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भारतीय रेलवे ने अगले 5 वर्षों में प्रमुख शहरों ट्रेन क्षमता दोगुना करने की योजना बनाई


बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने, भीड़भाड़ कम करने और राष्ट्रव्यापी कनेक्टिविटी में सुधार के लिए प्रमुख शहरों में कोचिंग टर्मिनलों का विस्तार: श्री अश्विनी वैष्णव

व्यस्त स्टेशनों पर यातायात को सुगम बनाने हेतु क्षमता वृद्धि के लाभ प्राप्त करने के लिए ज़ोनों से अल्पकालिक एवं मध्यम अवधि के कदमों की मांग

प्रविष्टि तिथि: 26 DEC 2025 4:48PM by PIB Delhi

यात्रा की मांग में तीव्र और निरंतर वृद्धि को देखते हुए अगले 5 वर्षों में प्रमुख शहरों से प्रारंभ होने वाली नई ट्रेनों की क्षमता को वर्तमान स्तर से दोगुना करने की आवश्यकता है। आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वर्तमान अवसंरचना को बढ़ाना आवश्यक है। वर्ष 2030 तक प्रारंभिक क्षमता को दोगुना करने के कार्यों में निम्नलिखित गतिविधियां शामिल होंगी:

i. मौजूदा टर्मिनलों को अतिरिक्त प्लेटफार्मों, स्टेबलिंग लाइनों, पिट लाइनों और पर्याप्त शंटिंग सुविधाओं के साथ बढ़ाना।

ii. शहरी क्षेत्र में और उसके आसपास नए टर्मिनलों की पहचान करना और उनका निर्माण करना।

iii. रखरखाव सुविधाएं, जिनमें मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।

iv. विभिन्न स्थानों पर बढ़ी हुई ट्रेनों के संचालन को संभालने के लिए यातायात सुविधा कार्यों, सिग्नलिंग उन्नयन और आवश्यक मल्टीट्रैकिंग के माध्यम से सेक्शन क्षमता में वृद्धि करना।

टर्मिनलों की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाते समय, टर्मिनलों के आसपास के स्टेशनों को भी ध्यान में रखा जाएगा ताकि क्षमता का संतुलन समान रूप से बना रहे। उदाहरण के लिए, पुणे के मामले में, पुणे स्टेशन पर प्लेटफार्मों और स्टेबलिंग लाइनों को बढ़ाने के साथ-साथ हडपसर, खड़की और आलंदी स्टेशनों को भी क्षमता वृद्धि के लिए शामिल किया गया है।

ये काम उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों प्रकार के यातायात के लिए की जाएगी, जिसमें दोनों खंडों की अलग-अलग आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाएगा। 48 प्रमुख शहरों की एक व्यापक योजना नीचे सूचीबद्ध स्टेशनों के लिए योजना निदेशालय को प्रस्तुत की जाएगी। इस योजना में समयद्ध तरीके से ट्रेनों के संचालन की क्षमता को दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु नियोजित, प्रस्तावित या पहले से स्वीकृत कार्यों का विवरण शामिल होगा।

यद्पि क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य 2030 तक का है, फिर भी यह अपेक्षा की जाती है कि अगले 5 वर्षों में क्षमता को क्रमिक रूप से बढ़ाया जाएगा, ताकि क्षमता वृद्धि के लाभ तुरंत प्राप्त किए जा सकें। इससे आने वाले वर्षों में यातायात की आवश्‍यकताओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी। योजना में कार्यों को तीन श्रेणियों- तत्काल, अल्पकालिक और दीर्घकालिक- में वर्गीकृत किया जाएगा।

केन्द्रीय रेलवे, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “हम बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने और भीड़-भाड़ को कम करने के लिए विभिन्न शहरों में कोचिंग टर्मिनल का विस्तार कर रहे हैं, सेक्शनल और ऑपरेशनल क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं। यह कदम हमारे रेलवे नेटवर्क को उन्नत करेगा और देशव्यापी संपर्क में सुधार लाएगा।”

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पीके/केसी/आईएम/एसएस

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