News in Brief

फेमस बिलेनियर और पद्म भूषण से सम्मानित आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला जल्द ही अमिताभ बच्चन के शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’(KBC) पर नजर आने वाले हैं. इस शो में आने से पहले उनके एपिसोड का प्रोमो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जमकर वायरल हो रहा है. इस प्रोमो में वो अमिताभ बच्चन से कई पर्सनल बातों को शेयर करते हुए नजर आ रहे हैं. वहीं इस वीडियो में उन्होंने अपने पिता आदित्य बिड़ला की मौत के बाद उनकी सफर के बारे में भी चर्चा की है. इस दौरान उन्होंने बताया कि पिता के निधन के बाद सिर्फ 28 साल की उम्र में उन्होंने बिड़ला ग्रुप की जिम्मेदारी संभाल ली थी, और इस कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभाकर कंपनी को ग्लोबल लेवल पर फैलाया. कुमार मंगलम की इस बात को सुनकर कई लोग इस सोच में पड़ गए कि इतनी कम उम्र में उन्होंने कैसे ये सब संभाला. आइए जानते हैं.

पिता के निधन के बाद कंपनी को दी नई उंचाइयां
साल 1995 में इंडियन इंडस्ट्रीयल और सोशल वर्कर आदित्य विक्रम बिड़ला का निधन हो गया था. भारत के सबसे बड़े इंडस्ट्रीयल फैमिली में पैदा हुए आदित्य बिड़ला ने अपने बिड़ला ग्रुप को टेक्सटाइल्स, पेट्रोकेमिकल्स और टेलीकॉम सेक्टर में भी फैलाया दिया और वह पहले इंडियन इंडस्ट्रीयल में से एक थे, जिन्होंने विदेशों में एक्सपेंशन किया और साउथ ईस्ट एशिया, फिलीपींस और मिस्र में प्लांट्स स्थापित किए. लेकिन उनकी मौत के बाद ये काम उनके बेटे कुमार मंगलम बिड़ला ने किया और कंपनी को नई बुलंदियों पर पहुंचा दिया.

पढ़ाई और बिजनेस की जिम्मेदारी पर की बात
कुमार मंगलम बिड़ला का बचपन कोलकाता और मुंबई जैसे बड़े शहरों में गुजरा. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई मुंबई के सिडेनहैम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से की और इसके बाद एचआर कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स, मुंबई यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से एमबीए किया और बाद में चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए क्वालिफाईड हुए. कुमार मंगलम बिड़ला के पिता का जब निधन हो जाता है तो उनके सिर पर अपने परिवार की नहीं बल्कि पूरी कंपनी और करोड़ों लोग जो उस कंपनी से जुड़े हुए थे उन सभी की जिम्मेदारी होती है. 

हनुमान चलीसा लिखने से मिली हिम्मत
कुमार मंगलम बिड़ला ने इस बात के साथ-साथ अपनी लाइफ के कई अहम पलों के बारे में KBC के शो पर अमिताभ बच्चन के सामने बातचीत की. वहीं उन्होंने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद वो दिनभर में 4 बार हनुमान चलीसा पढ़ते थे और राम-राम लिखकर अपने कमरे की दीवारों पर लगा देते थे, इससे उन्हें बहुत हिम्मत मिलती थी. उन्होंने आगे बताया कि वो अपने पिता के साथ 3-4 साल काम कर चुके थे तो उन्हें इस बात का अंदाजा था कि उन्हें काम को किस तरह से आगे बढ़ाना है. और बिना हिम्मत हारे, जूनुन के साथ इस जिम्मेदारी को निभाया.

 

अवॉर्ड और नेटवर्थ
अमिताभ बच्चन के शो केबीसी के इस स्पेशल एपिसोड में कुमार मंगलम बिड़ला पर्सनल एक्सपीरियंस को भी शेयर करते हुए दिखे और साथ ही उन्होंने इस शो का हिस्सा बनने के लिए अपनी एक्साइटमेंट के बारे में भी बताया. वहीं दिग्गज होस्ट के सामने सवालों का जवाब देने में थोड़ी घबराहट होने की बात भी उन्होंने खुलकर स्वीकार की. आपको बता दें कि कुमार मंगलम बिड़ला को अब तक कई बड़े अवॉर्ड भी मिल चुके हैं, जिसमें साल 2023 में उन्हें पद्म भूषण से नवाजा गया. वहीं साल 2021 में वो पहले ऐसे इंडियन इंडस्ट्रीलियस्ट बने, जिन्होंने बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन के लिए टीआईई ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप अवार्ड जीता. बात करें उनकी नेटवर्थ के बारे में तो 2025 की फोर्ब्स रिपोर्ट के मुताबिक कुमार मंगलम बिड़ला की नेटवर्थ 2,130 करोड़ यूएसडी है.