
देश की मुख्य विपक्षी कांग्रेस पार्टी को लगातार चुनावों में हार का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद शकील अहमद ने पार्टी छोड़ दी. अहमद ने रविवार को मीडिया विशेष बातचीत के दौरान मुस्लिम समाज के वोट को लेकर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के नजरिए के बारे में बात की. शकील अहमद ने कहा, ‘सालों से परिस्थिति ऐसी रही है कि मुसलमान कांग्रेस को वोट देता आ रहा है. कांग्रेस भी चाहती है कि उसे मुस्लिम वोट मिले. वोट भाजपा भी चाहती है, लेकिन, वे मुस्लिम समाज के खिलाफ भाषण करती है. अगर कोई पार्टी किसी के फेवर में बोलती है, तो लोगों को लगता है कि वोट लेने के लिए बोला जा रहा है. कोई यह भी समझ सकता है कि बेवकूफ बनाने के लिए बोला जा रहा है.’
शकील अहमद ने आगे कहा, ‘अगर किसी के खिलाफ बोला जाए, तो वह यह नहीं समझेगा कि उसे बेवकूफ बनाने के लिए बोला जा रहा है. वह सच में समझेगा कि पार्टी उसकी दुश्मन है. राहुल गांधी के दिमाग में एक बात बैठी हुई है कि मुसलमान जिस दिन पीएम मोदी या भाजपा से नाराज होंगे, तो कांग्रेस पार्टी दूसरे नंबर पर है, जिस कारण पार्टी को उनका साथ मिलेगा. दो नंबर से नीचे हम इसलिए नहीं जा सकते, क्योंकि नीतीश कुमार, लालू यादव, चिराग पासवान, अखिलेश यादव, चंद्रबाबू नायडू, फारूख अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला और स्टालिन एक राज्य तक सीमित हैं. एक से ज्यादा राज्य में दो ही पार्टियां हैं, भाजपा और कांग्रेस. भाजपा सत्ता में है, तो हम दूसरे नंबर की पार्टी पहले से हैं. हम दो नंबर से नीचे जा नहीं सकते.’
बिहार में कांग्रेस को वहीं टिकट मिला जहां कोई खरीददार न था
उन्होंने बिहार चुनाव में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन पर कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस के परिणाम में बहुत ज्यादा अंतर पड़ता. बिहार में कांग्रेस कई गुटों में बंटी हुई है. हमारे गठबंधन में सिर्फ दो सेक्शन बच गए हैं. एक यादव समाज, लालू यादव की वजह से, और दूसरा मुस्लिम समाज, कांग्रेस और राजद के मिलने की वजह से. बाकी लोग लगभग एक तरफ हैं. ऐसे में करीब 65 और 35 प्रतिशत का फर्क है. लेकिन कुछ उम्मीदवारों के नाम लेकर आरोप लगे हैं कि पैसा लेकर उनको टिकट दिया गया है. कांग्रेसियों को वहीं टिकट मिला, जहां पर कोई खरीदार नहीं था. इसकी कोई जांच नहीं हो रही है. इसके लिए कोई जिम्मेदारी तय नहीं हो रही है. मैं नहीं कहता कि इससे नतीजों में बहुत फर्क पड़ेगा.’
’25 सालों तक कहां सोए हुए थे राहुल गांधी?’
अहमद ने कहा, ‘राहुल गांधी बिहार चुनाव से पहले संविधान की एक प्रति लेकर घूमते थे और कहते थे कि उन्हें भाजपा और आरएसएस से संविधान बचाना है. चुनाव से एक महीने पहले से नामांकन से एक दिन पहले तक वे यही करते हैं. कांग्रेस करीब 60 सीट लड़ती है और कई सीटों पर भाजपा से नेताओं को लाकर पार्टी ने टिकट दे दिया. ऐसे में क्या राहुल गांधी संविधान बचाने के लिए भाजपा-आरएसएस से लोगों को लाकर भाजपा-आरएसएस के खिलाफ लड़ेंगे? राहुल गांधी जनता के बीच पिछड़े, दलित और आदिवासी लोगों को लेकर भाषण दे रहे हैं. सीताराम केसरी की मृत्यु के 25 साल के बाद बिहार चुनाव के चार दिन पहले वे उनकी पुण्यतिथि कर रहे हैं. 25 साल तक वे सोए हुए थे. ऐसे में क्या बिहार के पिछड़े नहीं समझते हैं कि हमारे वोट के लिए ऐसा किया जा रहा है? दिल्ली में पिछले तीन चुनावों से कांग्रेस की जो जीरो सीट आ रही है, उसके लिए कौन जिम्मेदार है?’
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