Ramadan 2026: इस्लाम का पवित्र महीना रमजान चल रहा है. रमजान को अल्लाह की इबादत, रहमत और हिदायत का महीना भी कहा जाता है, इस दौरान सुबह से शाम तक बिना कुछ खाए-पीए रोजा रखा जाता है. सुबह के समय सही होता है जबकि शाम के समय इफ्तार किया जाता है. नाइजीरिया में रोजा न रखने वाले 9 मुस्लिम लोगों को जेल हुई, सिर्फ नाइजीरिया ही नहीं दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां पर रोजा न रखने पर कड़ी सजा का प्रावधान है, आइए जानते हैं इन देशों के बारे में.

सऊदी अरब
सबसे पहले हम बात करेंगे सऊदी अरब की. सऊदी अरब में बहुतायत संख्या में मुसलमान रहते हैं. यहां का कानून इस्लामिक कानून के मुताबिक बनाया गया है. ऐसे में यहां पर सभी मुस्लिमों को रोजा रखना बेहद जरूरी होता है. जो रोजा नहीं रखता है उसे कड़ी सजा मिलती है. इतना ही नहीं गैर- मुस्लिम विदेशी अगर इफ्तार से पहले खाते-पीते, धूम्रपान करते, या शराब पीते पाया जाता है तो उसे कारावास, कोड़े मारने और देश निकाला की भी सजा है.

ओमान 
सऊदी अरब के अलावा ओमान देश भी ऐसा है जहां पर रोजा न रखने वालों को कड़ी सजा मिलती है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इफ्तार से पहले पब्लिक प्लेस पर खान-पान करने और स्मोकिंग करने पर उन्हें 10 दिन से 3 महीने तक की जेल की सजा देने का प्रावधान है. यहां पर दंड संहिता के अनुच्छेद 277 के अनुसार समान अचार संहिता का पालन करना जरूरी होता है, जो नहीं करता है तो उसके लिए सजा का प्रावधान होता है.

Add Zee News as a Preferred Source

मलेशिया 
मलेशिया में भी रोजा न रखने वालों को कड़ी सजा मिलती है. यहां पर अगर कोई व्यक्ति इफ्तार के पहले अपना रोजा तोड़ता है और ये बात पुलिस को पता चलती है तो पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है. इतना ही नहीं रमजान के महीने में कोई भी व्यक्ति इफ्तार से पहले खाने, तंबाकू या फिर रिगरेट की दुकानें नहीं खोल सकता है. अगर ऐसा करते हुए कोई पाया जाता है तो उसपर 15 से 30 हजार तक जुर्माना लगाया जाता है, इतना ही नहीं उसे एक साल की कैद भी हो सकती है. 

नाइजीरिया में क्या हुआ था?
नाइजीरिया के उत्तरी राज्य कानो में इस्लामिक पुलिस ने बुधवार को नौ मुस्लिमों को रोजा न रखने की वजह से गिरफ्तार किया था. इन्हें  इस साल रमजान के रोजे के पहले दिन खाना खाते हुए देखा गया था. बता दें कि कानो में ज्यादातर मुस्लिम आबादी है, जहां इस्लामिक कानूनी सिस्टम – शरिया सेक्युलर कानून के साथ चलता है. हिस्बाह के नाम से जानी जाने वाली इस्लामिक पुलिस, हर साल रमजान के दौरान कैफे, रेस्टोरेंट और बाजारों की तलाशी लेती है ताकि यह पक्का किया जा सके कि मुसलमान रोजे के समय का पालन कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें: Ramadan 2026: रमजान इफ्तारी में घर पर ही बनाएं हलवाई जैसी लच्छेदार रबड़ी, मिनटों में हो जाएगी तैयार