
Jaish-e-Mohammed terrorist Saifullah: जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान परस्त आतंकियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ शुरू करने वाली भारतीय सेना को आज रविवार को बड़ी सफलता हाथ लगी. सेना ने पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर किश्तवाड़ जिले में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के 2 आतंकियों को ठिकाने लगा दिया. मारे गए आतंकियों में जैश का सीनियर कमांडर रहा सैफुल्ला भी शामिल है. जबकि दूसरे आतंकी की अब तक पहचान नहीं हो पाई है. आतंकियों के पास से दो एके-47 राइफलें समेत बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया गया है.
आतंकियों के बारे में सेना को मिली थी टिप
भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने बयान जारी करके इस ऑपरेशन की विस्तार से जानकारी दी है. सेना के मुताबिक, सुरक्षाबलों को किश्तवाड़ जिले के चत्रू क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकियों के सक्रिय होने की जानकारी मिली थी. इसके बाद ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ के तहत आतंकियों के खिलाफ साझा अभियान चलाने का फैसला लिया गया.
चत्रू इलाके में हुई दहशतगर्दों से मुठभेड़
रविवार सुबह चत्रू क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया गया. पासेरकुट इलाके में पहुंचने पर सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई. आतंकी पहाड़ी की तलहटी में बने मिट्टी के एक घर में छिपे हुए थे. सुरक्षा बलों के नजदीक पहुंचने पर उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी. जिसका जवानों ने भी भरपूर जवाब दिया.
जैश आतंकी सैफुल्ला का हुआ सफाया
आतंकियों की ओर से फायरिंग बंद होने के बाद जब जवानों ने घर में तलाशी ली तो वहां पर 2 शव बरामद हुए. उनके पास से दो एके-47 राइफलें और अन्य गोला-बारूद भी मिला. मारे गए एक आतंकी की पहचान सैफुल्ला के रूप में हुई है. वह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) संगठन का एक वरिष्ठ कमांडर था और किश्तवाड़ इलाके में सक्रिय था. वह सुरक्षा बलों पर हमलों की कई घटनाओं में शामिल रहा था और कुछ समय से वहीं जंगलों में छुपा हुआ था. मारे गए दूसरे आतंकी की अब तक पहचान नहीं हो पाई है.
आतंकियों का गढ़ बन गया है चत्रू इलाका
बताते चलें कि किश्तवाड़ का चत्रू इलाका ऊंचे पहाड़ और जंगल से भरा हुआ है. जिसके चलते आतंकियों के लिए वहां पर अपना ठिकाना बनाना आसान हो जाता है. यही वजह है कि पिछले काफी समय से यह इलाका पाकिस्तानी दहशतगर्दों का गढ़ बना हुआ है. इस इलाके में पिछले महीने सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच 6 मुठभेड़ हो चुकी हैं. जिनमें एक जवान शहीद हुआ और उस्मान नाम का एक आतंकी मारा गया. उसके बाद से इलाके में सक्रिय आतंकियों का सफाया करने के लिए सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन का नया दौर शुरू किया है.

