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Manoj Bajpayee Ghooskhor Pandat Controversy: मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) की फिल्म ‘घूसघोर पंडत’ का टीजर नेटफ्लिक्स ने हाल ही में रिलीज किया. इस क्राइम थ्रिलर फिल्म में मनोज बाजपेयी धमाकेदार अंदाज में नजर आ रहे हैं. लेकिन, इस फिल्म के टीजर के आउट होते ही ये मूवी मुसीबत में फंस गई है. इस मूवी के टाइटल को लेकर ये पूरा विवाद है. लोगों का कहना है कि इस फिल्म के टाइटल की वजह से ब्राह्मण समुदाय के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं.जिसके बाद टाइटल को लेकर लोगों ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है.

ब्राह्मण समुदाय को आपत्ति

इस टाइटल पर आपत्ति जताते हुए वकील विनीत जिंदल ने दिल्ली हाईकोर्ट में इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है. याचिका में फिल्म के टाइटल को ब्राह्मण समुदाय की गरिमा और प्रतिष्ठा के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक बताया गया है.दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करने के बाद ये मामला बढ़ता हुआ नजर आ रहा है.

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क्या है कहानी?

इस फिल्म का टीजर 4 फरवरी को नेटफ्लिक्स ने शेयर किया था. टीजर की शुरुआत एक लड़की के एक्सीडेंट से होती है. जिसे मनोज अस्पताल में भर्ती करवाते नजर आ रहे हैं. मनोज का इंट्रोडक्शन दिल्ली पुलिस में सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के तौर पर होता है. जो पंडत के नाम से बदनाम है. इसमें दिखाया गया है कि दिल्ली पुलिस एसआई होता है. पर 20 साल बाद घूमकर उसी रैंक पर दोबारा ज्वॉइन करता है.

50 सेकेंड में मचा बवाल

इस फिल्म में मनोज बाजपेयी के अलावा नुसरत भरूचा, कृति खरबंदा और कई और सितारे हैं. फिल्म के टीजर में एक्शन के साथ-साथ फाइट और वायलेंस भी देखने को भरपूर मिलता है. इस 50 सेकेंड के टीजर के आते ही ऐसा कोहराम मचाया कि लोग फिल्म का विरोध कर रहे हैं. यहां तक कि अयोध्या और प्रयागराज के साध संत ने भी फिल्म रिलीज ने करने को लेकर मांग कर रहे हैं.

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साधु-संत खिलाफ
इस मूवी को साधु संतों ने समाज के खिलाफ बताया है. अयोध्या के हनुमान गढ़ी के संत देवेशाचार्य जी महाराज ने कहा कि मूवी का शीर्षक ब्राह्मण समाज को बदनाम करने वाला है. मनोज तो खुद ही ब्राह्मण हैं.उन्हें इस तरह का रोल निभाने से पहले सोचना चाहिए. इसमें ब्राह्मण समाज को टारगेट किया जा रहा है. ऐसी मूवीज का समाज को बहिष्कार करना चाहिए.