News in Brief

Tamil Nadu SIR: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं की संख्या में बड़ी कांट-छांट देखने को मिली है. यहां स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद सोमवार (23 फरवरी 2026) को राज्य की फाइनल वोटर लिस्ट शेयर की गई. बता दें कि राज्य में SIR प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट से 74 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम हटा दिए जा चुके हैं. 

क्या बोलीं मुख्य निर्वाचन अधिकारी?

तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने चेन्नई में बोलते हुए कहा कि राज्य में कुल 5.6 करोड़ वोटर्स के साथ मतदाताओं में 2.7 करोड़ पुरुष, 2.8 करोड़ महिलाएं और 7,617 थर्ड जेंडर के वोटर्स शामिल हैं. स्टेट इलेक्शन पेनल के मुताबिक 27 अक्टूबर 2025 तक तमिलनाडु में वोटर लिस्ट में 6.4 करोड़ मतदाता थे. वहीं SIR एक्सरसाइज के कैलकुलेशन स्टेज के बाद 19 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में वोटर्स की कुल संख्या घटकर 5.4 करोड़ दिखाई गई. राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपडेटेड वोटर लिस्ट का इस्तेमाल किया जाएगा.

ये भी पढ़ें-  ‘ड्राइवर को मिलेगा 80 प्रतिशत मुनाफा…,’ भारत टैक्सी के ‘सारथियों’ से अमित शाह की खास बातचीत, 500 रुपये के शेयर लेकर बन सकते हैं मालिक  

Add Zee News as a Preferred Source

कितने वोटर्स के नाम कटे? 

19 दिसंबर 2025-30 जनवरी 2026 तक के क्लेम और ऑब्जेक्शन पीरियड में आयोग ने 27.53 लाख एलिजिबल वोटर्स को जोड़ा और 4.23 लाख अयोग्य वोटर्स को हटा दिया. इन बदलावों को शामिल करने के बाद अंतिम मतदाता सूची 23 फरवरी 2026 को पब्लिश की गई, जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या 5.6 करोड़ थी. कोयंबटूर जिले में वोटर्स की कुल संख्या अब 26.9 लाख है. चेंगलपट्टू जिले में 22,60,036 वोटर्स हैं, जबकि रामनाथपुरम जिले में कुल 11,23,029 वोटर्स और तिरुवल्लूर जिले में कुल 31,57,413 मतदाता हैं.  

ये भी पढ़ें- ‘ये नाकामी छिपाने की कोशिश…,’ रमजान के पाक महीने में पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर बड़ा हमला, भारत ने की निंदा; काबुल को दिया समर्थन  

इन राज्यों में भी घटी मतदाताओं की संख्या

बता दें कि तमिलनाडु के साथ ही 9 प्रदेशों और केंद्रशासित राज्यों में भी SIR का दूसरा चरण पूरा हुआ. इन प्रदेशों में लगभग 8 फीसदी मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से हटाया गया. राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश,पुडुचेरी, गोवा, केरल और अंडमान-निकोबार समेत लक्षद्वीप में पहले तकरीबन 21.45 करोड़ वोटर्स थे. फाइनल वोटर लिस्ट में यह संख्या घटकर 19.75 करोड़ हो गई. साफ शब्दों में कहें तो कुल 1 करोड़ 70 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम कम हुए हैं.