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बॉलीवुड सिंगर अरिजीत सिंह और सुपरस्टार आमिर खान पर पश्चिम बंगाल के एक फेमस कॉलेज के प्रिंसिपल ने आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है. इस पोस्ट में उन्होंने सिंगर और एक्टर पर बिना परमिशन के देर रात कॉलेज में घुसने की बात कही है. ये बात मुर्शिदाबाद के जियागंज में बने रानी धन्य कुमारी सरकारी कॉलेज की है. जहां के प्रिंसिपल अजय अधिकारी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि आमिर और अरिजीत बिना परमिशन के कैम्पस में दाखिल हुए थे. वहीं उन्होंने इस पोस्ट के साथ कैम्पस के सीसीटीवी फुटेज को भी शेयर किया था, जिसमें रात करीब 1:05 बजे कई दूसरे लोगों के साथ दोनों कलाकारों को आते हुए दिखाया गया है. लेकिन अहम बात ये हैं कि प्रिंसिपल ने इस पोस्ट को कुछ देर बाद ही हटा दिया. लेकिन सवाल करते हुए कहा कि आमिर खान और अरिजीत सिंह को सिर्फ इसलिए परमिशन लेने से छूट क्यों मिलनी चाहिए क्योंकि वो सेलिब्रिटी हैं.?

सीसीटीवी वीडियो को किया शेयर 
रानी धन्य कुमारी सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल अजय अधिकारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के साथ सीसीटीवी फुटेज शेयर किया था. इस वीडियो में आमिर खान और अरिजीत सिंह कुछ और लोगों के साथ मोटरसाइकिलों पर करीब एक बजे कैंपस पहुंचते हुए दिखाई दे रहे हैं. ये वीडियो 4 फरवरी का है, जिसे बंगाली मीडिया आउटलेट सत्य दर्पण ने फेसबुक पर शेयर किया है. इस वीडियो में दोनों कलाकारों को अपनी बाइक से उतरते हुए देखा जा सकता है. वहीं प्रिंसिपल द्वारा लगाए गए आरोपों में उन्होंने कहा कि उन्होंने इंडोर गेम्स हॉल में बैडमिंटन खेला, एक शूट किया और रात करीब दो बजे के बाद वहां से चले गए. 

बिना परमिशन कैम्पस में एंट्री
कॉलेज के प्रिंसिपल द्वारा फेसबुक पोस्ट को डिलीट किए जाने के बाद उन्होंने एक और पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने सेलिब्रिटीज पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मेरा सवाल ये है कि इतनी देर रात, कॉलेज को बिना बताए, वो किसी सोशल वर्क या पर्सनल काम से नहीं आए थे. वो काम के लिए आए थे और उन्होंने परमिशन लिए बिना ही कॉलेज के कैम्पस में एंट्री ले ली. यहां तक कि वहां मौजूद नाइट गार्ड को भी प्रभावित किया. क्या सिर्फ फेमस होने से वो जो चाहें कर सकते हैं? क्या गवर्नमेंट एड्यूकेशन इंस्टीट्यूट के साथ इस तरह से पेश आना गलत नहीं है?

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पोस्ट डिलीट करने के लिए मजबूर किया
प्रिंसिपल ने वीडियो रिमूव करने के बाद एक और पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया है. वहीं तंज कसते हुए उन्होंने बंगाली में लिखा कि उन्हें इस बात से बहुत ही हैरानी हो रही है कि पोस्ट को डिलीट कर देने के बाद भी लोग अपनी राय बिना मांगे दिए जा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि ‘अब कोई भी इस मामले को सही नजरिए से नहीं देख रहा है, बल्कि लोग आंख बंद करके उन लोगों का साथ दे रहे हैं, जिनके वो फैन हैं.’ 

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फैसला लेने की शक्ति पर उठाए सवाल
प्रिंसिपल ने लिखा, ‘क्या लोगों ने सही-गलत और समस्या-समाधान की नजर से सोचने और फैसला लेने की अपनी ताकत को पूरी तरह से खो चुके हैं? कुछ स्टूडेंट को छोड़कर, ज्यादा स्टूडेंट ग्रुप का सम्मान और उसके सामाजिक और नागरिक के रूप में अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह से चिंता में रहते हैं.’ उन्होंने बंगाली में लिखा, ‘आखिर में कहा कि वो पूरी तरह से हारा हुआ महसूस कर रहे हैं, मानो वो पूरी तरह से असफल हो गए हों.’