Subhash Ghai On AR Rahman Remarks: हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर सुभाष घई ने हाल ही में खुलकर मशहूर सिंगर और कंपोजर एआर रहमान का सपोर्ट किया. रहमान के बॉलीवुड को लेकर दिए गए ‘सांप्रदायिक’ बयान को लेकर काफी चर्चा हुई, लेकिन सुभाष घई का कहना है कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. घई और रहमान लंबे समय तक एक-दूसरे के साथ काम कर चुके हैं और एक-दूसरे को अच्छे से जानते हैं. उनके मुताबिक, रहमान को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वे सच नहीं है.
ANI से बातचीत में सुभाष घई ने कहा कि वे 1994 से एआर रहमान को जानते हैं. इतने सालों में उन्होंने कभी भी रहमान को धर्म या समुदाय के आधार पर सोचते नहीं देखा. घई ने बताया कि वे आज भी रहमान से मिलते हैं, उनके घर जाते हैं और स्टूडियो में साथ वक्त बिताते हैं. उनके मुताबिक, रहमान हमेशा इंसानियत और आध्यात्म में विश्वास करते आए हैं, न कि किसी धार्मिक भेदभाव में. सुभाष घई ने आगे कहा कि रहमान ने अपने करियर में भजन भी बनाए हैं और सूफी गाने भी बनाए. उनका संगीत हमेशा दिलों को जोड़ता है.

रहमान के सपोर्ट में उतरे सुभाष घई
घई को हैरानी हुई जब उन्होंने सुना कि रहमान पर सांप्रदायिक सोच का आरोप लगाया जा रहा है. उनके मुताबिक, ये बात बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई है. उन्होंने साफ कहा कि फिल्म इंडस्ट्री सबसे धर्मनिरपेक्ष जगहों में से एक है, जहां लोग भाइयों की तरह काम करते हैं. दरअसल, एआर रहमान ने BBC एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि पिछले कुछ सालों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से उन्हें काम कम मिला है. उन्होंने इसके पीछे इंडस्ट्री के बदलते माहौल और पिछले 8 सालों में आए बदलावों को वजह बताया.
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खुद रहमान न भी दी थी अपनी सफाई
इसके बाद उनके इस बयान का लोगों ने अलग-अलग मतलब निकाल लिया और विवाद खड़ा हो गया. इसी वजह से ये मामला अब तक चर्चा में बना हुआ है. विवाद बढ़ने के बाद खुद रहमान ने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई पेश की थी. उन्होंने कहा कि संगीत हमेशा से उनके लिए लोगों और परंपराओं से जुड़ने का जरिया रहा है. उन्होंने माना कि कई बार ‘इरादों’ को गलत समझ लिया जाता है. रहमान ने कहा कि उनका मकसद कभी किसी को ठेस पहुंचाना नहीं रहा, बल्कि संगीत के जरिए सेवा करना ही उनकी सच्ची कोशिश रही है.
3 फिल्मों में काम कर चुके हैं रहमान और घई
रहमान ने अपने मैसेज में ये भी कहा कि उन्हें भारतीय होने पर गर्व है. उनके मुताबिक, भारत उन्हें वे आजादी देता है जहां अलग-अलग संस्कृतियों और आवाजों को जगह मिलती है. इस पूरे मामले पर इंडस्ट्री से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. इससे पहले कंगना रनौत, परेश रावल और रणवीर शौरी जैसे कलाकार भी अपनी राय रख चुके हैं. फिलहाल ये मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है. बता दें, सुभाष घई और एआर रहमान ने 3 फिल्मों में साथ काम किया है, जिनमें ‘ताल’ (1999), ‘किसना: द वॉरियर पोएट’ (2005) और ‘युवराज’ (2008) शामिल है.
