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मल्लिका प्रसाद ने ‘मर्दानी 3’ में निभाए विलेन किरदार ‘अम्मा’ के जरिए समाज में हिंसा और अपराध की जड़ों पर गहरी बात कही है. मल्लिका का मानना है कि विलेन जन्म से खराब या गलत नहीं होते, बल्कि समाज और सिस्टम उन्हें ऐसा बना देता है. मल्लिका ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बताया, ‘विलेन पैदा नहीं होते, दरअसल, समाज लोगों को बनाता है और उनका व्यवहार तय करता है. अम्मा का किरदार भी कुछ ऐसा ही है. अम्मा के मामले में यह कोई सीधी हिंसा नहीं है, बल्कि सिस्टम की हिंसा है. यह ढांचे की हिंसा है.’

‘अम्मा’ को लेकर की बात
मल्लिका ने आगे बताया कि अम्मा एक ऐसे भ्रष्ट और क्रूर सिस्टम के अंदर काम करती है, जो चुपचाप उत्पीड़न और हिंसा को बढ़ावा देता है, वास्तव में यह गटर के नियमों से खेलने वाली हिंसा है. यहां नैतिकता की गिरावट इतनी गहरी हो जाती है कि खतरनाक और हानिकारक काम भी सामान्य लगने लगते हैं.’

फिल्म के जरिए दिया संदेश
मल्लिका ने बताया कि फिल्म में दिलचस्प बात यह है कि अम्मा का कोई भी सीन शारीरिक हिंसा दिखाने वाला नहीं है. मल्लिका ने कहा, ‘अम्मा कभी खुद शारीरिक रूप से हिंसक नहीं दिखती, लेकिन उसकी वजह से बहुत सारी हिंसा होती है. यह बताता है कि समाज में हिंसा सिर्फ मुक्के-लात से नहीं, बल्कि सिस्टम और ताकत के दुरुपयोग से भी होती है. मैं यही मुश्किलें फिल्म के जरिए दिखाना चाहती हूं.’

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मर्दानी फ्रेंचाइजी
‘मर्दानी 3’ मर्दानी फ्रेंचाइजी की तीसरी कड़ी है, जो रानी मुखर्जी के किरदार शिवानी शिवाजी रॉय के इर्द-गिर्द घूमती है. यह फिल्म समाज की अंधेरी सच्चाइयों को बेनकाब करती है और खास मुद्दे को सिनेमा के जरिए दर्शकों के सामने पेश करती है. फिल्म में ‘शैतान’ फेम एक्ट्रेस जानकी बोडीवाला भी अहम भूमिका में हैं. वहीं, स्क्रिप्ट आयुष गुप्ता ने लिखी है, जो ‘द रेलवे मेन’ में भी काम कर चुके हैं. मर्दानी फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म साल 2014 में रिलीज हुई थी, जिसमें रानी मुखर्जी के साथ जिशू सेनगुप्ता, ताहिर राज भसीन और अनंत विधात शर्मा थे. दूसरी फिल्म साल 2019 में रिलीज हुई, जिसे गोपी ने डायरेक्ट किया था और विशाल जेठवा भी इसमें थे.