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Salim Khan On Ventilator Support: हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रीनराइटर सलीम खान की तबीयत को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, उनका ब्लड प्रेशर अचानक काफी बढ़ गया, जिसके चलते दिमाग के दाहिने हिस्से में इंटरनल ब्लीडिंग हुई. डॉक्टरों के मुताबिक नस फटने की वजह से ये परेशानी हुई. फिलहाल उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. बुधवार सुबह उनकी सर्जरी की तैयारी की जा रही है.
आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है. सलीम खान को मंगलवार सुबह मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शाम को अस्पताल की तरफ से एक हेल्थ बुलेटिन जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. बयान में कहा गया, ‘उनका इलाज खास डॉक्टरों की टीम कर रही है और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है’. परिवार उनके साथ मौजूद है.
अस्पताल में मौजूद है पूरा खान परिवार
अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही परिवार के लोग उनके पास पहुंच गए. उनके बेटे सलमान खान भी मंगलवार को अस्पताल में नजर आए. इसके अलावा उनकी दोनों पत्नियां सलमा और हेलेन भी पति से मिलने पहुंचीं. परिवार के सभी सदस्य इस मुश्किल समय में एक साथ खड़े दिखे और अस्पताल के बाहर मीडिया की हलचल भी देखी गई. सलीम खान के बच्चे अरबाज खान, अलवीरा खान और अर्पिता खान शामिल भी अस्पताल पहुंचे.
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सर्जरी की तैयारी कर डॉक्टर्स
उनके पोते निर्वाण और अरहान भी दादा से मिलने आए. परिवार के चेहरों पर चिंता साफ दिखाई दे रही थी. सभी लोग उनकी सेहत को लेकर परेशान हैं और डॉक्टरों से लगातार जानकारी ले रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी फैंस लगातार उनके जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं. 90 की उम्र में भी सलीम खान हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली लेखकों में गिने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर में कई यादगार कहानियां दीं, जिन्होंने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई.
सलीम-जावेद की जोड़ी ने दी कई यादगार कहानियां
उनकी राइटिंग ने हिंदी फिल्मों की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई है. सलीम खान ने जावेद अख्तर के साथ मिलकर 70 के दशक में कई ऐतिहासिक फिल्में लिखीं. इस जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को नई पहचान दी. ‘शोले’ जैसी फिल्म आज भी सबसे महान भारतीय फिल्मों में गिनी जाती है. इसके अलावा ‘दीवार’, ‘जंजीर’ और ‘डॉन’ जैसी फिल्मों ने ‘एंग्री यंग मैन’ दौर को मजबूत किया. उनकी कहानियों ने न सिर्फ फिल्मों को हिट बनाया, बल्कि लेखकों की अहमियत भी बढ़ाई.
