
₹150 करोड़ और उससे अधिक मूल्य की केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर त्वरित रिपोर्ट
प्रविष्टि तिथि: 24 APR 2026 4:00PM by PIB Delhi
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) अपने पैमाना (PAIMANA) प्लेटफॉर्म के जरिए केंद्रीय क्षेत्र की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी को लगातार मजबूत कर रहा है, जिससे विभिन्न मंत्रालयों में बेहतर निगरानी, समय पर समीक्षा और डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद मिल रही है। यह पोर्टल मार्च 2026 तक ₹41.50 लाख करोड़ की 1,941 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी करता है।
मुख्य बातें
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- 1,941 निर्माणाधीन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में 786 मेगा परियोजनाएं (परियोजना की लागत ₹1,000 करोड़ और उससे ज्यादा) शामिल हैं, जिनकी मूल लागत ₹30.48 लाख करोड़ है; और 1,155 बड़ी/मेजर परियोजनाओं (परियोजना की लागत ₹1,000 करोड़ से कम और ₹150 करोड़ तक) शामिल हैं, जिनकी लागत ₹5.41 लाख करोड़ है।
- भौतिक और वित्तीय प्रगति मोटे तौर पर साथ-साथ चलती है, जिसमें बड़ी संख्या में परियोजनाएं शुरुआती (0–20%) और उन्नत (81–100%) चरणों में केंद्रित हैं। यह दर्शाता है कि कई परियोजनाएं पूरी होने के करीब हैं, और साथ ही नई शुरू हुई परियोजनाओं की एक पाइपलाइन भी मौजूद है। जहां 81–100% की सीमा में भौतिक प्रगति वित्तीय प्रगति से ज्यादा है, वहीं शुरुआती चरणों में वित्तीय प्रगति अपेक्षाकृत ज्यादा है; यह परियोजना को लागू करने में शुरुआती खर्च के पैटर्न को दर्शाता है।

- मंत्रालयों/विभागों के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के पास सबसे ज्यादा परियोजनाएं हैं, जिनकी संख्या 1120 (58%) है, और कुल संशोधित परियोजना लागत में इसका हिस्सा ₹10.61 लाख करोड़ (26%) है; यह राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में इसकी केंद्रीय भूमिका को दिखाता है।
- रेल मंत्रालय 244 परियोजनाओं (13%) को लागू कर रहा है, और कुल संशोधित परियोजना लागत में भी इसका हिस्सा सबसे ज्यादा है, जो ₹8.37 लाख करोड़ (20%) है।
- कोयला मंत्रालय 127 परियोजनाओं (6%) को लागू कर रहा है, जिनकी कुल संशोधित परियोजना लागत ₹2.46 लाख करोड़ (6%) है।
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग क्रमशः 108, 98, 53 और 49 परियोजनाओं को लागू कर रहे हैं, जिनकी संबंधित संशोधित लागत क्रमशः ₹5.11 लाख करोड़, ₹5.14 लाख करोड़, ₹3.6 लाख करोड़ और ₹2.26 लाख करोड़ है।
- बाकी बची 142 परियोजनाएं (7%), जिनकी कुल संशोधित लागत ₹3.96 लाख करोड़ (10%) है, अलग-अलग मंत्रालयों/विभागों में बंटी हुई हैं; इनमें उच्च शिक्षा, नागर विमानन, इस्पात, दूरसंचार, श्रम और रोजगार, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, खान, डीपीआईआईटी और खेल मंत्रालय शामिल हैं। (परिशिष्ट I देखें)

- सेक्टर-वार (डीईए की इंफ्रास्ट्रक्चर की समेकित मुख्य सूची के अनुसार) इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति
- परिवहन और लॉजिस्टिक्स सबसे अहम सेक्टर बना हुआ है, जिसका कुल संशोधित खर्च (₹22.66 लाख करोड़) में 55% हिस्सा है। यह 1,428 परियोजनाओं (कुल परियोजनाओं का 73%) में फैला हुआ है। यह आर्थिक एकीकरण और लॉजिस्टिक्स की कुशलता में सड़कों और राजमार्गों, रेलवे, विमानन, शहरी सार्वजनिक परिवहन, नौवहन और अंतर्देशीय जलमार्गों की केंद्रीय भूमिका को दिखाता है।
- इसके बाद ऊर्जा क्षेत्र का नंबर आता है, जिसका कुल संशोधित खर्च (₹10.79 लाख करोड़) में 26% हिस्सा है। यह 212 परियोजनाओं में फैला हुआ है। यह तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण नेटवर्क, और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों पर लगातार दिए जा रहे जोर को दिखाता है।
- संचार इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसका संशोधित खर्च ₹2.73 लाख करोड़ (7%) है और जो 12 परियोजनाओं में फैला हुआ है, डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए खास उपायों को दिखाता है।
- जल और स्वच्छता परियोजनाओं का हिस्सा ₹2.31 लाख करोड़ (5%) है और ये 71 परियोजनाओं में फैली हुई हैं। इससे जरूरी शहरी सेवाओं पर लगातार दिए जा रहे ध्यान का पता चलता है।
- ₹0.79 लाख करोड़ (2%) की संशोधित खर्च वाली 73 परियोजनाओं के साथ सामाजिक और वाणिज्यिक इंफ्रास्ट्रक्चर से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रियल एस्टेट और पर्यटन, आतिथ्य और वेलनेस में किए गए चुनिंदा निवेशों का पता चलता है।
- ‘अन्य‘ श्रेणी में रखी गईं परियोजनाएं, जिनका कुल खर्च ₹2.20 लाख करोड़ (5%) है और जो 145 परियोजनाओं में फैली हुई हैं, कोयला, स्टील, धातु और खनन जैसे क्षेत्रों में विविधता को दिखाते हैं।
(परिशिष्ट II देखें)

