
Patna: पटना नगर निगम की वजह से पटना की सेहत बिगड़ सकती है. दरअसल, रिहायशी और पॉश इलाकों में कूडा डंपिंग यार्ड बनाए जाने की वजह से राजधानी के लोगों का जीना मुहाल हो चुका है. पटना का साधन संपन्न इलाका समझा जाने वाला पाटलिपुत्र कॉलोनी में निगम ने खुले में ही कूड़े को गिराना शुरू कर दिया है जिसकी वजह से यहां रहने वाले हजारों लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है.
निगम के मुताबिक, ट्रांसफर स्टेशन बनने के बाद ये समस्या दूर हो जाएगी. पाटलिपुत्र कॉलोनी की पहचान पूरी राजधानी में साधन संपन्न इलाके के तौर पर होती है. आईएएस, आईपीएस, मंत्री, विधायकों और सांसदों के कोठी और बंग्ले इसी पाटलिपुत्र कॉलोनी में मौजूद है. लेकिन कुछ महीनों से यहां रहने वाले हजारों लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. जीना मुश्किल क्या सांस लेने में भी लोगों को परेशानी हो रही है.
दरअसल, पटना नगर निगम ने पाटलिपुत्र कॉलोनी में मौजूद पानी टंकी के पीछे खुले में ही कूड़ा डंपिंग यार्ड बनाया गया है. निगम के मुताबिक, ये अस्थायी कूड़ा डंपिंग यार्ड है. लेकिन इसकी वजह से लोगों की सेहत बिगड़ सकती है. आसपास की कॉलोनी और इलाकों के कूड़े को यहां रोजाना गिराया जाता है. इत्तेफाक से जिस जगह अस्थायी डंपिंग यार्ड बनाया गया है उसी रास्ते से होकर हजारों लोगों का आना-जाना भी होता है और डंपिंग यार्ड के बीच आरब्लॉक को दीघा से जोड़ने वाला अटल पथ भी है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
ये भी पढ़ें- Bihar: पैक्स ने खड़ी कर दी किसानों के लिए परेशानी, नहीं हो रही गेहूं की खरीद
ऐसे में अगर यहां के लोग बीमारियों को दावत देने की बात कह रहे हैं तो इसमें गलती भी नहीं है. पटना निगम की योजना है कि वो गर्दनीबाग और अगमकुआं में ट्रांसफर स्टेशन बनाएगा. ट्रांसफर स्टेशन यानि यहां कूड़े को लाकर इसका वैज्ञानिक तरीकों से निस्तारण किया जाएगा. लेकिन ट्रांसफर स्टेशन कब तैयार होगा इसका जवाब पटना नगर निगम के पास नहीं है.
बता दें कि इससे पहले पटना जंक्शन से सटे एक बड़े मैदान में भी नगर निगम ने शहर के कचरे को डालना शुरू किया था. विरोध के बाद यहां कचरा गिराना बंद हो गया. लोगों को लगा कि परेशानी दूर हो गई लेकिन निगम ने एक इलाके से कचरा डंपिंग यार्ड हटाया तो इसे पाटलिपुत्र कॉलोनी में बीचों बीच शुरू कर दिया.
पटना नगर निगम ने बताया कि उन्होंने अस्थायी तौर से सभी छह अंचलों में छोटा डंपिंग प्वाइंट बनाया है, यानि सभी अंचलों को बीमार करने की योजना है. समस्या तब और बढ़ेगी जब राजधानी में बारिश शुरू होगी. निगम ये भी मानता है कि उसके पास अभी कूड़ा डंप करने की व्यवस्था नहीं है.
जिस पटना नगर निगम का बजट 3 हजार करोड़ से ज्यादा का हो, जहां निगम को होल्डिंग टैक्स भरने वाले हजारों की संख्या में बड़े-बड़े लोग हो, जिन इलाकों की पहचान साधन संपन्न कॉलोनी के रूप में हों वहां खुले में कूड़ों को डालना किसी भी तरीके से उचित नहीं है. निगम साफ तौर पर लोगों की सेहत के साथ ही खेल रहा है.
