
AI Fake Video Controversy: हिंदी सिनेमा के दिग्गज राइटर और गीतकार जावेद अख्तर हाल ही में ऑनलाइन फैल रहे एक फर्जी AI वीडियो का शिकार हो गए हैं. सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए पहचाने जाने वाले जावेद अख्तर ने इस वीडियो को लेकर नाराजगी जाहिर की. वायरल हो रहे इस क्लिप में AI की मदद से बना उनका नकली चेहरा दिखाया गया है. साथ ही उनके सिर पर टोपी दिखाई दे रही है और दावा किया जा रहा है कि उन्होंने ‘भगवान की राह’ अपना ली है.
जावेद अख्तर ने इस दावे को पूरी तरह झूठा बताया है और इसे सिरे से खारिज कर दिया है. इस फर्जी वीडियो को लेकर जावेद अख्तर ने अपने X हैंडल पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने इसे ‘रद्दी’ बताते हुए कहा कि इस तरह का कंटेंट न सिर्फ लोगों को गुमराह करता है, बल्कि उनकी इमेज और भरोसे को भी नुकसान पहुंचाता है. उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और ये वीडियो पूरी तरह से AI की मदद से बनाया गया फेक कंटेंट है. उनका ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है.
वायरल हो रहा राइटर का फर्जी AI वीडियो
जावेद अख्तर का मानना है कि इस तरह की हरकतें सोच-समझकर की जा रही हैं ताकि उनकी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा सके. जावेद अख्तर ने ये भी बताया कि वे इस मामले में कानूनी कदम उठाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कर सकते हैं ताकि ये पता लगाया जा सके कि इस वीडियो को किसने बनाया और फैलाया. अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘मेरी नकली कंप्यूटर जनरेटेड फोटो के साथ एक वीडियो फैलाया जा रहा है’.

गुस्से से तिलमिलाए जावेद अख्तर
उन्होंने आगे लिखा, ‘जिसमें झूठा दावा किया जा रहा है कि मैं भगवान की तरफ मुड़ गया हूं. ये पूरी तरह बकवास है’. उन्होंने साफ किया कि ऐसे लोगों को कोर्ट तक ले जाया जाना चाहिए. जावेद अख्तर के इस पोस्ट के सामने आते ही यूजर्स भी इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कई यूजर्स ने चिंता जताई कि आज के समय में AI की मदद से किसी की भी इमेज को आसानी से बदनाम किया जा सकता है. फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों ने जावेद अख्तर का सपोर्ट किया और सख्त कार्रवाई की मांग की.
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फर्जी AI वीडियो को लेकर लोगों ने जताई चिंता
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगी, तो भविष्य में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं. उनका ये फर्जी AI वीडियो ऐसे समय पर आया, जब वे गाजा, ईश्वर और इंसाफ से जुड़ी एक डिबेट में शामिल हुए थे. इस चर्चा में इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती शमाली नदवी भी मौजूद थे. डिबेट के तुरंत बाद इस तरह का वीडियो सामने आना कई सवाल खड़े करता है. जावेद अख्तर के सपोटर्स का मानना है कि ये जानबूझकर किया गया है, ताकि उनकी सोच और बयानों को गलत तरीके से पेश किया जा सके.
लगातार सेलेब्स के बन रहे फर्जी AI वीडियो
बता दे, ये मामला एक बार फिर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में AI के गलत इस्तेमाल पर सवाल खड़े करता है. बीते कुछ समय में कई सेलेब्रिटीज के डीपफेक वीडियो, फर्जी ऑडियो और मॉर्फ की गई तस्वीरें सामने आ चुकी हैं. कई कलाकारों ने अपनी पहचान और इमेज राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. वहीं कुछ सेलेब्स लगातार सख्त साइबर कानूनों की मांग कर रहे हैं, ताकि इस तरह की तकनीक का गलत इस्तेमाल रोका जा सके. अब देखना ये है कि जावेद अख्तर के मामले में क्या होता है.
