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जापान में भारतीय समुदाय भारत-जापान संबंधों को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल


जापान में 200 से अधिक भारतीय कारोबारी प्रतिनिधियों की मौजूदगी भारत में बढ़ते वैश्विक भरोसे को दर्शाती है: श्री पीयूष गोयल

प्रविष्टि तिथि: 25 AUG 2026 7:30PM by PIB Delhi

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज जापान के टोक्यो में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने भारत-जापान संबंधों को सशक्त करने में प्रवासी भारतीयों के योगदान की सराहना की। श्री पीयूष गोयल ने जापान में रहने वाले लगभग 60,000 भारतीयों को “भारत का ब्रांड एंबेसडर” बताते हुए कहा कि उनका व्यवहार, काम करने का तरीका और विभिन्न क्षेत्रों में उनका योगदान जापानी लोगों के बीच भारत की एक महत्वपूर्ण पहचान बनाने में मदद करता है।

श्री गोयल ने कहा कि जापान की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने जिस ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का अनुभव किया, वह भारत-जापान संबंधों की बढ़ती मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने भारतीय समुदाय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समुदाय ने भारत के लिए “जापान के द्वार खोले” हैं और जापानी समाज के साथ अपने काम तथा जुड़ाव के माध्यम से दोनों देशों के बीच सद्भावना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

श्री गोयल ने बताया कि जापान की यात्रा के दौरान उनके साथ गए प्रतिनिधिमंडल में भारतीय उद्योग और व्यापार जगत के 200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने इसे जापान ले जाए गए अब तक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों में से एक बताया। श्री गोयल ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में भारतीय कारोबारी प्रतिनिधियों की भागीदारी दोनों देशों के बीच कारोबार से कारोबार संबंधों और निवेश के अवसरों को बढ़ाने में बढ़ती रुचि को दर्शाती है।

केंद्रीय मंत्री ने पिछले दशक के दौरान वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति में आए बदलाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति, दुनिया में देश की बढ़ती पहचान और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व ने वैश्विक स्तर पर भारत व उसके नागरिकों के प्रति भरोसे एवं सम्मान को बढ़ाया है।

श्री गोयल ने कहा कि 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने का विजन आत्मनिर्भरता, आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास पर आधारित है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह बदलाव 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक प्रतिबद्धता है, जिसमें दुनिया भर में बसे भारतीय भी शामिल हैं।

श्री गोयल ने भारत की जनसांख्यिकीय बढ़त पर जोर देते हुए कहा कि देश की युवा आबादी भारत की एक बड़ी ताकत है, जिसकी औसत आयु लगभग 29 वर्ष है। उन्होंने कहा कि भारत के मेहनती, महत्वाकांक्षी और प्रौद्योगिकी की अच्छी समझ रखने वाले युवा अब केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तेजी से नए अवसरों तथा रोजगार के साधनों का सृजन भी कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने निवेश और कारोबार के केंद्र के तौर पर भारत के बढ़ते आकर्षण पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था, युवा आबादी, स्टार्टअप, तकनीकी क्षमताएं व उद्यमिता का माहौल वैश्विक कारोबारियों और निवेशकों के लिए बड़े अवसर पैदा कर रहे हैं।

श्री गोयल ने भारत के बढ़ते व्यापार समझौतों के नेटवर्क का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत ने कई देशों के साथ व्यापार समझौते करने में उल्लेखनीय प्रगति की है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था और उसकी भविष्य की संभावनाओं में वैश्विक साझेदारों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्नत प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली जापानी कंपनियों के साथ हुई बातचीत से भारत में उनकी बढ़ती रुचि का पता चलता है। उन्होंने बताया कि जापानी कंपनियां भारत में अपने कारोबार एवं व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार करने की इच्छुक हैं तथा उभरते और उच्च-प्रौद्योगिकी वाले क्षेत्रों में नए अवसरों की तलाश कर रही हैं।

श्री गोयल ने जापान में भारतीय पेशेवरों के लिए उपलब्ध अवसरों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देखभाल कर्मियों, नर्सों, वेल्डरों, बढ़इयों, इलेक्ट्रीशियनों, प्लंबरों, ड्राइवरों, इंजीनियरों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विशेषज्ञों, चार्टर्ड अकाउंटेंटों और समुद्री कर्मचारियों सहित कई क्षेत्रों में कुशल कामगारों की काफी मांग है। केंद्रीय मंत्री ने भारतीय समुदाय से जापान की जरूरतों को समझने, जापानी भाषा और संस्कृति सीखने तथा दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संबंधों एवं आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने में योगदान देने का आग्रह किया।

केंद्रीय मंत्री ने प्रवासी भारतीयों से आग्रह किया कि वे भारत के साथ अपना विश्वास का रिश्ता बनाए रखें और साथ ही जापान के कानूनों, नियमों एवं जीवन-शैली का सम्मान करें, क्योंकि जापान ही उनकी “कर्मभूमि” है। उन्होंने सुझाव दिया कि समुदाय के लोग डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन ट्रेनिंग और ज्ञान के आदान-प्रदान जैसी पहलों के माध्यम से भारत में अपने गृहनगरों व गांवों के विकास में भी योगदान दे सकते हैं।

श्री गोयल ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों द्वारा भेजी जाने वाली धनराशि के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था में उनके महत्वपूर्ण योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विदेशों से भेजी गई यह धनराशि परिवारों को आर्थिक सहारा देने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देती है और बचत व निवेश में भी योगदान करती है। इस तरह, भारतीय प्रवासी समुदाय देश की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण भागीदार बन गया है।

श्री गोयल ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों की भलाई और सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर भी बल दिया। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संकट के समय नागरिकों को निकालने और उनकी मदद करने के भारत के प्रयासों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एवं भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वे कहीं भी हों।

श्री गोयल ने यूक्रेन संकट के दौरान भारत के लोगों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयासों को याद करते हुए कहा कि सरकार ने कई देशों के साथ मिलकर काम किया और भारतीय छात्रों व अन्य नागरिकों को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए।

केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष के दौरान उस इलाके में फंसे भारतीय मछुआरों की मदद के लिए की गई कोशिशों को भी याद किया। श्री गोयल ने नागरिकों का रजिस्ट्रेशन करने, उनकी आवाजाही में तालमेल बिठाने और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने में भारतीय राजनयिक मिशनों, स्थानीय अधिकारियों तथा भारतीय समुदाय के सदस्यों की भूमिका को उजागर किया।

श्री गोयल ने कहा कि ये प्रयास भारत और विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाते हैं। उन्होंने दोहराया कि विदेशों में रहने वाले भारतीय भारत की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और सरकार आवश्यकता के समय उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

श्री गोयल ने जापान तथा दुनिया भर में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आप भारत को कभी भी स्मृतियों से मत उतरने देना और हम भी आपको कभी नहीं भूलेंगे।

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पीके/केसी/एनके/एसएस

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