हिंदी सिनेमा में कहानियों हमेशा हमारी संस्कृति और रीति-रिवाजों के आसपास ही घूमती है क्योंकि दर्शकों को ऐसी स्क्रिप्ट ही पसंद आती है. वहीं ऑडियंस की सोच से प्रेरित होकर इस साठ साल के एक्टर ने सालों पहले एक ऐसी कहानी लिखी, जिसमें पुराने समय के राजाओं के जीवन को करीब से दर्शाया गया था. आज हम जिस एक्टर की बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं बल्कि सलमान खान हैं जो कि 27 दिसंबर को 60 साल के हो गए हैं. एक्टर ने अपने करियर में अब तक कई फिल्मों में काम किया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वो एक कमाल के स्क्रिप्ट राइटर भी हैं.
स्क्रिप्ट सुनाने के लिए थे एक्साइटेड
दरअसल हाल ही में निर्देशक अनिल शर्मा ने एक्टर के इस राज का खुलासा किया है. उन्होंने एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान कहा, ‘एक दिन मैं कैटरीना कैफ जी के साथ शूटिंग कर रहा था. वो मेरे पास आईं और बोलीं कि खान साहब आपसे मिलना चाहते हैं. तो मैंने कहा, चलिए. मैं सलमान खान के पास गया. मैं तो अपना टॉपिक सुनाने गया था, लेकिन उन्होंने कहा, कल मिलते हैं, शूटिंग पर मिलते हैं.’ उन्होंने आगे बताया ‘अगले दिन मैं शूटिंग पर गया. फिल्म ‘वांटेड’ की शूटिंग चल रही थी. सलमान खान साहब ने कहा, शर्मा जी, आइए मेरे साथ. खुद गाड़ी ली, खुद ड्राइव की, मुझे बैठाया और अपने घर ले गए. वहां ले जाकर बोलें, मैं आपको एक स्क्रिप्ट सुनाना चाहता हूं. सुनिए, ये मैंने खुद लिखी है.’
सलमान ने लिखी इस फिल्म की कहानी
सलमान खान ने अनिल शर्मा से आगे कहा, ‘ये स्क्रिप्ट मैंने बरसों पहले लिखी थी. तब मैंने सोचा था कि इसे संजय दत्त और कुमार गौरव के साथ बनाऊंगा. उन्होंने पूरी स्क्रिप्ट बाकायदा सुनाई और बोले, ये फिल्म मैं चाहता हूं आप करें, क्योंकि आप बड़े शूट करते हो. ये एक बड़ी हिस्टोरिकल फिल्म है.’ अनिल शर्मा ने बताया कि स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद मैंने पूछा, ‘क्या ये हॉलीवुड फिल्म ‘तारास बुलबा ‘की स्टोरी से इंस्पायर है तो उन्होंने कहा ‘हां’ और बस वहीं से हमारे साथ काम करने की शुरुआत हो गई.’
आधी रात में कर देते थे डायरेक्टर को फोन
उन्होंने आगे सलमान खान को लेकर बात करते हुए कहा ‘वो ऐसा इंसान था जो रात को 12 बजे, 1 बजे, 2 बजे भी फोन करके बुला लेता था. अगर मेरा फोन बंद हो तो मेरे असिस्टेंट को, मेरी पत्नी को फोन करके भी मुझ तक मैसेज पहुंचाता था. क्योंकि उनके दिमाग में कोई सीन आ गया, कोई गाने की बात आ गई. उन्हें काम में कोई खाली जगह नहीं चाहिए थी.’ उन्होंने कहा कि सलमान की सबसे अच्छी बात है कि वो गपशप में विश्वास नहीं करते. इधर-उधर की भलाई-बुराई में उनका कोई यकीन नहीं था. जब भी मिलते थे, सिर्फ काम की बात होती थी. फिल्म की बात, फिल्म को जीना, फिल्म को पीना. अगर कोई बातचीत होती भी थी तो फिल्म से जुड़ी होती थी. ‘फिल्म ‘वीर’ के लिए सलमान ने कड़ी मेहनत की. बॉडी बनाई, कैरेक्टर रेडी किया, सब कुछ करना था.’
