
नई दिल्ली: मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpai) स्टारर वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन’ (The Family Man 2) का दूसरा सीजन लगातार विवादों में बना हुआ है. एक तरफ जहां इस वेब सीरीज को दर्शकों का बेहिसाब प्यार मिल रहा है वहीं दूसरी तरफ इस वेब सीरीज को तमिलनाडु में बैन किए जाए की संभावनाएं प्रबल नजर आ रही हैं. सीरीज पर राजनीतिक खींचतान काफी बढ़ गई है और ऐसे में हम आज आपको बताने जा रहे हैं उन कुछ फिल्मों के बारे में जिन्हें तमिलनाडु में बैन किया जा चुका है.
मद्रास कैफे
शूजीत सरकार (Sujit Sarkar) के निर्देशन में बनी जॉन अब्राहम (John Abraham) स्टारर ये फिल्म भी काफी ज्यादा विवादों में रही थी. 1980 के बैकड्रॉप में बनी ये फिल्म श्रीलंका के सिविल वॉर में भारत के दखल और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के निधन जैसे मुद्दों पर बात करती है. इस फिल्म ने तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मचा दी थी. CBFC की तरफ से हरी झंडी मिलने के बावजूद इस फिल्म को तमिलनाडु में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी.
इनाम
संतोष सिवान के निर्देशन में बनी ये तमिल वॉर ड्रामा फिल्म भी तमिलनाडु में विवादों की भेंट चढ़ गई. ये फिल्म श्रीलंकाई गृहयुद्ध के दौरान अनाथों के एक समूह के बारे में थी. ये उन फिल्मों में से एक थी जिन्हें रिलीज किए जाने के बाद तमिलनाडु के सिनेमाघरों से हटाया गया था. तमिल फ्रिंज समूहों ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की क्योंकि यह श्रीलंकाई गृहयुद्ध के दौरान तमिल विद्रोहियों के संघर्ष के बारे में थी और शरणार्थियों के एक समूह पर केंद्रित थी.
कुत्ररापथिरिकाई
श्रीलंकाई गृहयुद्ध और राजीव गांधी हत्याकांड के खिलाफ बात करती आरके सेल्वमनी की कुत्रपथिरिकाई, साल 1991 में बनाई गई थी. 15 सालों तक इसे CBFC की अनुमति नहीं मिली. वजह था फिल्म में बहुत ज्यादा राजनीतिक विवाद की संभावना होना. मद्रास हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद जब साल 2007 में इसे रिलीज किया गया तो इसमें बहुत से कट लगाए गए और ए सर्टिफिकेट के साथ इसे गिनी चुनी जगहों पर ही रिलीज किया गया.
विद यू, विदआउट यू
श्रीलंकाई फिल्ममेकर प्रसन्ना विथानगे की फिल्म विद यू विदाउट यू एक युवा जोड़े के बीच संबंधों के बारे में बात करती है. ये फिल्म श्रीलंकाई गृहयुद्ध के बैकड्रॉप में गढ़ी गई है. ये फिल्म रिलीज के महज एक दिन बाद थिएटर्स से हटवा दी गई थी. इतना ही नहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक चेन्नई के दो मल्टीप्लेक्स मालिकों को जान से मारने की धमकियां भी दी गई थीं.
पुलीपारवई
प्रवीण गांधी की तमिल फिल्म पुलीपारवई लिट्टे प्रमुख वी. प्रभाकरन के बेटे बालचंद्रन के जीवन पर आधारित थी. साल 2014 में रिलीज होने के बाद ये फिल्म विवादों में आ गई. कई तमिल समर्थक फिल्म की रिलीज के खिलाफ थे और सैकड़ों छात्रों ने इसकी रिलीज के खिलाफ विरोध किया था.
ये भी पढ़ें-
शादी के बाद ब्याहता यामी की पहली तस्वीर आई सामने, सिंदूर और चूड़े में लग रहीं कमाल
एंटरटेनमेंट की लेटेस्ट और इंटरेस्टिंग खबरों के लिए यहां क्लिक कर Zee News के Entertainment Facebook Page को लाइक करें
