काहिरा: इजराइल और चरमपंथी समूह हमास के बीच 11 दिनों तक चली लड़ाई के बाद हुए संघर्ष विराम को मजबूती देने और गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिये रविवार को मिस्र और इजराइल में उच्चस्तरीय वार्ताएं हुईं. इस लड़ाई में 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर फलस्तीनी नागरिक थे.

बीते एक दशक में पहली मिस्र यात्रा

मिस्र के विदेश मंत्री समी शकरी ने रविवार को काहिरा पहुंचे इजराइली समकक्ष गाबी अश्केनाजी के साथ बैठक की. बीते एक दशक में इजराइली विदेश मंत्री की काहिरा की यह पहली सार्वजनिक यात्रा है. मिस्र के विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी. काहिरा में स्थित इजराइल दूतावास ने ट्वीट किया कि 2008 के बाद इजराइल के किसी शीर्ष राजनयिक के तौर पर अश्केनाजी की यह पहली यात्रा है. दूतावास ने लिखा कि दोनों मंत्रियों ने संघर्ष विराम और हमास द्वारा पकड़े गए इजराइली सैनिकों व नागरिकों को रिहा किये जाने के मुद्दों पर चर्चा की.

हमास के कब्जे में दो इजराइली

अश्केनाजी ने काहिरा पहुंचने के बाद ट्वीट किया, ‘हम हमास के साथ स्थायी संघर्ष विराम तथा गाजा को मानवीय मदद पहुंचाने और उसके पुनर्निर्माण के लिये तंत्र तैयार करने पर चर्चा करेंगे, जिसमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.’ हमास ने 2014 में हुए युद्ध में मारे गए दो इजराइली सैनिकों के अवशेष नहीं लौटाए हैं और गाजा में दाखिल होने के बाद पकड़े गए दो इजराइली नागरिकों को अभी रिहा नहीं किया है.

सैनिकों के अवशेष लौटाने की मांग 

इस बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संघर्ष विराम के प्रयासों के तहत यरूशलम में मिस्र के खुफिया प्रमुख अब्बास कामिल से मुलाकात की. नेतन्याहू ने कहा कि मुलाकात के दौरान उन्होंने सैनिकों के अवशेष और दो नागरिकों को लौटाने और हमास को मजबूत होने से रोकने या आम नागरिकों को दी जाने वाली मदद को हमास द्वारा हासिल करने से रोकने का मुद्दा उठाया.

वेस्ट बैंक भी जाएंगे कामिल

मिस्र के एक अधिकारी ने कहा कि कामिल वेस्ट बैंक में फलस्तीनी अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे. इसके बाद वह हमास के नेताओं से बात करने के लिये गाजा जाएंगे. अधिकारी ने कहा कि कामिल फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास को मिस्र के राष्ट्रपति का संदेश पहुंचाएंगे कि ‘मिस्र फलस्तीनी लोगों का पूरा समर्थन करता है.’