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Ram Gopal Varma On Rohit Shetty House Firing: मुंबई में फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई हालिया फायरिंग की घटना ने फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर डर का माहौल बना दिया है. घटना के तुरंत बाद खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग बताने वाले एक ग्रुप ने इसकी जिम्मेदारी ली. हालांकि, पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है और आधिकारिक तौर पर कुछ साफ नहीं कहा गया है. ऐसे में अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.

इस मामले पर हिंदी सिनेमा के फेमस डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा ने भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि फायरिंग से पहले क्या हुआ था? उनका कहना था, ‘फायरिंग से पहले क्या रोहित को किसी ने कोई डिमांड के लिए कॉल किया था? अगर ऐसा हुआ तो वो इस बारे में कुछ क्यों नहीं बोल रहे हैं?’. वर्मा का मानना है कि बिना पूरी जानकारी के किसी नतीजे पर पहुंचना ठीक नहीं है.

हर घटना के पीछे गैंग जरूरी नहीं – राम गोपाल वर्मा

राम गोपाल वर्मा ने ये भी कहा कि हर हिंसक घटना को सीधे संगठित अपराध से जोड़ देना सही नहीं होता. उनके मुताबिक कई बार लोग सिर्फ चर्चा में आने के लिए भी किसी वारदात की जिम्मेदारी ले लेते हैं. उन्होंने कहा, ‘हो सकता है कोई सिर्फ मजे के लिए जिम्मेदारी ले रहा हो. हमें नहीं पता. किसी बड़े क्रिमिनल संगठन का इस तरह खुलकर सामने आना आसान नहीं होता’. उन्होंने ये भी कहा कि बिश्नोई की जड़ें मुंबई से बाहर की हैं.

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ऑर्गनाइज्ड क्राइम और अलग वारदात में फर्क

राम गोपाल वर्मा ने समझाया कि किसी एक घटना और संगठित गैंग ऑपरेशन में फर्क होता है. उनके मुताबिक, ‘ऑर्गनाइज्ड क्राइम अलग चीज है और कोई अकेली घटना अलग. हर फायरिंग के पीछे गैंग ही हो, ये जरूरी नहीं’. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ‘पहले एक शख्स था अली बुधेश, जो लगभग हर हत्या की जिम्मेदारी ले लिया करता था’. उनका इशारा इस ओर था कि नाम जोड़ देना ही सच नहीं होता. उन्होंने 90s के आखिरी दौर भी याद किया. 

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90s में इंडस्ट्री पर था अंडरवर्ल्ड का दबाव

वर्मा के मुताबिक उस समय हालात अलग थे और कई बड़े नामों को धमकियां मिलती थीं. उन्होंने कहा, ‘97-98 में ये जैसे एक आंदोलन की तरह था. इंडस्ट्री में जो भी बड़ा नाम था, वो डर के साए में था’. उस समय अंडरवर्ल्ड का दबाव ज्यादा खुलकर महसूस किया जाता था. वर्मा ने बताया कि साल 2000 में अभिनेता-निर्माता राकेश रोशन पर हमला हुआ था. निर्माता मनमोहन शेट्टी और फिल्ममेकर राजीव राय को भी धमकियों का सामना करना पड़ा था.

 रोहित शेट्टी के घर बाहर हुई फायरिंग

उनके मुताबिक, उस समय जैसा संगठित दबाव था, वैसा माहौल अब लौटना मुश्किल लगता है. फिलहाल पुलिस इस ताजा मामले की जांच कर रही है और अभी तक किसी बड़े गैंग से सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है. बता दें, रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग 31 जनवरी की देर रात हुई थी. उनके घर के बाहर 4-5 राउंड गोलियां चलाई गईं. वहां मौजूद CCTV फुटेज में एक काले कपड़ों में बाइक से आया हमलावर दिखाई दिया, जिसने गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गया.