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Indian Economy: जापान को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. मौजूदा समय में इसकी GDP 4.18 ट्रिलियन US डॉलर तक पहुंच चुकी है. अंदाजा लगाया जा रहा है कि साल 2030 तक भारत जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का गौरव हासिल कर सकता है. बता दें कि भारत मजबूत डॉमेस्टिकल कंजंप्शन और बेहतर स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स के चलते तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना है. भारत की इस उपलब्धि पर चीन ने भी बधाई दी है. 

चीन ने दी बधाई 

भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था पर चीन की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है. भारत में चीनी दूतावास की स्पोक्सपर्सन यू जिंग ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भारत को बधाई देते हुए लिखा,’ यह जानकर बेहद खुशी हुई कि भारत  विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए जापान को पीछे छोड़ने की राह पर है. भारत का यह उदय दर्शाता है कि सच्ची शक्ति इतिहास का ईमानदारी से सामना करने, उससे सीखने और भविष्य की जिम्मेदारी लेने से ही मिलती है.’ 

 

भारत की GDP में बढ़ोत्तरी 

बता दें कि भारत की वास्तविक GDP फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2 फीसदी बढ़ी. जो पहली तिमाही के 7.8 फीसदी और पिछले फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही के 7.4 फीसदी से ज्यादा है. यह 6 तिमाहियों में सबसे तेज बढ़ोत्तरी है, जो वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बाद भी दर्ज की गई. सरकार ने भरोसा जताते हुए कहा कि मजबूत आर्थिक नींव के साथ भारत की GDP साल 2030 तक 7.3 ट्रिलियन US डॉलर तक पहुंच जाएगी. मौजूदा समय में अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. इसके बाद दूसरे नंबर पर चीन और तीसरे नंबर पर जर्मनी है. 

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भारत की ग्रोथ रेट 

भारत की विकास संभावनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने बेहतर उम्मीद जताई है. वर्ल्ड बैंक ने साल 2026 के लिए भारत की ग्रोथ रेट 6.5 फीसदी रहने की संभावना जताई है. ‘मूडीज’ के मुताबिक भारत साल 2026 में 6.4 फीसदी और साल 2027 में 6.5 फीसदी रेट से बढ़ते हुए G20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी बना रहेगा. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की ओर से साल 2025 के लिए ग्रोथ रेट 6.6 फीसदी और साल 2026 के लिए 6.2 फीसदी बढ़ाया है. 

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बेरोजगारी में आई गिरावट 

सरकार का कहना है कि इंफ्लेशन रेट लोवर टॉलरेंस लिमिट से नीचे बनी है. वहीं बेरोजगारी में भी गिरावट आई है और एक्सपोर्ट में भी लगातार सुधार हो रहा है. फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन स्टेबल हैं और कॉमर्स सेक्टर को भी मजबूत क्रेडिट फ्लो मिल रहा है. इसके साथ ही शहरी खपत में भी तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे आर्थिक गति को सहारा मिला है. सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया,’ भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इस स्पीड को बनाए रखने की मजबूत स्थिति में है. साल 2047 तक अपर मिडिल इनकम वाला देश बनने के टारेगट के साथ भारत आर्थिक वृद्धि, स्ट्रक्चरल रिफॉर्म और सोशल प्रोग्रेस में आगे बढ़ रहा है.