- पूर्ण परियोजनाएं और नए जुड़ाव
- मार्च 2026 के दौरान, 25 परियोजनाएं शुरू की गईं , जिनमें सड़क परिवहन और राजमार्ग, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, आवास और शहरी मामले, रेलवे, बिजली, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग, दूरसंचार, इस्पात और श्रम और रोजगार क्षेत्रों की प्रमुख संपत्तियां शामिल हैं। शुरू की गईं प्रमुख परियोजनाओँ में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय का “दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम [आरआरटीएस] कॉरिडोर” (₹ 30,274 करोड़) और बिजली मंत्रालय का “टिहरी पंप्ड स्टोरेज प्लांट प्रोजेक्ट [4×250 एमडब्ल्यू]” (₹ 8,339 करोड़) शामिल हैं।
- मार्च 2026 के दौरान, एमओआरटीएच की 12 अतिरिक्त परियोजनाओं को पैमाना (PAIMANA) की निगरानी के दायरे में लाया गया।
- प्रेस विज्ञप्ति की अगली तारीख: अप्रैल 2026 महीने की फ्लैश रिपोर्ट 25 मई 2026 को जारी की जाएगी।
नोट
- इस प्रेस विज्ञप्ति में एमओएसपीआई की फ्लैश रिपोर्ट (मार्च 2026) की मुख्य बातें संक्षेप में दी गई हैं। यह रिपोर्ट केंद्रीय क्षेत्र की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं (₹150 करोड़ और उससे अधिक) से संबंधित है और https://www.ipm.mospi.gov.in/ पर या क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध है।
- पैमाना (PAIMANA) एक केंद्रीकृत वेब-आधारित पोर्टल है, जिसका उपयोग ₹150 करोड़ और उससे अधिक मूल्य की केंद्रीय क्षेत्र की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी के लिए किया जाता है। “एक डेटा, एक एंट्री” के सिद्धांत पर काम करते हुए, यह एपीआई के माध्यम से डीपीआईआईटी के आईपीएमपी पोर्टल के साथ एकीकृत होता है, ताकि विभिन्न मंत्रालयों/विभागों से प्राप्त परियोजनाओं का 70% से अधिक डेटा को स्वचालित रूप से अपडेट किया जा सके। पैमाना एक राष्ट्रीय रिपॉजिटरी (भंडार) के रूप में भी कार्य करता है, जिसे इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी को मानकीकृत करने और राष्ट्र-निर्माण के लिए सोच-समझकर निर्णय लेने में सहायता प्रदान करने हेतु डिजाइन किया गया है।
परिशिष्ट I
केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की मंत्रालय/विभाग-वार प्रगति
क्र. सं. | मंत्रालय/ विभाग | परियोजनाओं की संख्या | संशोधित लागत (₹ लाख करोड़) | संचयी व्यय (₹ लाख करोड़) |
1 | सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय | 1120 | 10.61 | 3.52 |
2 | रेल मंत्रालय | 244 | 8.37 | 5.69 |
3 | कोयला मंत्रालय | 127 | 2.46 | 0.80 |
4 | पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय | 108 | 5.11 | 2.99 |
5 | विद्युत मंत्रालय | 98 | 5.14 | 1.94 |
6 | आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय | 53 | 3.60 | 1.98 |
7 | जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग | 49 | 2.26 | 1.61 |
8 | उच्च शिक्षा विभाग | 29 | 0.14 | 0.08 |
9 | नागर विमानन मंत्रालय | 26 | 0.23 | 0.11 |
10 | स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय | 23 | 0.21 | 0.08 |
11 | इस्पात मंत्रालय | 19 | 0.23 | 0.10 |
12 | श्रम एवं रोजगार मंत्रालय | 12 | 0.03 | 0.02 |
13 | दूरसंचार विभाग | 12 | 2.73 | 0.77 |
14 | पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय | 11 | 0.22 | 0.15 |
15 | खान मंत्रालय | 6 | 0.10 | 0.07 |
16 | उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग | 3 | 0.05 | 0.01 |
17 | खेल विभाग | 1 | 0.01 | 0.01 |
कुल | 1941 | 41.50 | 19.93 |
परिशिष्ट II
क्षेत्र-वार (डीईए की इंफ्रास्ट्रक्चर की समेकित मुख्य सूची के अनुसार) केंद्रीय क्षेत्र की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति
क्र. सं. | एचएमएल श्रेणी | परियोजनाओं की संख्या | संशोधित लागत (₹ लाख करोड़) | संचयी व्यय (₹ लाख करोड़) |
1 | परिवहन और लॉजिस्टिक्स | 1428 | 22.66 | 11.28 |
2 | ऊर्जा | 212 | 10.79 | 5.21 |
3 | जल और स्वच्छता | 71 | 2.31 | 1.65 |
4 | संचार | 12 | 2.73 | 0.77 |
5 | सामाजिक और वाणिज्यिक | 73 | 0.79 | 0.34 |
6 | अन्य | 145 | 2.21 | 0.67 |
कुल | 1941 | 41.50 | 19.93 |
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पीके / केसी/ एमपी / डीए
(रिलीज़ आईडी: 2255452)

