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Dehradun Anjel Chakma Murder Case: उत्तराखंड के देहरादून में बीते दिनों त्रिपुरा के एक छात्र पर नस्लीय दुर्व्यवहार कर उसकी हत्या कर दी गई. आरोपियों ने 24 साल के एंजेल चकमा और उनके छोटे भाई माइकल चकमा को चिंकी, मोमो और चीनी कहकर अपमानित किया था, जिसका एंजेल ने बड़ी शांति से जवाब देते हुए कहा था कि वह भारतीय है. इसको लेकर थोड़ी ही देर में माहौल बिगड़ा औरर एंजेल पर आरोपियों ने चाकू से हमला किया. बेटे की मौत पर BSF के जवान और एंजेल चकमा के पिता का बयान आया है. 

पिता ने अस्पताल पर जताया संदेह

देहरादून में अपने बेटे एंजेल चकमा की मौत पर पिता तरुण प्रसाद चकमा ने अस्पताल पर शक जताया है. उन्होंने कहा,’ शायद देहरादून के अस्पताल के कर्मचारी इस दुर्घटना में शामिल हैं. ऑपरेशन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन इलाज ठीक से नहीं किया गया.’ अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में पाया गया कि एंजेल की पीठ और सिर पर गहरे घाव थे.

उसके पैरों में भी कई खरोंचें थीं. साथ ही शरीर के कई अंगों में गंभीर चोट के निशान थे. चकमा की रीढ़ की हड्डी और दिमाग में भी दरारें बताई गईं थीं.  

पुलिस ने FIR दर्ज करने से किया मना 

एंजेल चकमा के पिता ने आगे बताया कि घटना को लेकर पुलिस ने केस दर्ज करने से भी मना कर दिया था. उन्होंने बताया,’ मैं नहीं चाहता कि मेरे बच्चे के साथ जो हुआ, वो किसी और के साथ हो. रात में मुझे मेरे छोटे बेटे का फोन आया, जिसने मुझे हमले के बारे में बताया. मैंने छुट्टी ली और देहरादून के लिए निकल गया. मैंने अपने बच्चे को गंभीर हालत में देखा. उसकी पीठ में 2 बार चाकू लगने से उसका बायां हाथ और पैर लकवाग्रस्त हो गए थे. उसके सिर से खून बह रहा था. मैं पुलिस स्टेशन गया और घटनास्थल के CCTV फुटेज देखे. फुटेज में दिखा कि मोटरसाइकिल पर सवार 3 लोग मेरे छोटे बेटे के पास आए, उससे थोड़ी देर बात की और फिर अपशब्द कहने लगे. उन्होंने पहले उसके सिर पर हमला किया और जब मेरा बड़ा बेटा उसे बचाने आया, तो उन्होंने उसकी पीठ में चाकू मार दिया फिर उन्होंने उसे लात मारी और उसकी गर्दन तोड़ दी. आखिर में उनके 2 दोस्तों ने उन्हें बचाया. मेरे बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. वे FIR दर्ज कराना चाहते थे, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया, यह कहकर कि यह मामूली मामला है. जब हम वहां गए, तभी उन्होंने मामला दर्ज किया.’ 

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पुलिस ने 5 लोगों को किया गिरफ्तार 

एंजेल चकमा की हत्या के आरोप में पुलिस अबतक 5 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. वहीं एक आरोपी नेपाल भाग गया है, जिसे खोजने के लिए पुलिस की टीम को नेपाल भेजा गया है और साथ ही आरोपी को पकड़ने के लिए 25 हजार रुपये के इनाम का ऐलान किया गया है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने भी शोक जताया है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है. साथ ही सीएम ने बोला कि राज्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा. 

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घटना से लोगों में नाराजगी 

एंजेल की हत्या के मामले में जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है. पकड़े गए 5 आरोपियों में से 2 नाबालिग बताए जा रहे हैं. उन्हें किशोर सुधार गृह भेजा गया है. इसके अलावा गिरफ्तार किए गए लोगों में शौर्य राजपूत, सूरज ख्वास, सुमित, अवनीश नेगी और आयुष बरोनी के तौर पर हुई है. उत्तराखंड में हुई इस घटना से पूरे पूर्वोत्तर भारत में आक्रोश फैला है. लोग एंजेल चकमा और नस्लीय नफरत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.