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Karnataka Power Tussle: कर्नाटक की राजनीति इन दिनों गर्मा रही है. जहां एक तरफ कांग्रेस सरकार चलाने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी के नेता लगातार हमले बोल रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी सांसद जगदीश शेट्टार ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रही सत्ता की जंग जल्द ही सरकार को ले डूबेगी. शेट्टार का मानना है कि इस झगड़े से जनता परेशान हो रही है और उसका समर्थन अब बीजेपी की तरफ शिफ्ट हो रहा है.

शेट्टार का तीखा हमला
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए शेट्टार ने खुलकर कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री और डिप्टी मुख्यमंत्री के बीच झगड़ा बहुत गंभीर है, जिससे सरकार गिर जाएगी. इससे बीजेपी को मदद मिल रही है क्योंकि जनता का समर्थन पार्टी की तरफ जाने लगा है, और उपचुनाव के नतीजे भी यह दिखाते हैं.” शेट्टार ने आरोप लगाया कि इस आंतरिक लड़ाई की वजह से राज्य का प्रशासन पूरी तरह ठप हो गया है. भ्रष्टाचार फैल रहा है, अधिकारी किसी की नहीं सुन रहे, और कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है. किसानों के मुद्दे भी लटके पड़े हैं.

एक सप्ताह में दूसरी बार शेट्टार का दावा
यह पहली बार नहीं है जब शेट्टार ने ऐसा कहा. महज एक हफ्ते में यह दूसरा मौका है जब उन्होंने कांग्रेस लीडरशिप पर हमला बोला. सोमवार को भी उन्होंने कहा था कि यह पावर स्ट्रगल कर्नाटक के विकास को नुकसान पहुंचा रहा है. “इसका असर सभी डिपार्टमेंट्स में दिखना शुरू हो गया है.” इससे पहले ANI से बातचीत में उन्होंने दावा किया था, “कर्नाटक के सीएम और डीसीएम के बीच गंभीर आंतरिक लड़ाई की वजह से, कर्नाटक सरकार का पूरा एडमिनिस्ट्रेशन खत्म हो गया है. करप्शन फैला हुआ है, और कोई भी ऑफिसर किसी की बात नहीं सुन रहा है.”

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कांग्रेस में क्या चल रहा है?
कांग्रेस की तरफ से इस पर क्या रिएक्शन है? मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने नेतृत्व बदलाव की अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले पार्टी हाईकमान पर निर्भर हैं. AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अनुशासन पर जोर देते हुए सिद्धारमैया बोले, “पार्टी से बड़ा कोई नहीं है,” और अंतिम फैसला राहुल गांधी समेत सीनियर लीडर्स लेंगे. उन्होंने मीडिया पर भी नाराजगी जताई कि इस मुद्दे को ज्यादा तूल दिया जा रहा है, जबकि यह पहले ही सुलझ चुका है. दूसरी तरफ, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने मामले को हल्का बताते हुए कहा कि वे एक वफादार पार्टी कार्यकर्ता हैं और हाईकमान के फैसले को मानेंगे. लेकिन सच्चाई यह है कि दोनों नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए आपस में टकरा रहे हैं. कांग्रेस हाईकमान ने अब तक कोई साफ स्टैंड नहीं लिया, जो संकट को और गहरा रहा है.

बीजेपी को मिल रहा फायदा?
शेट्टार ने यह भी बताया कि उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी है, ताकि कर्नाटक में कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए हस्तक्षेप हो. वे अगले हफ्ते स्पीकर से मिलने वाले हैं. बीजेपी का दावा है कि कांग्रेस की यह कलह राज्य को पीछे धकेल रही है, और उपचुनाव के नतीजे इसका सबूत हैं. जनता अब विकास और स्थिरता चाहती है, जो बीजेपी दे सकती है. कुल मिलाकर, कर्नाटक की राजनीति में यह झगड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है. अगर हाईकमान ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो सरकार पर खतरा बढ़ सकता है. जनता की नजर अब कांग्रेस के अगले कदम पर है.