रदेश में अब आम आदमी को मूल निवास प्रमाण पत्र (Basic address proof) के लिए पटवारी और तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. राज्य सरकार (State Government) ऑनलाइन मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने जा रही है. 

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इस में आने वाली व्यावहारिक कठिनाई को दूर करने के लिए गृह विभाग के तीन अधिकारियों की कमेटी गठित की गई है. यह कमेटी 9 जून को राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. 

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किसी प्रतियोगिता के लिए फॉर्म भरना हो या फिर सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करना, युवाओं को शैक्षणिक दस्तावेज के साथ मूल निवास लगाना पड़ रहा है. मूल निवास बनाने के लिए उन्हें स्थानीय पटवारी और तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते है. इस प्रक्रिया में युवाओं का समय बर्बाद हो रहा है, वहीं, भ्रष्टाचार की भी आशंका बनी रहती है, इसे देखते हुए राज्य सरकार ने डिजिटल रूप से मूल निवास बनाना शुरू किया लेकिन उसमें भी युवाओं को व्यवहारिक परेशानियां सामने आई. इसे देखते हुए राज्य सरकार ने पूर्ण रूप से ऑनलाइन मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिए निर्देश दिए हैं. 

मुख्य बिंदु
– मूल निवास प्रमाण पत्र शैक्षणिक और तकनीकी शिक्षा संस्थाओं में प्रवेश योग्यता छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने
राज्य और केंद्र की सेवाओं में नियोजन के लिए भूमि आवंटन के लिए उपयोग में आता है.
– ऐसे में युवाओं की परेशानी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मूल निवास प्रमाण पत्र में आम आदमी को सहूलियत देने के निर्देश दिए.
– इसके बाद प्रदेश में मूल निवास डिजिटल रूप से देना शुरू हुए लेकिन तहसील कार्यालय में हार्ड कॉपी जमा कराने के चलते हालात ढाक के तीन पात वाली बन गई.
– उसके बाद राज्य सरकार स्तर पर तहसील कार्यालयों में हार्ड कॉपी जमा कराने की प्रक्रिया को खत्म करने के लिए प्रयास शुरू हुए हैं.
– राज्य सरकार की ओर से गठित 3 सदस्य कमेटी मूल निवास प्रमाण पत्र से जुड़े एसडीएम तहसीलदार से बात करके आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयां दूर करने पर मंथन करेगी.
– गृह विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र सिंह रामनिवास मेहता वरिष्ठ उप सचिव भवानी शंकर को कमेटी में शामिल किया गया है.
– कमेटी 9 जून तक राज्य सरकार को अपने सुझाव देंगे इसके बाद इस संबंध में अधिसूचना जारी होगी.

राज्य सरकार कमेटी के सुझाव मिलने के बाद अधिसूचना जारी करेगी, जिसमें एक अप्रैल 2021 से मूल निवास ऑनलाइन मिलना शुरू होंगे अर्थात अधिसूचना के बाद युवकों को मूल निवास दस्तावेज की हार्ड कॉपी जमा कराने सरकारी दफ्तरों में नहीं जाना पड़ेगा.