
प्रधानमंत्री कार्यालय

प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में भारत की बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया
प्रविष्टि तिथि: 23 FEB 2026 8:02AM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक एआई शिखर सम्मेलन में भारत की क्षमताओं की वैश्विक स्तर पर व्यापक सराहना हुई। उन्होंने कहा कि यह इस बात को दर्शाता है कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत के युवाओं की दूरदर्शी सोच मानवता के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया–
“अविज्ञातस्य विज्ञानं विज्ञातस्य च निश्चयः। आरम्भः कर्मणां शश्वदारब्धस्यान्तदर्शनम्॥”
इस सुभाषित का आशय है कि अज्ञात ज्ञान को खोजने के लिए प्रयोग और अनुसंधान आवश्यक है। ज्ञात तथ्यों पर निर्णय और विश्लेषण ही शोध की शुरुआत है, और अनुभव एवं अवलोकन से ही वह ज्ञान सत्यापित होता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“दिल्ली में हुए ऐतिहासिक AI समिट में पूरी दुनिया ने भारत के सामर्थ्य की जमकर सराहना की है। इससे पता चलता है कि टेक्नोलॉजी को लेकर हमारे युवा साथियों की सोच पूरी मानवता के बहुत काम आने वाली है।
अविज्ञातस्य विज्ञानं विज्ञातस्य च निश्चयः।
आरम्भः कर्मणां शश्वदारब्धस्यान्तदर्शनम् ।।”
दिल्ली में हुए ऐतिहासिक AI समिट में पूरी दुनिया ने भारत के सामर्थ्य की जमकर सराहना की है। इससे पता चलता है कि टेक्नोलॉजी को लेकर हमारे युवा साथियों की सोच पूरी मानवता के बहुत काम आने वाली है।
अविज्ञातस्य विज्ञानं विज्ञातस्य च निश्चयः।
आरम्भः कर्मणां शश्वदारब्धस्यान्तदर्शनम्… pic.twitter.com/RtdpdRNOEC
— Narendra Modi (@narendramodi) February 23, 2026
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