
Yami Gautam Share Experience: यामी गौतम ने इन दिनों पति और डायरेक्टर आदित्य धर की ‘धुरंधर’ सक्सेस को लेकर काफी खुश हैं. एक्ट्रेस आखिरी बार हक फिल्म में नजर आई थीं. ये फिल्म जल्द ही ओटीटी पर रिलीज होने वाली है.इस बीच यामी ने अपने शुरुआती दिनों के थिएटर एक्सपीरियंस को याद किया. एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने एक डायलॉग को इस तरह से बोला कि वहां मौजूद लोग हंस-हंसकर लोटपोट हो गए थे.
मैं तुम्हारा गला काट दूंगी…
यामी गौतम ने कहा- ‘जब मैं स्कूल में थिएटर सीख रही थी, तब वहां एक नया टीचर आया था. थिएटर बस शुरू हो रहा था और हर छात्र को अपनी लाइन अलग अंदाज में बोलनी थी. मुझे याद है कि मेरा एक डायलॉग था,’चुप रहो, छोटे शैतान, वरना मैं तुम्हारा गला काट दूंगी’,ये लाइन मैंने इतनी अजीब तरीके से कही कि सभी लोग हंस-हंसकर लोटपोट हो गए.’
नहीं होता कोई तरीका गलत
यामी ने आगे कहा- ‘इसके बाद टीचर ने मजाकिया अंदाज में मुझसे कहा कि ‘तुम तो किसी गली के आदमी की तरह बोल रही हो’, मैंने कहा, ‘मुझे नहीं पता मैं कैसे करूं, लेकिन एक बात अच्छी है कि कम से कम आपको मेरी लाइनें तो याद हैं.’ एक्ट्रेस ने निर्देशन और कलाकार को लेकर बात की. यामी ने कहा- निर्देशक कहानी की दिशा तय करता है और एक्टर उनके विजन को स्क्रीन पर दिखाता है. एक ही किरदार को एक अभिनेता कई अलग-अलग तरीकों से निभा सकता है,और इनमें से कोई तरीका गलत या सही नहीं होता. लेकिन स्क्रीन पर जो दिखता है,वह हमेशा निर्देशक के विजन का हिस्सा होता है. यह कलाकार और निर्देशक के बीच की रचनात्मक साझेदारी को दिखाता है.’
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दोनों की वजह से फिल्म होती है हिट
एक्टिंग केवल डायलॉग बोलने तक सीमित नहीं है. ये किरदार की भावनाओं, मानसिकता और कहानी की दिशा को समझने का तरीका है.जब निर्देशक सही दिशा दिखाते हैं, तो एक्टर को अपने एक्सपीरियंस और टैलेंट का इस्तेमाल कर कहानी को और इंप्रेसिव बनाना होता है. निर्देशक और एक्टर का तालमेल ही किसी फिल्म को सक्सेसफुल बनाता है.
इनपुट- एजेंसी
